भारत

ओडिशा: कंधमाल ज़िले में नक्सलियों ने महिला चुनाव अधिकारी की गोली मारकर हत्या की

पुलिस के अनुसार, माओवादियों ने ओडिशा के कंधमाल ज़िले के लोगों से मतदान का बहिष्कार करने को कहा था. ज़िले के फिरिंगिया पुलिस थाना इलाके के एक अन्य गांव में माओवादियों ने चुनाव अधिकारियों को मतदान केंद्र ले जा रहे वाहन में आग लगा दी.

(फोटो साभार: एएनआई)

(फोटो साभार: एएनआई)

भुनेश्वर: ओडिशा के कंधमाल ज़िले में बुधवार को दूसरे चरण के मतदान के एक दिन पहले माओवादियों ने दो घटनाओं को अंजाम दिया. एक घटना में माओवादियों ने मतदान केंद्र जा रही एक महिला निर्वाचन अधिकारी की गोली मारकर हत्या कर दी जबकि दूसरी घटना में उन्होंने चुनावी वाहन में आग लगा दी.

पुलिस ने यह जानकारी दी. दोनों घटनाएं माओवाद प्रभावित कंधमाल जिले की हैं. माओवादियों ने यहां लोगों से चुनाव का बहिष्कार करने को कहा है.

पुलिस ने बताया कि माओवादियों ने महिला निर्वाचन अधिकारी को उस वक्त निशाना बनाया, जब वह दूसरे चरण के मतदान के लिए मंगलवार को निर्वाचन कर्मचारियों की एक टीम को मतदान केंद्र लेकर जा रही थीं.

डीजीपी बीके शर्मा ने बताया कि सेक्टर अधिकारी संयुक्ता दिग्गल को उस वक्त गोली मारी गई, जब वह बलांदपाड़ा गांव के पास जंगल से गुजरते समय सड़क पर पड़ी एक संदिग्ध वस्तु को देखने के लिए वाहन से नीचे उतरी थीं.

यह गांव गोछापाड़ा पुलिस थाना के अंतर्गत आता है. हालांकि, वाहन में मौजूद चार अन्य निर्वाचन कर्मचारी सुरक्षित हैं और उन्हें कोई नुकसान नहीं पहुंचा है.

घटना कंधमाल लोकसभा सीट के अंतर्गत आने वाले फुलबनी विधानसभा क्षेत्र में हुई.

पत्रिका में छपी खबर के मुताबिक संयुक्ता दिग्गल की पोलिंग दल जब अपने गंतव्य की ओर जा रही थी, बलांदपाड़ा के पास बारूदी सुरंग में विस्फोट हुआ. पोलिंग दल वहीं रुक गया. संयुक्ता दिग्गल गाड़ी से उतरकर सड़क पर खड़ी थीं. इसी दौरान घात लगाए नक्सलियों ने गोली चला दी. दिग्गल के सिर में गोली लगी. गंभीर रूप से घायल दिग्गल को जिला अस्पताल ले जाया गया लेकिन डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया.

हालांकि पोलिंग दल के अन्य सदस्य जान बचाने में सफल रहे. बाद में नक्सलियों ने पोलिंग दल के वाहनों को आग लगा दी.

दूसरी घटना फिरिंगिया पुलिस थाना इलाके के एक सुदूरवर्ती गांव की है. माओवादियों ने चुनाव अधिकारियों को मतदान केंद्र ले जा रहे चुनावी वाहन में आग लगा दी.

कंधमाल जिलाधिकारी सह निर्वाचन अधिकारी डी. ब्रुंडा ने कहा, ‘इस संबंध में शुरुआती रिपोर्ट के अनुसार वर्दीधारी सशस्त्र माओवादियों ने पहले मतदान अधिकारियों को वाहन से नीचे उतरने को कहा और फिर उसमें आग लगा दी.’

पुलिस को आशंका है कि इन दोनों घटनाओं के पीछे सीपीआई (माओवादी) के केकेबीएन (कालाहांडी-कंधमाल-बौध-नयागढ़) खंड का हाथ है.

कुछ दिन पहले माओवादियों ने जिले में पोस्टर और बैनर लगाकर लोगों से चुनाव का बहिष्कार करने को कहा था. कंधमाल जिले में माओवादियों की मौजूदगी को देखते हुए चुनाव आयोग ने यहां के सात निर्वाचन क्षेत्रों में मतदान का समय सुबह 7 बजे से शाम 4 बजे तक रखा है.

ओडिशा में लोकसभा और विधानसभा दोनों के लिए एकसाथ मतदान हो रहे हैं. आज पांच लोकसभा सीट और 35 विधानसभा सीटों के लिए मतदान हो रहा है. पहले चरण का मतदान 11 अप्रैल को हुआ था. इसके अलावा राज्य में दो और चरण में 23 और 29 अप्रैल को मतदान होने वाला है.

(समाचार एजेंसी भाषा के इनपुट के साथ)