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अगस्ता वेस्टलैंडः क्रिश्चियन मिशेल ने अदालत में कहा, मैंने ईडी के सामने किसी का नाम नहीं लिया

ब्रिटिश मूल के क्रिश्चियन मिशेल पर अगस्ता वेस्टलैंड वीवीआईपी हेलीकॉप्टर घोटाले में 6 करोड़ यूरो की दलाली में अहम भूमिका निभाने का आरोप है. मिशेल के वकील का कहना है कि ईडी ने चार्जशीट की प्रति आरोपी को देने से पहले मीडिया में लीक कर दी. ईडी सरकार के हाथों की कठपुतली की तरह काम कर रही है.

New Delhi: Agusta Westland scam accused middleman Christian Michel at CBI headquarters in New Delhi, on early Wednesday, Dec. 5, 2018. (PTI Photo/Ravi Choudhary)(PTI12_5_2018_000001B)

अगस्ता वेस्टलैंड मामला में बिचौलिए की भूमिका निभाने वाला मुख्य आरोपी क्रिश्चियन मिशेल (फोटो: पीटीआई)

नई दिल्लीः अगस्ता वेस्टलैंड वीवीआईपी हेलीकॉप्टर घोटाले के कथित बिचौलिए क्रिश्चियन मिशेल ने शुक्रवार को दिल्ली अदालत को बताया कि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के समक्ष पूछताछ के दौरान उन्होंने किसी का भी नाम नहीं लिया है.

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, मिशेल ने सवाल उठाते हुए कहा कि ईडी ने पूरक आरोपपत्र की प्रति उनके साथ साझा करने से पहले ही इसका ब्यौरा  मीडिया में लीक कर दिया.

मिशेल की याचिका पर विशेष जज अरविंद कुमार ने ईडी को नोटिस जारी कर शनिवार तक जवाब मांगा है.

मिशेल के वकील अल्जो के जोसेफ ने अदालत को बताया, ‘ईडी ने मिशेल से लोगों के कुछ संभावित इनिशियल देने को कहा था और उसने वही किया. उन्होंने (मिशेल) ने ईडी के समक्ष अपने बयान में किसी का नाम नहीं लिया.’

मिशेल के बयान का हवाला देते हुए ईडी ने कहा था, क्रिश्चिन मिशेल के मुताबिक, एपी का मतलब अहमद पटेल और फैम का मतलब फैमिली यानी परिवार है.

जोसेफ ने अदालत से आग्रह किया कि वह ईडी से पूछे कि यह आरोपपत्र मीडिया में कैसे लीक हुआ. जोसेफ ने कहा कि ईडी ने जानबूझकर आरोपपत्र की प्रति मीडिया को मुहैया कराई और मीडिया इस मामले को सनसनीखेज बनाने के लिए इसे किश्तों में प्रकाशित कर रहे हैं.

इस पर जज ने कहा कि ईडी का पक्ष सुने बिना इस याचिका पर आदेश पारित नहीं किया जा सकता. अदालत शनिवार को इस पर फैसला करेगा कि क्या आरोपपत्र पर संज्ञान लेते हुए आरोपी को समन किया जाए.

मालूम हो कि गुरुवार को दायर चार्जशीट में आरोपियों की सूची में तीन नए नाम सामने आए, जिनमें से एक डेविड नाइजेल जॉन सिम्स है, जिसके बारे में ईडी का कहना है कि वह मिशेल का बिजनेस पार्टनर हैं और उसकी दो कंपनियां एम/एस ग्लोबल ट्रेड एंड कॉमर्स लि. और एम/एस ग्लोबल सर्विसेज एफजेडई है.

चार्जशीट में लगाए गए आरोपों को नकारते हुए मिशेल के वकील ने कहा, ‘ईडी अदालत में निष्पक्ष सुनवाई की इच्छुक नहीं है और वह चाहती है कि इस मामले का ट्रायल मीडिया में ही हो जाए, जो आरोपियों के अधिकारों को लेकर पूर्वाग्रह पैदा कर रहा है.’

जोसेफ ने कहा, ‘ईडी न्यायिक प्रक्रिया का मज़ाक बना रहा है.’

मिशेल की याचिका में कहा गया, ‘प्रत्यर्पण संधि राजनीतिक अपराधों में शामिल आरोपियों के प्रत्यर्पण पर रोक लगाती है और सरकार अब राजनीतिक उद्देश्यों के लिए ईडी और अन्य जांच एजेंसियों का इस्तेमाल कर रही हैं.’

वकील ने कहा, ‘चार्जशीट की प्रति आरोपी को देने से पहले मीडिया में लीक कर दी गई. यहां इस बात का जिक्र करना जरूरी है कि ईडी सरकार के हाथों की कठपुतली की तरह काम कर रही है और मीडिया में चार्जशीट की प्रति लीक करना उनके परोक्ष उद्देश्यों को दर्शाता है.’

गौरतलब है कि ब्रिटिश मूल के मिशेल पर अगस्ता वेस्टलैंड वीवीआईपी हेलीकॉप्टर घोटाले में 6 करोड़ यूरो की दलाली में अहम भूमिका निभाने का आरोप है. जांचकर्ताओं के मुताबिक 1997 से 2013 के बीच मिशेल ने भारत के 300 दौरे किए थे.