भारत

2022 में आज़ादी के 75 साल होने पर भाजपा ने किया 75 संकल्प पूरे करने का वादा

भाजपा ने अपने 2019 के संकल्प पत्र में राष्ट्रीय सुरक्षा को सर्वोपरि मानने, आतंकवाद के प्रति ज़ीरो टालरेंस की नीति अपनाने, किसानों और छोटे दुकानदारों के लिए 60 वर्ष की उम्र के बाद पेंशन की योजना सहित नए भारत के निर्माण के लिए लोगों से जनादेश मांगा.

New Delhi: Prime Minister Narendra Modi, BJP President Amit Shah and Union Home Minister Rajnath Singh release Bharatiya Janata Party's (BJP) manifesto (Sankalp Patra) for Lok Sabha elections 2019, in New Delhi, Monday, April 08, 2019. (PTI Photo/Atul Yadav)(PTI4_8_2019_000046B)

नई दिल्ली स्थित भाजपा मुख्यालय पर पार्टी का घोषणा पत्र जारी करते प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, भाजपा अध्यक्ष अमित शाह और गृह मंत्री राजनाथ सिंह. (फोटो: पीटीआई)

नई दिल्ली: भाजपा ने अपने 2019 के संकल्प पत्र में मजबूत, पारदर्शी, निर्णायक एवं संवेदनशील सरकार का वादा करते हुए राष्ट्रीय सुरक्षा को सर्वोपरि मानने, आतंकवाद के प्रति जीरो टालरेंस की नीति अपनाने, किसानों को सशक्त बनाने, आधारभूत ढांचे के विकास सहित लोगों की आशा आकांक्षाओं को पूरा करते हुए ‘नए भारत’ के निर्माण के लिए लोगों से जनादेश मांगा.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी में लोकसभा चुनाव के संदर्भ में भाजपा का संकल्प पत्र जारी करने के लिए आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अमित शाह ने कहा कि 2014 के चुनाव में जनता ने आशीर्वाद दिया और हमें पूरा भरोसा है कि 2019 में एक बार फिर नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जनादेश मिलेगा.

उन्होंने कहा कि 2022 में देश आजादी के 75 वर्ष पूरे करेगा इसलिए हम 75 संकल्प लेकर आगे बढ़ रहे हैं. हम देश को मौजूदा समस्याओं से मुक्त बनाने की दिशा में पूर्ण प्रयास के संकल्प के साथ आगे बढ़ेंगे.

शाह ने कहा कि हमने पांच साल में 50 से ज्यादा महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं जो इतिहास का हिस्सा बनेंगे.

भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि 2014-19 की यात्रा ऐसी है कि जब भी भारत के विकास का और दुनिया में भारत की साख बनने का इतिहास लिखा जाएगा तो यह कार्यकाल स्वर्ण अक्षरों में अंकित होगा.

उन्होंने कहा कि आज देश के अधिकांश घरों में बिजली है. 8 करोड़ से ज्यादा शौचालय हैं, 7 करोड़ गरीबों के घरों में गैस कनेक्शन दिये गये हैं, 50 करोड़ गरीबों के लिए मुफ्त इलाज सुनिश्चित किया गया है.

शाह ने जोर दिया कि 2014 में भारत की अर्थव्यवस्था 11 वें नंबर पर थी, आज हम दुनिया की छठी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था हैं और तेजी से 5वीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर अग्रसर हैं.

उन्होंने कहा, ‘मोदी सरकार ने आतंकवाद को मुंहतोड़ जवाब दिया और पिछले पांच साल में एक मजबूत, निर्णायक, पारदर्शी एवं संवेदनशील सरकार दी.’

भाजपा के संकल्प पत्र समिति के अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने इसके महत्पपूर्ण बिन्दुओं को स्पष्ट करते हुए कहा, ‘हमारी राष्ट्रीय सुरक्षा नीति केवल हमारे राष्ट्रीय सुरक्षा विषयों द्वारा निर्देशित होगी.

आतंकवाद और उग्रवाद के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस की नीति को पूरी दृढ़ता से जारी रखेंगे. सुरक्षा बलों को आतंकवादियों का सामना करने के लिए फ्री हैंड नीति जारी रहेगी.’ उन्होंने जोर दिया कि सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जायेगा.

सिंह ने कहा कि कृषि क्षेत्र में उत्पादकता बढ़ाने के लिए 25 लाख करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा. देश के सभी किसानों को ‘पीएम किसान सम्मान निधि’ योजना का लाभ मिलेगा.  किसान क्रेडिट कार्ड पर मिलने वाला एक लाख रुपये तक का लोन 5 साल तक ब्याज रहित रहेगा.

