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द वायर के रघु कर्नाड को मिला प्रतिष्ठित विंडहम-कैंपबेल पुरस्कार

साहित्य के क्षेत्र में येल यूनिवर्सिटी द्वारा दिया जाने वाला यह पुरस्कार रघु कर्नाड को उनकी किताब फारदेस्ट फील्ड: एन इंडियन स्टोरी ऑफ द सेकेंड वर्ल्ड वॉर के लिए मिला है.

रघु कर्नाड (फोटो: यशस चंद्रा)

रघु कर्नाड (फोटो: यशस चंद्रा)

नई दिल्ली: द वायर के चीफ ऑफ ब्यूरो रघु कर्नाड को साहित्य के क्षेत्र में दिए जाने वाले प्रतिष्ठित विंडहम कैंपबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया है. यह पुरस्कार अमेरिका की येल यूनिवर्सिटी द्वारा दिया जाता है.

रघु को यह पुरस्कार नॉन-फिक्शन केटेगरी में उनकी किताब ‘फारदेस्ट फील्ड: एन इंडियन स्टोरी ऑफ द सेकेंड वर्ल्ड वॉर’ (प्रकाशक: हार्पर कॉलिंस) के लिए दिया गया है.

Farthest_Field Raghu Karnad

फारदेस्ट फील्ड: एन इंडियन स्टोरी ऑफ द सेकेंड वर्ल्ड वॉर- रघु कर्नाड (प्रकाशक- हार्पर कॉलिंस)

इस साल यह पुरस्कार दुनिया भर से चुने गए 8 लेखकों को मिला है. फिक्शन केटेगरी में आयरलैंड की डेनिएल मैकलॉफ्लिन और कनाडा के डेविड चेयरिएंडी, नॉन-फिक्शन केटेगरी में रघु कर्नाड (भारत) और रेबेका सॉनिट (अमेरिका), पद्य (पोएट्री) केटेगरी में इशिऑन हचिंसन (जमैका) और क्वामे दवेस (घाना/जमैका/अमेरिका) और नाटक (ड्रामा) श्रेणी में यंग ज्यां ली (अमेरिका) और पैट्रिशिया कॉर्नेलियस (ऑस्ट्रेलिया) को चुना गया है.

सभी विजेताओं को पुरस्कार के साथ उनके लेखन में सहयोग करने के लिए 1,65,000 डॉलर भी दिए जायेंगे. 2013 में शुरू हुए यह पुरस्कार साहित्य के क्षेत्र में काफी प्रतिष्ठित माने जाते हैं.

इसके लिए दुनिया भर के अंग्रेजी भाषा में लिखने वाले लेखकों को अनाम रूप से नामित कर चयन किया जाता है. संस्था द्वारा चयनित होने पर संपर्क किए जाने पर ही लेखक को इस बारे में जानकारी मिलती है.

रघु कर्नाड को अपनी इस किताब के लिए साल 2016 में साहित्य अकादमी युवा पुरस्कार (अंग्रेजी) भी मिला था. यह किताब में दूसरे विश्व युद्ध से जुड़े कुछ भारतीयों के अनुभवों के बारे में है.