भारत

यूपी: सहारनपुर में सपा-बसपा-रालोद गठबंधन ने की वोट न बंटने देने की अपील

बसपा प्रमुख मायावती, सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव और रालोद प्रमुख चौधरी अजित सिंह ने लोकसभा चुनाव के मद्देनजर गठबंधन की पहली रैली सहारनपुर के देवबंद में की, जहां पहले चरण में 11 अप्रैल को चुनाव होने हैं.

उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में संयुक्त रैली में बसपा प्रमुख मायावती, सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव और रालोद प्रमुख चौधरी अजित सिंह. (फोटो साभार: एएनआई)

उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में संयुक्त रैली में बसपा प्रमुख मायावती, सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव और रालोद प्रमुख चौधरी अजित सिंह. (फोटो साभार: एएनआई)

सहारनपुर: उत्तर प्रदेश में लोकसभा चुनाव 2019 को लेकर समाजवादी पार्टी, बहुजन समाज पार्टी और राष्ट्रीय लोकदल के गठबंधन ने रविवार को सहारनपुर के देवबंद से चुनाव प्रचार की शुरुआत कर दी. देवबंद की यह रैली जामिया तिब्बिया मेडिकल कॉलेज के पास आयोजित की गई है, जहां पहले चरण में 11 अप्रैल को चुनाव होने हैं.

अमर उजाला के अनुसार, एकजुट विपक्ष के रूप में पहली रैली करते हुए बसपा प्रमुख मायावती और समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने केंद्र और राज्य की भारतीय जनता पार्टी सरकार के साथ कांग्रेस पर भी जमकर हमला बोलते हुए लोगों से वोट न बंटने देने की अपील की.

वहीं रालोद प्रमुख चौधरी अजित सिंह ने लोगों से हर पांच साल में सरकार बदलने की संवैधानिक ताकत का इस्तेमाल करने की अपील की.

मायावती ने अपने भाषण की शुरुआत महिलाओं का विशेष आभार प्रकट करते हुए की. उन्होंने कहा कि मैं रैली में आई महिलाओं का विशेष आभार प्रकट करती हूं कि वे अपने सारे काम छोड़कर यहां आई हैं.

भाजपा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर सीधा हमला बोलते हुए उन्होंने कहा कि भाजपा जाने वाली है और महागठबंधन आने वाला है. अगर चुनाव या ईवीएम में गड़बड़ी नहीं की गई तो गठबंधन की जीत होगी.

उन्होंने आरोप लगाया कि बिना तैयारी के नोटबंदी और जीएसटी लागू करने से बेरोजगारी को बढ़ावा मिला. उन्होंने कहा, भाजपा के शासन में आरक्षण व्‍यवस्‍था कमजोर हुई है. भाजपा पूंजीपतियों को धनवान बनाने में जुटी रही.

उन्‍होंने कहा कि मोदी सरकार सीबीआई और ईडी का इस्‍तेमाल अपने विरोधियों को कमजोर करने के लिए कर रही है. बीएसपी सुप्रीमो ने वादा किया कि अगर हमारी सरकार बनी तो किसी भी राज्‍य में किसानों का बकाया नहीं रहेगा.

मायावती ने कहा कि पहले की कांग्रेस की सरकार की तरह ही भाजपा सरकार के वादे खोखले ही रहे हैं. मायावती ने पश्चिम यूपी के मुस्लिम समुदाय से अपील की कि वे कांग्रेस की बजाय गठबंधन को वोट दें. गठबंधन ही भाजपा को टक्‍कर दे सकता है.

कांग्रेस पार्टी यह मानकर चल रही है कि हम जीते या न जीतें लेकिन गठबंधन के प्रत्‍याशी नहीं जीत पाएं. इसलिए वह ऐसे प्रत्‍याशी को टिकट दे रही है जिससे गठबंधन को नुकसान हो. कांग्रेस ने सहारनपुर में इमरान मसूद को टिकट देकर मुस्लिम वोटों को बांटने की कोशिश की है.

बसपा नेता ने कहा कि भाजपा को यूपी में हार का मुंह दिखाना है तो मुस्लिम समाज को गठबंधन के उम्‍मीदवारों को वोट देना होगा. उन्‍होंने कहा कि मोदी के साथ योगी को भगाना होगा. इसलिए आगे भी मुस्लिम समुदाय उनके साथ बना रहे.

उन्होंने कहा कि अपनी गलत नीतियों की वजह से कांग्रेस सत्ता से बाहर हुई है. कांग्रेस की न्‍याय योजना से भी गरीबों को कुछ भी फायदा नहीं होगा. गरीबी हटाओ की नाटकबाजी राहुल गांधी की दादी ने भी की थी.

मायावती ने कहा कि ये चुनाव घोषित होने वाले दिन तक भी हवा-हवाई घोषणाओं में जुटे रहे. इन्होंने इसे पुलवामा हमले तक भी जारी रखा. पुलवामा हमले के दिन भी कई कार्यक्रम हुए, पुलवामा घटना ने इनकी देशभक्ति का भी पर्दाफाश किया है.

यूपी में भाजपा की सरकार ने छोड़े गए आवारा पशुओं से किसानों का और भी नुकसान कराया. यदि हमें केंद्र में सरकार बनाने का मौका मिला तो किसानों का गन्ना बकाया फिर कभी नहीं होगा.