मोदी सरकार को किसानों के कल्याण के लिये संकल्पित बताते हुए राजनाथ सिंह ने कहा, ‘संकल्प पत्र में छोटे तथा खेतिहर किसानों की सामाजिक सुरक्षा के लिए 60 वर्ष की उम्र के बाद पेंशन की योजना का उल्लेख किया गया है.’

उन्होंने कहा कि इसमें छोटे दुकानदारों को भी 60 वर्ष की उम्र के बाद पेंशन की योजना का उल्लेख किया गया है.

उन्होंने कहा कि संकल्प पत्र में राष्ट्रीय व्यापार आयोग के निर्माण की बात कही गई है. इसके साथ ही दोबारा सरकार में आने पर 6000 रुपये सालाना आर्थिक मदद केवल दो हेक्टेयर जमीन वाले किसानों को ही नहीं, बल्कि देश के सभी किसानों को देने का वादा किया.

उन्होंने कहा कि भारत वर्ष 2025 तक 5 लाख करोड़ डॉलर और वर्ष 2032 तक 10 लाख करोड़ डॉलर की अर्थव्यवस्था बनेगा.

सिंह ने कहा कि संकल्प पत्र में क्षेत्र में 100 लाख करोड़ रुपए का पूंजीगत निवेश और सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों के लिए 1 लाख करोड़ रुपए की क्रेडिट गारंटी योजना का उल्लेख किया गया है.
सिंह ने कहा कि सरकार राष्ट्रवाद के प्रति पूरी प्रतिबद्धता से आगे बढ़ेगी. समान नागरिक संहिता के पक्ष में हम थे, हैं और रहेंगे.

उन्होंने कहा कि अवैध घुसपैठियों के प्रति पूरी सख्ती बरतेंगे. नागरिकता विधेयक को संसद के दोनों सदनों से पारित कराएंगे लेकिन किसी राज्य की पहचान पर आंच नहीं आने देंगे, उसका संरक्षण करेंगे.
राजनाथ सिंह ने कहा कि राम मंदिर के निर्माण के लिए सभी संभावनाएं तलाशेंगे.

घोषणापत्र में सभी बसावटों को खुले में शौच मुक्त (ओडीएफ) का दर्जा देने, 50 शहरों में एक मजबूत मेट्रो नेटवर्क तैयार करने और सड़क नेटवर्क विकसित करने के लिए भारतमाला 2.0 द्वारा राज्यों को सहायता प्रदान करने की भी बात कही गई है.

स्वास्थ्य के मुद्दे पर 1.5 लाख स्वास्थ्य और कल्याण केंद्रों में टेलीमेडिसिन और डायग्नोस्टिक लैब सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ हर जिले में एक मेडिकल कॉलेज या परास्नातक मेडिकल कॉलेज बनाने का वादा किया. कोशिश करेंगे की हर 1400 मरीजों पर एक डॉक्टर उपलब्ध हो.

इसके साथ ही वर्ष 2022 तक सभी बच्चों और गर्भवती महिलाओं के लिए पूर्ण टीकाकरण किया जाएगा. संविधान संशोधन कर संसद और विधानसभाओं में महिलाओं को 33% आरक्षण देने के लिए प्रतिबद्ध जताई.

लोकसभा, विधानसभा व स्थानीय निकायों के लिए एक साथ चुनाव के मुद्दे पर सर्वसम्मति बनाने की दिशा में काम करने की बात की गई है. वहीं प्रभावी शासन और पारदर्शी निर्णयन के माध्यम से भारत को भ्रष्टाचार से मुक्त बनाएंगे.

भारतीय अर्थव्यवस्था को तेज़ी से विकसित करने के लिए 22 प्रमुख चैम्पियन सेक्टरों का निर्धारण, उद्यमियों को बिना किसी सिक्योरिटी के 50 लाख रु तक का ऋण उपलब्ध कराने और पूर्वोत्तर राज्यों में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों को पूंजीगत सहायता देने के लिए ‘उद्यमी पूर्वोत्तर’ योजना लाने की भी बात की गई है.

शिक्षा को लेकर घोषणापत्र में 200 नए केंद्रीय विद्यालयों और नवोदय विद्यालयों का निर्माण कराने,साल 2024 तक एमबीबीएस और स्पेशलिस्ट डॉक्टरों की संख्या दोगुनी करने और भारतीय शैक्षणिक संस्थानों का विश्व के शीर्ष 500 शैक्षणिक संस्थानों में स्थान बनाने के लिए सुविधाएं मुहैया कराने की बात की गई है.

महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए तीन तलाक, निकाह हलाला जैसी प्रथाओं को प्रतिबंधित व समाप्त करने के लिए विधेयक लाएंगे.

इसके साथ ही सभी आंगनबाड़ी और आशा कार्यकर्ता को आयुष्मान भारत के तहत लाना और कम से कम 50% महिला कर्मचारी रखने वाले सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों द्वारा सरकार के लिए 10% उत्पाद खरीदने की व्यवस्था की जाएगी.

घोषणापत्र में समावेशी विकास के नजरिए से गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले परिवारों की संख्या को घटाकर 10% से भी कम करना और 5 किलोमीटर के दायरे में बैंकिंग सुविधाएं उपलब्ध कराने का भी वादा किया गया है.

वहीं वैश्विक भारत को ध्यान में रखते हुए प्रवासी भारतियों के बीच पारस्परिक संवाद को बढ़ावा देने के लिए ‘भारत गौरव’ की शुरुआत की जाएगी. वैश्विक समस्याओं जैसे आतंकवाद और भ्रष्टाचार के विरुद्ध बहुपक्षीय सहयोग किया जाएगा और राजनयिक और सम्बंधित कैडरों का सशक्तिकरण होगा.

संकल्प पत्र से अच्छा है बीजेपी को माफीनामा देती: कांग्रेस

भारतीय जनता पार्टी के घोषणापत्र पर कांग्रेस ने निशाना साधते हुए कहा कि बीजेपी का संकल्प पत्र झूठ का गुब्बारा है. कांग्रेस के प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि मोदी जी जुमलों की खेती कर रहे हैं. मोदी सरकार का मूल मंत्र है ‘झांसे में फांसो.’

न्यूज 18 के अनुसार, सुरजेवाला ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा सत्ता के नशे में चूर है. संकल्प पत्र से अच्छा है बीजेपी को माफीनामा देती.

उन्होंने कहा बीजेपी ने अपनी नाकामी दूसरों पर थोपी. भाजपा ने आज तक काले धन पर चर्चा नहीं की. भाजपा के शासन में बेरोज़गारी बेतहाशा बढ़ी है. भाजपा को 125 झूठे वादों का हिसाब देना चाहिए.

सुरजेवाला ने आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि देश में 4 करोड़ 70 लाख नौकरियां चली गईं. मोदी जी ने अपने संकल्प पत्र में नौकरी और रोज़गार का नाम तक नहीं लिया. घोषणापत्र में नोटबंदी की बात तक नहीं की गई. सुरजेवाला ने कहा हर महीने 45 हज़ार करोड़ का कर्ज़ लिया गया.

सुरजेवाला ने कहा सेना की मज़बूती का वादा था मगर सेना के शौर्य का राजनीतिक इस्तेमाल किया परन्तु भारतीय सेना और सैनिक मोदी जी के अत्याचार का शिकार हुए. सुरजेवाला ने कहा कि मोदी सरकार ने हर साल 2 करोड़ रोज़गार का वादा किया था. यानी कि पांच साल में दस करोड़ लेकिन इसके उलट 4 करोड़ 70 लाख नौकरियां चली गईं.

सुरजेवाला ने कहा बेरोज़गारी की दर 45 साल में सबसे ज़्यादा है. वादा था किसान को लागत पर 50 प्रतिशत मुनाफा देने का लेकिन कृषि की मौजूदा विकास दर 2.9 प्रतिशत है. इस दर से किसान की आय दोगुनी होने में 28 साल लग जाएंगे.

वहीं, कांग्रेस नेता अहमद पटेल ने भाजपा के संकल्प पत्र पर करारा वार करते हुए उन्हें झूठ का वादा बताया. उन्होंने कहा कि बीजेपी के घोषणापत्र में सिर्फ मैं ही मैं हूं, इसमें ना देश है और ना पार्टी है.

अहमद पटेल ने कहा कि बीजेपी के घोषणापत्र में सिर्फ मैं, मेरा और मेरा अहंकार शामिल है. एक तरफ हमारे घोषणापत्र के फ्रंट पर देश की जनता की तस्वीर है तो बीजेपी के संकल्प पत्र पर सिर्फ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीर है.

उन्होंने कहा कि ये सिर्फ झूठ का गुब्बारा है, इससे अच्छा होता कि बीजेपी माफीनामा जारी कर देते. उन्होंने कहा कि आज देश में बेरोजगारी है लेकिन रोजगार के वादों का क्या हुआ.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)