राजनीति

केरल की वायनाड सीट से कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने​ नामांकन दाख़िल किया

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने गुरुवार को वायनाड में कहा कि वह माकपा के सारे हमलों को झेलेंगे, लेकिन प्रचार अभियान के दौरान वाम दलों के ख़िलाफ़ कुछ नहीं बोलेंगे.

Wayanad: Congress President Rahul Gandhi along with party General Secretary and Uttar Pradesh - East in charge Priyanka Gandhi Vadra and other leaders wave at party supporters during a roadshow ahead of the former's nomination filing, ahead of the Lok Sabha elections, in Wayanad, Thursday, April 4, 2019. (PTI Photo/Shailendra Bhojak)(PTI4_4_2019_000065B)

केरल के वायनाड से गुरुवार को नामांकन दाख़िल करने के बाद कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने प्रियंका गांधी और राज्य के अन्य नेताओं के साथ रोड शो किया. (फोटो: पीटीआई)

कालपेट्टा/वायनाड: कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने गुरुवार को केरल की वायनाड लोकसभा सीट से नामांकन दाख़िल किया. गांधी यहां अपनी बहन प्रियंका गांधी, केसी वेणुगोपाल तथा मुकुल वासनिक सहित कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं के साथ पहुंचे.

जिला मुख्यालय में उन्होंने जिला कलेक्टर एआर अजय कुमार को दस्तावेज सौंपें.

कांग्रेस प्रमुख की हाई प्रोफाइल यात्रा के मद्देनज़र कलेक्ट्रेट कार्यालय के आसपास कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई थी.

इससे पहले गांधी, प्रियंका और अन्य नेता यहां एक विशेष हेलीकॉप्टर के ज़रिये पहुंचे थे, जिसे नज़दीक के एक स्कूल के ग्राउंड में उतारा गया था.

चिलचिलाती गर्मी के बीच, यहां महिलाओं और युवाओं सहित पार्टी के हज़ारों कार्यकर्ताओं ने पार्टी के झंडे लहराए और नारे लगाए.

नामांकन दाख़िल करने के बाद राहुल गांधी ने प्रियंका गांधी के साथ एक खुले वाहन में रोडशो शुरू किया.

नामांकन दाख़िल करने के बाद कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने अपनी बहन प्रियंका गांधी के साथ लोकसभा चुनाव के लिए वायनाड निर्वाचन क्षेत्र में प्रचार अभियान शुरू किया. यहां 23 अप्रैल को मतदान होना है.

एआईसीसी प्रमुख ने ज़िला कलेक्टर के कार्यालय में नामांकन दाख़िल करने के बाद पूर्व मुख्यमंत्री ओमन चांडी और केरल विधानसभा में विपक्ष के नेता रमेश चेन्नितला सहित राज्य के कई नेताओं के साथ एक खुले वाहन में रोड-शो शुरू किया.

मोदी सरकार में भाषा, संस्कृति और इतिहास पर हमले हो रहे हैं: राहुल गांधी

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने गुरुवार को वायनाड में कहा कि वह माकपा के सारे हमलों को झेलेंगे, लेकिन प्रचार अभियान के दौरान वाम दलों के ख़िलाफ़ कुछ नहीं बोलेंगे, जो केरल के वायनाड से उनकी उम्मीदवारी को लेकर नाराज़ हैं.

वायनाड लोकसभा सीट से नामांकन दाख़िल करने के बाद पत्रकारों से बात करते हुए गांधी ने यह भी कहा कि वह उत्तर और दक्षिण की सीटों से एक संदेश देने के लिए लड़ रहे हैं.

कांग्रेस अध्यक्ष उत्तर प्रदेश के अमेठी के अपने परंपरागत गढ़ के साथ ही केरल की वायनाड सीट से भी चुनाव लड़ रहे हैं.

उन्होंने कहा, ‘माकपा और कांग्रेस के बीच केरल में चुनावी मुक़ाबला है. यह चलता रहेगा. मैं समझता हूं कि माकपा को मुझसे लड़ना पड़ेगा. लेकिन मैं माकपा के ख़िलाफ़ एक शब्द नहीं कहूंगा.’

गांधी ने कहा, ‘मैं यहां एकता का संदेश देने आया हूं कि दक्षिण भारत भी महत्वपूर्ण है और मैं पूरी तरह समझता हूं कि माकपा को मुझ पर हमला करना है. इसलिये, मैं उनके सारे हमले खुशी से झेलूंगा, लेकिन मेरे मुंह से प्रचार अभियान के दौरान आप उनके ख़िलाफ़ एक शब्द भी नहीं सुनेंगे.’

उन्होंने कहा कि देश के सामने दो मुख्य मुद्दे हैं, ‘नौकरियों की कमी और कृषि संकट.’

प्रधानमंत्री पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा, ‘किसान इस बात से अनभिज्ञ हैं कि भविष्य में उनके लिए क्या है. युवा रोज़गार की तलाश में राज्य दर राज्य भटक रहे हैं और (प्रधानमंत्री) नरेंद्र मोदी दोनों ही मोर्चों पर विफल हुए हैं.’

गांधी ने यह भी कहा, ‘प्रधानमंत्री ने जब कहा कि वह चौकीदार होंगे तो देश ने उन पर भरोसा किया, लेकिन चौकीदार ने ख़ुद अनिल अंबानी को वायुसेना का 30,000 करोड़ रुपये दे दिए.’

राजग सरकार पर एक बार फिर राफेल सौदे को लेकर हमला करते हुए राहुल ने कहा, ‘उन्होंने (मोदी ने) रुपये चुराए और अनिल अंबानी को दे दिए जिन्हें कोई अनुभव (विमान निर्माण का) नहीं था. अनिल अंबानी 45,000 करोड़ रुपये के क़र्ज़ में हैं.’

हालांकि सरकार ने राफेल सौदे में किसी भी तरह के भ्रष्टाचार से बार-बार इनकार किया है.

वायनाड से अपनी उम्मीदवारी पर गांधी ने कहा, ‘वह संदेश देना चाहते थे कि भारत एक है.’

राहुल ने कहा, ‘मैं केरल एक संदेश देने आया हूं कि भारत एक है. दक्षिण, उत्तर, पूर्व, पश्चिम, मध्य… सब एक हैं. देश भर में संघ और भाजपा द्वारा हमले किए जा रहे हैं. मैं सिर्फ़ एक संदेश देना चाहता था कि मैं दक्षिण भारत और उत्तर भारत से खड़ा होऊंगा. मेरा उद्देश्य एक संदेश देना था.’

गांधी ने कहा, ‘दक्षिण भारत में यह धारणा है कि जिस तरह से नरेंद्र मोदी सरकार काम कर रही है, उनकी संस्कृति, भाषा, इतिहास सब पर हमले हो रहे हैं. इसलिए मैं एक संदेश देना चाहता था कि मैं उत्तर और दक्षिण से लड़ूंगा.’