भारत

साल भर में अनुमान से करीब दो लाख करोड़ रुपये बढ़ा राजकोषीय घाटा

कंट्रोलर जनरल ऑफ अकाउंट्स के आंकड़ों के अनुसार, अप्रैल 2018 से फरवरी 2019 के दौरान राजकोषीय घाटा 8.51 लाख करोड़ रुपये रहा है जो पूरे साल के लिए संशोधित बजट अनुमान 6.34 लाख करोड़ रुपये से 134.2 प्रतिशत अधिक है.

New Delhi: Prime Minister Narendra Modi at the silver jubilee celebration of National Human Right Commission, in New Delhi, Friday, Oct 12, 2018. (PTI Photo/Atul Yadav) (PTI10_12_2018_100099B)

(फोटो: पीटीआई)

नई दिल्ली: देश का राजकोषीय घाटा फरवरी 2019 के अंत तक पूरे साल के संशोधित बजट अनुमान के 134.2 प्रतिशत पर पहुंच गया है. शुक्रवार को जारी आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, राजकोषीय घाटा बढ़ने का मुख्य कारण राजस्व संग्रह की वृद्धि कम रहना रहा.

लेखा महानियंत्रक (सीजीए) के आंकड़ों के अनुसार, अप्रैल-फरवरी, 2018-19 में राजकोषीय घाटा 8.51 लाख करोड़ रुपये रहा है जो पूरे साल के लिए संशोधित बजट अनुमान 6.34 लाख करोड़ रुपये से 134.2 प्रतिशत अधिक है.

हालांकि, आर्थिक मामलों के सचिव एससी गर्ग ने संवाददाताओं से कहा कि सरकार राजकोषीय घाटे को सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के 3.4 प्रतिशत पर सीमित रखने को प्रतिबद्ध है.

आंकड़ों के अनुसार, केंद्र सरकार की राजस्व प्राप्तियां 12.65 लाख करोड़ रहीं जो संशोधित बजट अनुमान का 73.2 प्रतिशत हैं. इससे पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में राजस्व प्राप्तियां बजट अनुमान का 78.2 प्रतिशत थीं.

सरकार का कर राजस्व 10.94 लाख करोड़ रुपये और गैर कर राजस्व 1.7 लाख करोड़ रुपये रहा.

अप्रैल-फरवरी, 2018-19 की अवधि में सरकार का कुल खर्च 21.88 लाख करोड़ रुपये (बजट अनुमान का 89.08 प्रतिशत) रहा. इसमें से 19.15 लाख करोड़ रुपये राजस्व खाते का 2.73 लाख करोड़ रुपये पूंजी खाता का था.

इस बीच वित्त मंत्रालय ने बयान में कहा कि फरवरी तक केंद्र सरकार ने राज्यों को कर में उनके हिस्से के तहत 5.96 लाख करोड़ रुपये स्थानांतरित किए. यह 2017-18 की समान अवधि से 67,043 करोड़ रुपये अधिक है.

विदेशी मुद्रा भंडार में बढ़ोतरी जारी, 406.66 अरब डॉलर पर पहुंचा

देश का विदेशी मुद्रा भंडार में लगातार तीसरे सप्ताह तेजी जारी रही. रिजर्व बैंक के आंकड़ों के अनुसार विदेशी मुद्रा भंडार 22 मार्च को समाप्त सप्ताह में 1.02 अरब डॉलर बढ़कर 406.66 अरब डॉलर हो गया.

विदेशी मुद्रा आस्तियों में भारी वृद्धि होने के कारण यह वृद्धि संभव हुई है. इससे पिछले सप्ताह विदेशी मुद्रा भंडार 3.6 अरब डॉलर बढ़कर 405.6 अरब डॉलर रहा था.

रिज़र्व बैंक ने कहा कि समीक्षाधीन सप्ताह में, विदेशी मुद्रा भंडार का अहम हिस्सा यानी विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियां 1.03 अरब डॉलर बढ़कर 378.805 अरब डॉलर हो गईं.

देश का विदेशी मुद्रा भंडार इससे पहले 13 अप्रैल, 2018 को समाप्त सप्ताह में 426.02 अरब डॉलर के रिकॉर्ड उच्च स्तर पर पहुंच गया था. लेकिन इसके बाद से इसमें काफी गिरावट आई है.

केन्द्रीय बैंक ने कहा कि समीक्षाधीन सप्ताह में देश का आरक्षित स्वर्ण भंडार 23.40 अरब डॉलर पर अपरिवर्तित रहा.

सप्ताह के दौरान अंतरराष्ट्रीय मुद्राकोष (आईएमएफ) के पास सुरक्षित विशेष निकासी अधिकार सात लाख डॉलर घटकर 1.46 अरब डॉलर रह गया. केन्द्रीय बैंक ने कहा कि आईएमएफ में देश का आरक्षित भंडार भी 15 लाख डॉलर घटकर 2.99 अरब डॉलर रह गया.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)