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मेरे परिवार से कई प्रधानमंत्री रहे, लेकिन पीएम मोदी जैसा सम्मान किसी ने नहीं दिलाया: वरुण गांधी

कांग्रेस में शामिल होने के सवाल पर वरुण गांधी ने कहा कि इसका सवाल ही नहीं उठता. जिस दिन मुझे बीजेपी छोड़नी होगी मैं सार्वजनिक जीवन से संन्यास ले लूंगा.

(फोटो साभार: वरुण गांधी/फेसबुक)

(फोटो साभार: वरुण गांधी/फेसबुक)

नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर से सांसद वरुण गांधी ने पीलीभीत संसदीय सीट के लिए प्रचार करने के दौरान कहा कि उनके परिवार से भी कई लोग प्रधानमंत्री हुए हैं लेकिन जो सम्मान पीएम मोदी ने देश को दिलाया है वो बहुत लंबे समय तक किसी ने देश को नहीं दिलाया.

वरुण गांधी ने कहा कि वो आदमी केवल देश के लिए जी रहा है और मरेगा देश के लिए. उसको केवल देश की चिंता है.

वहीं एक निजी टीवी चैनल एबीपी न्यूज से बात करते हुए उन्होंने कहा, ‘मोदी के लिए देश के सिपाही की तरह उनका झंडा लेकर खड़ा हूं. जो काम उन्होंने पांच साल में किया है, वह अगले पायदान पर जाकर देश के मान सम्मान को बढ़ाए. देश को पूरी दुनिया में आगे ले जाकर छोड़े. एक लंबे अरसे बाद ऐसा प्रधानमंत्री देश को मिला है, जिसके बारे में छाती चौड़ी करके बोल सकते हैं कि हमारे पास ऐसा प्रधानमंत्री है.’

उन्होंने कहा, ‘केंद्र सरकार ने किसानों के लिए काफी काम किया है, लेकिन हमारे लिए सुरक्षा भी एक अहम मुद्दा है. विपक्षी पार्टियों के द्वारा राजनीति के स्तर को गिराया जा रहा है.’

बता दें कि सुल्तानपुर संसदीय सीट से सांसद वरुण गांधी को भाजपा ने इस बार उनकी मां मेनका गांधी की सीट से टिकट दिया हुआ है. वहीं उनकी मां मेनका गांधी को सुल्तानपुर से टिकट दे दिया है.

हेट स्पीच के मामलों पर उन्होंने कहा कि हेट स्पीच के जो भी केस मेरे पर लगे वो मैंने जीते. ना सिर्फ जीते बल्कि उत्तर प्रदेश शासन को मुझसे औपचारिक रूप से माफी मांगनी पड़ी.

उन्होंने कहा कि मैं एक हिंदू हूं, मैं अपने दिन की शुरुआत हनुमान चालीसा से करता हूं लेकिन मेरे धर्म का मेरी राजनीति से कोई लेना देना नहीं है. राजनीति मुद्दों और देश के विकास के ढांचे को स्थापित करने के लिए है.

कांग्रेस में शामिल होने के सवाल पर वरुण गांधी ने कहा, ‘इसका सवाल ही नहीं उठता, करीब दस लाख लोग कह चुके हैं कि मैं कांग्रेस में शामिल हो रहा हूं. जबकि मेरा स्वभाव एक नाव पर सवार होने वाला है. मैं बीजेपी में 15 साल पहले आया, जिस दिन मुझे बीजेपी छोड़नी होगी मैं सार्वजनिक जीवन से संन्यास ले लूंगा.’

प्रधानमंत्री मोदी को चौकीदार चोर बोलने को लेकर उन्होंने कहा कि ये गलत बात है, ऐसे नहीं बोलना चाहिए. प्रधानमंत्री इस वक्त देश लोकप्रियता, कद और गंभीरता में पहले नंबर पर हैं. आज मोदी जी हैं बीस साल बाद कोई और होगा लेकिन किसी भी प्रधानमंत्री के बारे में आप ये कहें कि चोर हैं तो ये गलत हैं.

कांग्रेस की न्यूनतम आय गारंटी योजना (न्याय) की आलोचना करते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस 72000 रुपये देने की बात करती है लेकिन उसके लिए सोशल जस्टिस की सारी योजनाएं खत्म कर देंगे. मैं आपको सोने की चैन दूं लेकिन सारे कपड़े आपके ले लूं तो आप उसका करेंगे क्या. देश में पैसा तो इतना ही है, या तो आप नोट छापने की मशीन लगा दें, लेकिन उससे महंगाई बढ़ जाएगी?

प्रधानमंत्री मोदी के मुकाबले राहुल गांधी के सवाल पर वरुण ने कहा कि मुझे ऐसा लगता है कि जो खाली जगह है वो मोदी जी और बीजेपी से भरी हुई है.

उत्तर प्रदेश की राजनीति में प्रियंका गांधी के आने से पड़ने वाले असर के बारे में वरुण ने कहा कि जहां संगठनात्मक ढांचा ना हो…जहां पार्टी के प्रति समाज के अंतिम व्यक्ति की निष्ठा ना हो. मुझे नहीं लगता एक व्यक्ति बहुत ज्यादा बदलाव ला पाएगा.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से संबंध को लेकर उन्होंने कहा कि जब जब मेरे जीवन में कोई संकट आया वो मेरे साथ पिता की तरह खड़े रहे. जब मेरी पहली बेटी का देहांत हुआ, मैं बहुत टूट गया था.

उन्होंने कहा, ‘उस समय सबसे पहला फोन उनका (प्रधानमंत्री) का ही आया था. उन्होंने कहा कि देखो भगवान परीक्षा लेता है, भगवान ने एक देवी ली है तो एक देवी देगा भी. दो साल बाद मेरी बेटी अनुसुइया पैदा हुई. मेरे मन में उनके प्रति बहुत सम्मान है.’