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अगर भाजपा जीती तो कश्मीर पर किसी तरह के समझौते पर पहुंचा जा सकता है: इमरान ख़ान

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान ख़ान ने कहा कि नरेंद्र मोदी की पार्टी के जीतने से भारत के साथ शांति वार्ता की संभावनाएं अधिक होंगी.

भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान (इलस्ट्रेशन: द वायर)

भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान (इलस्ट्रेशन: द वायर)

इस्लामाबाद: पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान ख़ान का मानना है कि आम चुनावों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पार्टी के जीतने से भारत के साथ शांति वार्ता और कश्मीर मुद्दा हल होने की संभावनाएं अधिक होंगी.

भारत में लोकसभा चुनाव के लिए गुरुवार से सात चरणों का मतदान शुरू होगा.

इमरान ख़ान ने विदेशी पत्रकारों को दिए एक साक्षात्कार में कहा, ‘अगर भाजपा जीती… कश्मीर पर किसी तरह के समझौते पर पहुंचा जा सकता है.’

उन्होंने कहा कि अन्य दलों को कश्मीर मुद्दे पर समझौता करने के मामले में दक्षिणपंथी प्रतिक्रिया का डर होगा.

ख़ान ने कहा कि दोनों देशों के बीच कश्मीर एक मुख्य मुद्दा है.

भारत का कहना है कि जम्मू कश्मीर का पूर्ण क्षेत्र भारत का एक अभिन्न हिस्सा है और पाकिस्तान ने राज्य के एक हिस्से पर अवैध ढंग से क़ब्ज़ा कर रखा है.

पाकिस्तान में सक्रिय जैश-ए-मोहम्मद के एक आत्मघाती हमलावर के पुलवामा ज़िले में 14 फरवरी को सीआरपीएफ के काफिले पर हमला करने के बाद से ही दोनों देशों के बीच तनाव क़ायम है. इस हमले में 40 जवान शहीद हो गए थे.

पुलवामा आतंकवादी हमले के जवाब में भारतीय वायुसेना ने 26 फरवरी को पाकिस्तान के बालाकोट स्थित जैश-ए-मोहम्मद के प्रशिक्षण शिविर पर हवाई हमला किया था, जिसके अगले ही दिन पाकिस्तान के लड़ाकू विमानों ने भारत में घुसने की कोशिश की थी.

भारत और पकिस्तान वायुसेना के लड़ाकू विमानों के बीच झड़प में पाकिस्तान ने भारतीय वायुसेना के विंग कमांडर अभिनंदन को हिरासत में ले लिया था, जिन्हें एक मार्च को भारत को सौंप दिया गया था.

ख़ान ने कहा कि पाकिस्तान जैश सहित सभी आतंकवादी संगठनों के ख़िलाफ़ कार्रवाई कर रहा है.

उन्होंने कहा कि पाकिस्तान से आतंकवादियों को मिटाने के गंभीर अभियान के तहत जैश जैसे संगठनों से हथियार लिए जा रहे है.

ख़ान ने कहा, ‘हमने इन संगठनों के मदरसों को सरकार के नियंत्रण में ले लिया है. आतंकवादी संगठनों को निशस्त्र करने के लिए उठाया गया यह पहला गंभीर कदम है.’

उन्होंने कहा कि ये क़दम इसलिए उठाए गए हैं क्योंकि ये पाकिस्तान के भविष्य के लिए ज़रूरी है.

पाक प्रधानमंत्री ने इस बात को भी ख़ारिज कर दिया कि विश्व समुदाय ने ऐसी कार्रवाई करने के लिए पाकिस्तान को मजबूर किया है.