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मिशन शक्ति पर प्रधानमंत्री मोदी के संबोधन की नहीं थी जानकारी: चुनाव आयोग

27 मार्च को प्रधानमंत्री के राष्ट्र के नाम संबोधन के बारे में राजनीतिक दलों की शिकायत के बाद चुनाव आयोग ने बताया कि इस बारे में न तो प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से आयोग को सूचित किया गया था और न ही अनुमति मांगी गई थी.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी. (फोटो साभार: पीआईबी)

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी. (फोटो साभार: पीआईबी)

नई दिल्ली: मिशन शक्ति की उपलब्धि के बारे में बीते बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शन व आकाशवाणी पर संबोधिन से पहले चुनाव आयोग को कोई सूचना नहीं दी गई थी. चुनाव उपायुक्त संदीप सक्सेना ने लोकसभा चुनाव की तैयारियों के बारे में गुरुवार को आयोजित संवाददाता सम्मेलन में ये बात बताई.

सक्सेना ने कहा, ‘प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से आयोग को इस मामले में न तो सूचित किया गया था और न ही अनुमति मांगी गई थी.’

मिशन शक्ति की कामयाबी से देश को अवगत कराने के लिए मोदी के संबोधन को चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन बताते हुए माकपा नेता सीताराम येचुरी ने इसकी शिकायत आयोग से की थी.

येचुरी ने कहा था कि, निसंदेह यह बड़ी उपलब्धि है लेकिन अब तक इस तरह के मिशन को आम तौर पर डीआरडीओ से संबंधित वैज्ञानिकों द्वारा राष्ट्र और दुनिया के लिए घोषित किया जाता था. इसके बजाय भारतीय प्रधानमंत्री ने इसकी घोषणा की है, वह भी चुनाव अभियान के दौरान और जब प्रधानमंत्री खुद उम्मीदवार हैं. यह साफतौर पर आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन है.

माकपा के महासचिव सीताराम येचुरी ने मुख्य चुनाव आयुक्त को पत्र लिखकर पीएम के खिलाफ शिकायत दर्ज करायी थी.

सक्सेना के आगे कहा, ‘संबोधन के बाद यह मामला विभिन्न माध्यमों से आयोग के संज्ञान में आया था. इससे चुनाव आचार संहिता के उल्लंघन का पता लगाने के लिए गठित समिति की अब तक दो बैठकें हो चुकी हैं. इस मामले में शामिल कानून और आचार संहिता के उल्लंघन के पहलुओं की जांच के लिए दूरदर्शन और आकाशवाणी सहित अन्य संबद्ध पक्षकारों से भी सभी तथ्य और जानकारियां मांगी गई हैं’

साथ ही सक्सेना ने ये भी बताया कि दूरदर्शन और आकाशवाणी से संबोधन के प्रसारण से जुड़ी जानकारियां आयोग को भेजी गई हैं.

यह पूछे जाने पर कि जांच पूरी होने में कितना समय लगेगा, सक्सेना ने कहा कि हमें उम्मीद है कि जांच जल्द पूरी हो जाएगी, हमारी कोशिश है कि शुक्रवार तक हम जांच पूरी कर किसी निष्कर्ष पर पहुंच सकेंगे.

प्रधानमंत्री मोदी द्वारा मिशन शक्ति के बारे में एक जनसभा में फिर से बोले जाने के कारण राजनेताओं को इस बारे में बोलने से रोकने के सवाल पर सक्सेना ने कहा कि इस मामले में आचार संहिता के उल्लंघन की जांच किसी निष्कर्ष पर पहुंचने तक इस बारे में कुछ भी कहना संभव नहीं होगा.

इसे लेकर कई विपक्षी दलों ने पीएम मोदी की आलोचना की थी और कहा कि उन्होंने चुनावी फायदे के मकसद से संबोधित किया. बाद में मामला चुनाव आयोग तक पहुंचा. आयोग द्वारा इसकी जांच कराने के लिए बुधवार को ही एक कमेटी का गठन कर दिया गया था.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)