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अमेठी और केरल के वायनाड से लोकसभा चुनाव लड़ेंगे राहुल गांधी

केरल के मुख्यमंत्री पिनरई विजयन ने कहा कि हम राहुल गांधी के खिलाफ लड़ेंगे. उन्हें किसी ऐसी सीट से लड़ना चाहिए था जहां से भाजपा लड़ रही है. यह और कुछ नहीं बल्कि लेफ्ट के खिलाफ लड़ाई है.

 कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी (फोटो: पीटीआई)

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी (फोटो: पीटीआई)

नई दिल्ली: कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी उत्तर प्रदेश में अपने पारंपरिक गढ़ अमेठी के अलावा केरल की वायनाड संसदीय सीट से भी चुनाव लड़ेंगे.

केरल से कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व रक्षा मंत्री एके एंटनी ने रविवार को यह घोषणा की. उन्होंने कहा कि गांधी ने प्रदेश इकाई के अनुरोध के बाद वायनाड से लड़ने पर सहमति जताई है.

एंटनी ने कहा, ‘राहुल गांधी केरल की वायनाड संसदीय सीट से चुनाव लड़ेंगे.’ इस फैसले को कांग्रेस की तरफ से दक्षिण भारत, खासकर केरल में अपने जनाधार को मजबूत करने के प्रयास के तौर पर देखा जा रहा है.

कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा, ‘यह दक्षिणी राज्यों को एक संदेश है कि वे अत्यंत सम्मानित हैं एवं उन्हें बेहद मूल्यवान माना जाता है. कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा है कि वह अमेठी का प्रतिनिधित्व करेंगे लेकिन वह दक्षिणी राज्यों का भी प्रतिनिधित्व करेंगे क्योंकि वे भारतीय जनजीवन का अहम हिस्सा हैं.’

उन्होंने कहा कि गांधी ने कहा है कि अमेठी उनकी ‘कर्मभूमि’ है और वह उसे कभी नहीं छोड़ेंगे. केरल, कर्नाटक और तमिलनाडु की प्रदेश इकाइयों ने ऐसे वक्त में उनसे दक्षिण भारत से लड़ने का आग्रह किया है जब ‘मोदी सरकार की तरफ से भाषा एवं संस्कृति पर हमले हो रहे हैं.’

कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा, ‘यह दक्षिण भारत की आकांक्षाओं के समर्थन की लड़ाई है. यह उन ताकतों को करारा जवाब देने की लड़ाई है जो संस्कृतियों, भाषाओं एवं जीवनशैली के साथ ही उत्तर एवं दक्षिण भारत के बीच गहरे संपर्क पर हमला करते हैं.’

सुरजेवाला ने कहा कि अमेठी के लोग इस तथ्य पर भरोसा करते हैं कि राहुल गांधी के वहां रहने से वे सुरक्षित हैं. उन्होंने कहा, ‘भाजपा का काम षड्यंत्र रचने का है जबकि हमारा कार्य निर्माण का है.’

कांग्रेस नेता एंटनी ने कहा कि वायनाड केरल में स्थित है लेकिन वह तमिलनाडु और कर्नाटक से भी घिरा हुआ है. उन्होंने कहा, ‘एक तरीके से यह तीनों दक्षिणी राज्यों के अनुरोध को संतुष्ट करेगा.’

एंटनी ने कहा कि इन तीनों राज्यों की तरफ से राहुल से कई आग्रह किए गए. उन्होंने कहा, ‘इसलिए वायनाड पर विचार के सबसे बड़े कारणों में से एक यह था कि यह तीन दक्षिणी राज्यों का त्रिकोणीय जंक्शन है.’

पिछले कुछ हफ्तों से कांग्रेस के कई नेता एवं कार्यकर्ता कांग्रेस अध्यक्ष से दक्षिण की किसी सीट से चुनाव लड़ने का आग्रह कर रहे थे और उन्होंने उनका अनुरोध स्वीकार कर लिया.

समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार, राहुल गांधी के केरल से लड़ने पर वहां की सत्ताधारी लेफ्ट पार्टी सीपीआई (एम) ने तीखी प्रतिक्रिया दी है.

सीपीएम के पूर्व महासचिव प्रकाश करात ने कहा, ‘राहुल गांधी को वायनाड से लड़ाने का कांग्रेस का फैसला दिखाता है कि अब उनकी प्राथमिकता केरल में लेफ्ट से लड़ने की है. यह भाजपा के खिलाफ लड़ने की कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रतिबद्धता के साथ खिलाफ जाएगा. इसके साथ ही यह केरल में भी भाजपा से लड़ने के खिलाफ जाएगा क्योंकि वहां भाजपा की मुख्य प्रतिद्वंदी एलडीएफ है.’

उन्होंने कहा, ‘लेफ्ट के खिलाफ राहुल गांधी को खड़ा करने का मतलब केरल में लेफ्ट का निशाना बनाने से है. इसका हम सख्त विरोध करेंगे और इस चुनाव में यह सुनिश्चित करेंगे कि राहुल गांधी वायनाड से चुनाव हार जाएं.’

वहीं केरल के मुख्यमंत्री पिनरई विजयन ने कहा, ‘वह (राहुल गांधी) केरल की 20 संसदीय सीटों में से एक पर लड़ रहे हैं और इसे किसी अलग तरह से देखने की जरूरत नहीं है. हम उनके खिलाफ लड़ेंगे. उन्हें किसी ऐसी सीट से लड़ना चाहिए था जहां से भाजपा लड़ रही है. यह और कुछ नहीं बल्कि लेफ्ट के खिलाफ लड़ाई है.’

बता दें कि केरल के वायनाड से राहुल गांधी की उम्मीदवारी की घोषणा करने से पहले कांग्रेस ने वहां से अपने 12 उम्मीदवारों के नामों की घोषणा कर दी थी.

केरल में कांग्रेस 20 में से 16 सीटों पर चुनाव लड़ रही है. बाकी की चार सीटें उसने गठबंधन के अपने सहयोगियों के लिए छोड़ दी हैं. दो सीट इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग को जबकि एक-एक सीट केरल कांग्रेस (मणि) और सोशलिस्ट पार्टी (आरएसपी) को दी है.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)