राजनीति

उत्तराखंड: पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा सांसद भुवनचंद्र खंडूरी के पुत्र कांग्रेस में शामिल

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा कि अपनी पूरी ज़िंदगी सेना और देश की रक्षा के लिए देने वाले भुवनचंद्र खंडूरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केवल इसलिए संसद की रक्षा समिति के अध्यक्ष पद से हटा दिया क्योंकि उन्होंने सरकार से यह कहा था कि सेना के पास न तो उपयुक्त हथियार हैं और न ही उसकी तैयारी ठीक है.

मनीष खंडूरी. (फोटो साभार: एएनआई)

मनीष खंडूरी. (फोटो साभार: एएनआई)

देहरादून: उत्तराखंड पूर्व मुख्यमंत्री और पौड़ी सीट से लोकसभा सांसद भुवनचंद्र खंडूरी के पुत्र मनीष खंडूरी शनिवार को राजधानी देहरादून में राहुल गांधी की जनसभा के दौरान कांग्रेस में शामिल हो गए.

मनीष के कांग्रेस में शामिल होने के बाद पिछले कई दिनों से उनके पार्टी में शामिल होने की अटकलों पर विराम लग गया है. कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने मंच पर उनका पार्टी में स्वागत किया और उनके आने पर खुशी जाहिर की.

मनीष के पिता की ईमानदारी, सच्चाई और कर्मठता की तारीफ करते हुए गांधी ने कहा कि आज उन्हें इस बात की बहुत खुशी है कि खंडूरी जी (मनीष) यहां बैठे हैं.

उन्होंने मनीष को आगे बुलाया और जनता से उनका परिचय कराते हुए कहा, ‘इनके पिता को तो आप अच्छी तरह से जानते ही हैं.’

कांग्रेस अध्यक्ष ने मनीष के अपनी पार्टी में आने का कारण भी जनता से साझा किया और कहा कि अपनी पूरी जिंदगी सेना और देश की रक्षा के लिए देने वाले भुवनचंद्र खंडूरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केवल इसलिए संसद की रक्षा समिति के अध्यक्ष पद से हटा दिया क्योंकि उन्होंने सरकार से यह कहा था कि सेना के पास न तो उपयुक्त हथियार हैं और न ही उसकी तैयारी ठीक है.

गांधी ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री मोदी ने सवाल उठाने वाले एक सच्चे देशभक्त को समिति के अध्यक्ष पद से हटा दिया. उन्होंने कहा कि मोदी तथा भाजपा में सच्चाई के लिए कोई जगह नहीं है.

मनीष खंडूरी ने कहा कि वह कांग्रेस में शामिल होकर अच्छा महसूस कर रहे है और वह पार्टी की मजबूती के लिए काम करेंगे.

उन्होंने कहा, ‘मेरा मानना है कि राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस देश को मजबूत बनाने का काम करेगी. यहां आने से पहले मैं अपने पिता से आशीर्वाद लिया. उन्होंने मुझसे पूछा कि क्या मैं सच्चाई के रास्ते पर चलूंगा तो मैंने कहा, हां.’

अपने बेटे के कांग्रेस में शामिल होने पर बीसी खंडूरी ने कहा, ‘वह एक पढ़ा-लिखा नौजवान है. वह जहां जाना चाहता है जा सकता है. मैं नहीं समझ पा रहा हूं कि आखिर सवाल क्यों उठ रहे हैं. यह नहीं हो सकता है कि वह हर जगह मेरे पीछे-पीछे चले. भाजपा में मैंने अपना योगदान दिया, उसने नहीं. वह कभी भाजपा में नहीं था.’

पूर्व मुख्यमंत्री और अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के महासचिव हरीश रावत ने भी मनीष खंडूरी का पार्टी में स्वागत करते हुए कहा कि एक उम्रदराज नेता होने के नाते वह (मनीष) उनके लिए भतीजे के समान हैं और वह उन्हें आशीर्वाद देते हैं.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)