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बिहार: एसडीएम से बदसलूकी पर केंद्रीय अश्विनी कुमार चौबे के ख़िलाफ़ एफआईआर दर्ज

केंद्रीय मंत्री अश्विनी कुमार चौबे  के अलावा अन्य 150 लोगों के ख़िलाफ़ मामला दर्ज किया गया है. बिहार के बक्सर में शनिवार को आचार संहिता के उल्लंघन को लेकर काफिले को रोकने पर अश्विनी कुमार चौबे ने एसडीएम को धमकाया था.

The Minister of State for Health & Family Welfare, Shri Ashwini Kumar Choubey briefing the media on the status of AIIMS under the Pradhan Mantri Swasthya Suraksha Yojana (PMSSY), in New Delhi on October 11, 2017.

स्वास्थ्य राज्यमंत्री अश्विनी कुमार चौबे. (फोटो: पीटीआई)

पटना: बिहार के बक्सर में एसडीएम के साथ बदसलूकी के मामले में केंद्रीय मंत्री अश्विनी चौबे सहित 150 लोगों के ख़िलाफ़ विभिन्न धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की गई है. इसमें भाजपा नेता राणा प्रताप सिंह का भी नाम शामिल है.

अमर उजाला में छपी खबर के मुताबिक केंद्रीय मंत्री व बक्सर से भाजपा उम्मीदवार अश्विनी कुमार चौबे पर एसडीएम केके उपाध्याय के साथ बदतमीजी को लेकर एफआईआर दर्ज की गई है.

अश्विनी कुमार चौबे और भाजपा नेता राणा प्रताप सिंह सहित 150 लोगों के ख़िलाफ़ भारतीय दंड संहिता की कई धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है.

चौबे के ख़िलाफ़ सरकारी कार्य में बाधा डालने, अमर्यादित भाषा का प्रयोग करने तथा चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन करने का आरोप लगाया गया है. एसडीएम केके उपाध्याय ने चौबे के ख़िलाफ़ एफआईआर दर्ज कराई है.

गौरतलब है कि शनिवार को बिहार के बक्सर में एसडीएम केके उपाध्याय ने कथित तौर पर आचार संहिता के उल्लंघन को लेकर मंत्री अश्विनी कुमार चौबे के काफिले को रोक दिया था, जिससे वह भड़क गए और उन्हें धमकाने लगे.

चौबे को बक्सर से एक बार फिर टिकट दिया गया है. उन्हें आचार संहिता के उल्लंघन को लेकर एसडीएम ने रोका था. चौबे ने चुनाव आयोग द्वारा निर्धारित समयसीमा से अधिक समय तक एक सार्वजनिक सभा को संबोधित किया और उनके काफिले में लगभग 40 वाहन शामिल थे, जो कि तय संख्या से अधिक है.

सोशल मीडिया में वायरल इस वीडियो में अश्विनी कुमार चौबे द्वारा एसडीएम से बदसलूकी करते देखा जा सकता है. वह कहते हैं, ‘ख़बरदार, तमाशा मत कीजिए.’

एसडीएम कहते हैं, ‘आदेश वाहनों को जब्त करने का है, न कि मंत्री को.’ इस पर मंत्री जाते हुए कहते हैं, ‘गाड़ियां मेरी हैं, ये जब्त नहीं की जा सकती हैं.’ एसडीएम केके उपाध्याय ने बाद में संवाददाताओं से कहा कि कानून के प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाएगी.

इस पर एसडीएम धीरे से जवाब देते हैं, ‘जो चुनाव आयोग का आदेश आया है, वो मानना पड़ेगा.’ इस पर गुस्साए मंत्री कहते हैं, ‘ठीक है तो मुझे जेल भेजिए, ले चलिए जेल.’ इसके बाद उनके काफिले में शामिल कार्यकर्ता जिंदाबाद के नारे लगाने लगे और मंत्री की गाड़ी आगे बढ़ गई.

इस घटना के बाद एसडीएम ने कहा था कि केंद्रीय मंत्री ने आचार संहिता का उल्लंघन किया है इसलिए उन पर कार्रवाई होगी.