मायावती ने कहा कि भाजपा की सरकार में भ्रष्टाचार और भी बढ़ा है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस की सरकार में बोफोर्स का मामला और मोदी सरकार में राफेल का मामला इसका ताजा उदाहरण है.
मायावती ने हमला बोलते हुए कहा कि राफेल डील में भ्रष्टाचार हुआ. आज देश की सीमा सुरक्षित नहीं हैं.

रैली में बोलते हुए अखिलेश ने आगामी लोकसभा चुनाव को इतिहास बनाने का चुनाव बताया. भाजपा की पिछली रैलियों पर कटाक्ष करते हुए अखिलेश ने कहा कि यहां ऐसे भी नेता आए होंगे जो नफरत के अलावा कुछ नहीं बोले होंगे.

उन्होंने कहा, ‘पहले हमारे बीच में चायवाला बनकर आ गए और हम लोगों ने अच्छे दिन, 15 लाख रुपये और करोड़ों नौकरियों का भरोसा कर लिया. इस बार चौकीदार बनकर आए हैं. मैं जनता को भरोसा दिलाना चाहता हूं कि यही दलित, पिछड़े और अल्पसंख्यक चौकीदार की चौकी छीनेंगे.’

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के महागठबंधन को ‘महामिलावट’ बताने वाले बयान पर अखिलेश ने कहा, ‘सराब बोलने वाले लोग सत्ता के नशे में हैं. ये मिलावट का नहीं महापरिवर्तन का गठबंधन है. देश को नई सरकार देने का, नया प्रधानमंत्री देने का गठबंधन है. चौधरी चरण सिंह की विरासत को बचाने का गठबंधन है.’

पीएम मोदी के कुंभ मेले के दौरान सफाईकर्मियों के पैर धोने पर तंज कसते हुए उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, ‘टीवी पर पैर धोए जा रहे थे और जब पीछे मुड़कर देखा तो दलित भाइयों की नौकरी धो डाली.’

अखिलेश ने कहा कि पीएम कहते हैं कि देश हर सूची में आगे बढ़ रहा है लेकिन आंकड़ें देखें तो पता चलता है कि देश पीछे जा रहा है. उन्होंने आरोप लगाया कि लोगों को बांटकर अंग्रेजों ने राज किया था, उससे ज्यादा देश और समाज को बांटने का काम भाजपा के लोग हैं.

उन्होंने कहा कि भाजपा के लोगों को नवरात्रि के दिन यह संकल्प करना चाहिए कि झूठ नहीं बोलेंगे.

गोरखपुर, फूलपुर और कैराना में मिली जीत की मिसाल देते हुए उन्होंने कहा कि भाजपा गठबंधन से घबरा गई है. उन्होंने लोगों से कहा, ‘एक भी वोट घटने ने पाए, बंटने न पाए.’

उन्होंने दावा किया कि अपनी सरकार में सपा-बसपा ने सड़कें बनाईं, बिजली की समस्या का समाधान किया, लैपटॉप दिया, पेंशन दी. उन्होंने कहा कि बीएसपी और एसपी की सरकार में जितना मिलकर बिजली का काम किया है, उतना केंद्र की भाजपा और राज्य में भाजपा ने काम नहीं किया है.

कांग्रेस और भाजपा को एक-सा बताते हुए उन्होंने कहा, ‘अगर कांग्रेस की नीतियां देखेंगे और भाजपा की नीतियां देखेंगे तो दोनों में कोई फर्क नहीं दिखेगा. कांग्रेस बदलाव नहीं लाना चाहती यूपी में अपनी पार्टी बनाना चाहती है.’

उन्‍होंने कहा कि कांग्रेस को गरीबों की याद चुनाव के ही समय क्‍यों आती है. कांग्रेस, भाजपा के नेताओं को केवल चुनाव के समय मंदिर, मस्जिद और गुरुद्वारा आदि में दर्शन करने और चादर चढ़ाने की याद आती है.

वहीं रालोद प्रमुख चौधरी अजित सिंह ने कहा कि मोदी साहब वादा किए थे, हर आदमा की जेब में 15 लाख रुपए आएगा. देश का पीएम झूठ नहीं बोलता बल्कि ये कभी सच नहीं बोलता है. आप बच्चों को सिखाते हैं कि बेटा सच बोला कर लेकिन मोदी के मां-बाप ने उसके सच बोलने की सलाह नहीं दी है.

उन्होंने कहा, संविधान ने ताकत दी है कि हर पांच साल में सरकार बदली जा सकती है, लेकिन अब हालात बदल रहे हैं. भाजपा के नेता कहते हैं कि 50 साल मोदी राज करेगा और भाजपा सांसद साक्षी महाराज कहते हैं कि ये आखिरी चुनाव है. इसलिए संविधान ने जो ताकत दी है कि हर पांच साल में सरकार बदली जा सकती है उसका इस्तेमाल कीजिए.

सिंह ने कहा कि भाजपा पिछले पांच साल में कुछ नहीं कर पाई. गांवों में किसान कहते हैं कि मोदी-योगी उनकी फसल चर रहे हैं. इस रैली की भीड़ देखकर लग रहा है कि भाजपा का सूपड़ा साफ हो गया है.

वहीं, सपा-बसपा-रालोद की इस संयुक्त रैली में चंद्रशेखर के नेतृत्व वाली भीम आर्मी के समर्थक भी देखे गए. वहां वे चंद्रशेखर की तस्वीरें और झंडे लेकर मौजूद थे.