भारत

दुनिया के खुशहाल देशों की रैंकिंग में लगातार तीसरे साल पिछड़ा भारत

संयुक्त राष्ट्र द्वारा जारी सालाना हैप्पीनेस रिपोर्ट के अनुसार भारत में लगातार खुशहाली में गिरावट देखी जा रही है. 156 देशों की सूची में इस साल 140वें पायदान पर रहा भारत, वहीं पाकिस्तान 67वें और बांग्लादेश 125वें स्थान पर.

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(प्रतीकात्मक तस्वीर: रॉयटर्स)

नई दिल्ली: संयुक्त राष्ट्र विश्व खुशहाली रिपोर्ट में इस साल भारत 140 वें स्थान पर रहा जो पिछले साल के मुकाबले सात स्थान नीचे है. फिनलैंड लगातार दूसरे साल इस मामले में शीर्ष पर रहा.

इस मामले में भारत अपने पड़ोसी देश पाकिस्तान से भी पिछड़ गया है. संयुक्त राष्ट्र सतत विकास समाधान नेटवर्क ने बुधवार को यह रिपोर्ट जारी की.

संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 2012 में 20 मार्च को विश्व खुशहाली दिवस घोषित किया था. संयुक्त राष्ट्र द्वारा ख़ुशी के स्तर को 6 कारकों पर मापा जाता है. इसमें प्रति व्यक्ति आय, स्वस्थ जीवन प्रत्याशा, सामाजिक सपोर्ट, आजादी, विश्वास और उदारता, भ्रष्टाचार को लेकर आम लोगों की सोच शामिल हैं.

इसके अलावा सकारात्मक और नकारात्मक प्रभाव और प्रभावित करने वाली वजहों का भी हर साल के हिसाब से अध्ययन किया जाता है. इसके अनुसार देशों को अंक दिए जाते हैं और उनके हिसाब से देशों की सूची बनाई जाती है.

रिपोर्ट के अनुसार, पिछले कुछ वर्षों में समग्र विश्व खुशहाली में गिरावट आई है, जो ज्यादातर भारत में निरंतर गिरावट से बढ़ी है.

भारत 2018 में इस मामले में 133 वें स्थान पर था, जबकि इस वर्ष 140वें स्थान पर रहा. पाकिस्तान 67वें, बांग्लादेश 125वें और चीन 93वें स्थान पर हैं.

संयुक्त राष्ट्र की सातवीं वार्षिक विश्व खुशहाली रिपोर्ट, जो दुनिया के 156 देशों को इस आधार पर रैंक करती है कि उसके नागरिक खुद को कितना खुश महसूस करते हैं. इसमें इस बात पर भी गौर किया गया है कि चिंता, उदासी और क्रोध सहित नकारात्मक भावनाओं में वृद्धि हुई है.

फिनलैंड को लगातार दूसरे वर्ष दुनिया का सबसे खुशहाल देश माना गया है. उसके बाद डेनमार्क, नॉर्वे, आइसलैंड और नीदरलैंड का स्थान है.

युद्धग्रस्त दक्षिण सूडान के लोग अपने जीवन से सबसे अधिक नाखुश हैं, इसके बाद मध्य अफ्रीकी गणराज्य (155), अफगानिस्तान (154), तंजानिया (153) और रवांडा (152) हैं.

दुनिया के सबसे अमीर देशों में से एक होने के बावजूद, अमेरिका खुशहाली के मामले में 19वें स्थान पर है.

मालूम हो कि साल 2018 की खुशहाली रिपोर्ट में भी भारत को पाकिस्तान और बांग्लादेश सहित अपने अन्य पड़ोसी देशों से भी नीचे स्थान मिला था.

ज्ञात हो कि इस सूची में भारत की रैंकिंग में लगातार गिरावट देखी गयी है. 2017 में भारत 4 पायदान नीचे लुढ़ककर 122वें स्थान पर पहुंचा था.

उससे पहले वह 118वें पायदान पर था. गौर करने वाली बात है कि भारत में कई राज्य सरकारों ने अपने यहां खुशहाली मंत्रालय बनाये हैं. मध्य प्रदेश और आंध्र प्रदेश के बाद अब यही पहल महाराष्ट्र में भी की जा रही है.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)