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किसान ने ख़ुदकुशी की, सुसाइड नोट में महाराष्ट्र सरकार को ज़िम्मेदार ठहराया

महाराष्ट्र के यवतमाल जिले का मामला. पुलिस ने बताया कि सुसाइड नोट की जांच की जाएगी कि क्या असल में इसे मृतक किसान ने ही लिखा था. हैंडराइटिंग एक्सपर्ट से इसकी जांच कराई जाएगी.

Yavatmal

नागपुरः महाराष्ट्र के यवतमाल जिले में एक किसान ने कथित तौर पर फसल नष्ट होने और कर्ज के बोझ की वजह से आत्महत्या कर ली है.

इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस का कहना है कि यवतमाल के पंधारकावडा तहसील के पहापाल के 52 वर्षीय किसान धनराज बलिराम नवहटे का सुसाइड नोट मिला है. किसान ने अपनी दुर्दशा के लिए राज्य में भाजपा-शिवसेना सरकार को जिम्मेदार ठहराया है.

पुलिस अधिकारी का कहना है कि नवहटे के पास चार एकड़ कृषि योग्य जमीन थी और उन पर दो लाख रुपये का कर्ज था.

उनके परिवार के मुताबिक, हाल के कुछ वर्षों में उनकी फसल बार-बार नष्ट हो रही थी.

नवहटे अपनी बेटी से मिलने के लिए बुधवार सुबह घर से निकले थे लेकिन अगले दिन शाम तक वापस नहीं लौटे. उनका शव उनके खेत के गड्ढे से मिला. शुरुआती जांच में पता चला है कि उन्होंने जहर पी लिया है.

उनके शव के पास से एक सुसाइड नोट मिला है, जिसमें लिखा था कि मौजूदा सरकार की निंदा की जानी चाहिए और साथ में यह भी लिखा था कि कांग्रेस सबका ख़्याल रखती है.

पुलिस अधिकारी का कहना है कि सुसाइड नोट की जांच की जाएगी कि क्या असल में इसे नवहटे ने ही लिखा था. हैंडराइटिंग एक्सपर्ट इसकी जांच करेंगे.

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस सूत्रों के मुताबिक, मृतक किसान के भाई ने यह सुसाइड नोट पुलिस को सौंपा. रिपोर्ट के अनुसार, सुसाइड नोट मराठी भाषा में लिखा गया है. एक हार को भी गिरवी रखने की बात लिखी गई है. सुसाइड नोट में कथित तौर पर इस कर्जदाता का नाम भी लिखा हुआ है.

नवहटे के बेटे गजानन ने बताया, ‘उनके पिता चिंतित थे क्योंकि उन पर लगभग तीन लाख रुपये का कर्ज था. उन्होंने एक स्थानीय कर्जदाता के पास आभूषण गिरवी रखे थे, जिन्हें वह छुड़ा नही पा रहे थे.’

उन्होंने कहा, ‘मेरे पिता ने मेरी बहन की शादी के लिए दो साल पहले कर्ज भी लिया था, जिसे वह चुका नहीं पा रहे थे. वह मेरी बहन से मिलने हिंगनघाट उसके घर के लिए निकले थे लेकिन वापस घर नहीं लौटे. पूरे दिन उनकी खोजबीन के बाद उनका शव आखिरकार खेत से मिला. उन्होंने जहर पी लिया था.’

नवहटे की पत्नी छाया ने बताया, ‘यह साल बुरा था, कपास और अरहर की फसलें चौपट रहीं और बढ़ते कर्ज ने उनकी चिंता बढ़ा दी थी.’

यवतमाल के पुलिस अधीक्षक एम. राजकुमार ने कहा कि दुर्घटनावश मृत्यु का मामला दर्ज कर लिया गया है.

मृतक किसान के परिवार में पत्नी, दो शादीशुदा बेटियां और एक बेटा है.