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भाजपा नेता ने कहा- दो गुजराती ठग लोगों को बेवकूफ बना रहे हैं, पार्टी से निष्कासित

भाजपा के शीर्ष नेतृत्व पर हमला करते हुए पार्टी के पूर्व प्रवक्ता आईपी सिंह ने समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव की आजमगढ़ से उम्मीदवारी का भी स्वागत किया और उन्हें अपने आवास को चुनाव अभियान कार्यालय के रूप में उपयोग करने की पेशकश की.

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पूर्व भाजपा नेता आईपी सिंह. (फोटो साभार: फेसबुक)

लखनऊ: भाजपा ने बीते सोमवार को लखनऊ के एक वरिष्ठ नेता को इसलिए निष्कासित कर दिया क्योंकि उन्होंने पार्टी के शीर्ष नेतृत्व को ‘गुजराती ठग’ कहा और पूछा कि भाजपा ने ‘प्रधानमंत्री’ चुना है या ‘प्रचार मंत्री’.

कई ट्वीट्स में भाजपा के शीर्ष नेतृत्व पर हमला करते हुए, पार्टी के पूर्व प्रवक्ता आईपी सिंह ने समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव की आजमगढ़ से उम्मीदवारी का भी स्वागत किया और उन्हें अपने आवास को चुनाव अभियान कार्यालय के रूप में उपयोग करने की पेशकश की.

पार्टी ने विज्ञप्ति में लिखा, ‘भाजपा प्रदेश अध्यक्ष के निर्देश पर आईपी सिंह को छह साल के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया गया है.’ बीते शुक्रवार को किए ट्वीट में उन्होंने लिखा, ‘मैं एक उसूलदार क्षत्रिय परिवार से हूं. दो गुजराती ठग पिछले पांच वर्षों से देश की हिंदी भाषी क्षेत्र पर कब्जा करने के बाद लोगों को परेशान कर रहे हैं, जबकि हम चुप हैं.’

सिंह ने आगे लिखा, ‘हमारा उत्तर प्रदेश गुजरात से छह गुना बड़ा है. हमारी अर्थव्यवस्था पांच लाख करोड़ रुपये की है वहीं गुजरात की सिर्फ एक लाख 15 हजार करोड़ रुपये है.’ एक अन्य ट्वीट में उन्होंने लिखा, ‘हमने प्रधानमंत्री चुना है या प्रचारमंत्री? क्या देश का प्रधानमंत्री टी-शर्ट और चाय का कप बेचते हुए अच्छा लगता है.’

उन्होंने आगे लिखा, ‘भाजपा एक ऐसी पार्टी रही है जिसने अपनी विचारधारा के जरिए लोगों के दिलों में अपनी जगह बनाई. मिस्ड कॉल और टी-शर्ट के जरिए लोगों को जोड़ना असंभव है.’

सिंह ने लिखा, ‘पूर्वी यूपी के लोग बहुत खुश हैं और पूर्वांचल से अखिलेश यादव की उम्मीदवारी की घोषणा के बाद यहां के युवा उत्साहित हैं. यह जाति और धर्म की राजनीति का अंत है.’ अपने निष्कासन पर प्रतिक्रिया देते हुए, सिंह ने फिर ट्वीट किया, ‘मुझे मीडिया मित्रों से पता चला है कि मुझे पार्टी से छह साल के लिए निष्कासित कर दिया गया है.’

उन्होंने कहा, ‘मैंने पार्टी को अपने तीन दशक दिए हैं. यहां तक कि सच बोलना भी पार्टी में एक अपराध है. पार्टी ने अपना आंतरिक लोकतंत्र खो दिया है. मुझे माफ करना नरेंद्र मोदी जी! मैं आपकी आंखों पर पट्टी के साथ आपके चौकीदार के रूप में काम नहीं कर सकता.’

सिंह ने 2019 के आम चुनावों में भाजपा के उम्मीदवार के रूप में कथित तौर पर केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह की जगह लेने के लिए पिछले साल भाजपा अध्यक्ष अमित शाह को पत्र लिखा था.

(समाचार एजेंसी पीटीआई से इनपुट के साथ)