भारत

गोवा के उपमुख्यमंत्री बर्खास्त, मुख्यमंत्री ने कहा- उन्होंने गठबंधन के ऊपर निजी हित को रखा

मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने कहा, ‘सामान्य न्यूनतम कार्यक्रम में एक शर्त यह थी कि कोई भी गठबंधन सहयोगी शिरोडा विधानसभा उपचुनाव नहीं लड़ेगा. उपमुख्यमंत्री सुदीन धवलीकर के भाई दीपक धवलिकर ने शिरोडा विधानसभा क्षेत्र से वापसी से इनकार कर दिया.’

गोवा के नए मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत (फोटो: पीटीआई)

गोवा के नए मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत (फोटो: पीटीआई)

पणजी: गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने बुधवार को उपमुख्यमंत्री सुदीन धवलीकर को बर्खास्त करने के अपने फैसले का बचाव किया और दावा किया कि महाराष्ट्रवादी गोमांतक पार्टी (एमजीपी) के विधायक सरकार के सामान्य न्यूनतम कार्यक्रम (कॉमन मिनिमम प्रोग्राम) का पालन करने में विफल रहे.

बुधवार की सुबह, महाराष्ट्रवादी गोमांतक पार्टी के तीन में से दो विधायक सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गए, लेकिन तीसरे विधायक धवलिकर ने ऐसा करने से इनकार कर दिया था. सावंत ने इसके तुरंत बाद ही धवलीकर को मंत्रिमंडल से बर्खास्त कर दिया.

अब 40 सदस्यीय राज्य विधानसभा में भाजपा की ताकत बढ़कर 14 विधायकों की हो गई है. कांग्रेस के भी इतने ही विधायक हैं, जबकि एमजीपी के पास अब सिर्फ एक विधायक है.

सावंत ने इस बात से इनकार किया है कि भाजपा ने गठबंधन सहयोगी एमजीपी के भीतर दरार पैदा कर दी है. उन्होंने 17 मार्च को अपने पूर्ववर्ती मनोहर पर्रिकर की मृत्यु के बाद मुख्यमंत्री के रूप में कार्यभार संभाला था.

सावंत ने कहा कि उनके पूर्व डिप्टी सीएम ने गठबंधन के शर्तों का उल्लंघन किया और इसके ऊपर अपना निजी स्वार्थ रखा था. सावंत ने कहा, ‘सामान्य न्यूनतम कार्यक्रम में एक शर्त यह थी कि कोई भी गठबंधन सहयोगी शिरोडा विधानसभा उपचुनाव नहीं लड़ेगा. लेकिन एमजीपी के अध्यक्ष दीपक धवलिकर (सुदीन धवलिकर के भाई) ने शिरोडा विधानसभा क्षेत्र से वापसी से इनकार कर दिया, जहां भाजपा ने अपने उम्मीदवार को मैदान में उतारने की योजना बनाई है.’

एमजीपी विधायकों मनोहर अजगांवकर और दीपक पावस्कर ने अपनी विधायिका विंग का गठन किया और भाजपा में विलय कर दिया. सावंत ने कहा, ‘दोनों विधायक एमजीपी में सहज महसूस नहीं कर रहे थे. वे इस बात से भी आशंकित थे कि उन्हें पार्टी से निकाल दिया जाएगा. इसलिए वे उनसे अलग हो गए और मुझसे संपर्क किया.’

उन्होंने गोवा में लोकसभा की दोनों सीटों पर चुनाव लड़ने के धवलीकर के नेतृत्व वाली पार्टी के फैसले को महत्व नहीं दिया और कहा कि इससे चुनाव में भाजपा की बाधाओं का असर नहीं पड़ेगा.

शिरोडा, मंड्रेम और मापुसा में लोकसभा चुनाव और विधानसभा उपचुनाव 23 अप्रैल को होंगे.

(समाचार एजेंसी पीटीआई की इनपुट के साथ)