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करकरे पर प्रज्ञा ठाकुर के बयान पर आईपीएस एसोसिएशन ने कहा- शहीदों के बलिदान का सम्मान होना चाहिए

आईपीएस एसोसिएशन ने भोपाल लोकसभा सीट से भाजपा उम्मीदवार प्रज्ञा सिंह ठाकुर द्वारा महाराष्ट्र एटीएस प्रमुख हेमंत करकरे को ‘श्राप’ देने वाले बयान की निंदा की है.

हेमंत करकरे (फाइल फोटो: रॉयटर्स)

हेमंत करकरे (फाइल फोटो: रॉयटर्स)

देश के आईपीएस एसोसिएशन ने 2008 मालेगांव बम धमाके की आरोपी और भोपाल लोकसभा सीट से भाजपा की उम्मीदवार प्रज्ञा सिंह ठाकुर द्वारा 2008 मुंबई आतंकी हमले में मारे गए महाराष्ट्र एटीएस के प्रमुख हेमंत करकरे के बारे में दिए गए बयान की निंदा की है.

शुक्रवार को ट्वीट करते हुए एसोसिएशन की ओर से लिखा गया, ‘अशोक चक्र से सम्मानित स्वर्गीय श्री हेमंत करकरे, आईपीएस ने आतंकवादियों से लड़ते हुए सबसे बड़ा बलिदान दिया. हम उनके साथी, उनके बारे में एक प्रत्याशी द्वारा किए गए अपमानजनक बयान की निंदा करते हैं और मांग करते हैं कि सभी शहीदों के बलिदान का सम्मान किया जाये.’

बता दें कि गुरुवार को प्रज्ञा ठाकुर ने भोपाल में हुई एक सभा के दौरान कहा था कि हेमंत करकरे के बारे में कहा की उनकी मौत हुई क्योंकि मैंने श्राप दिया था कि उसका सर्वनाश होगा.

प्रज्ञा ठाकुर सितंबर 2008 में महाराष्ट्र के मालेगांव में हुए एक बम धमाके के सात आरोपियों में से एक हैं, जिन पर इस मामले में मुकदमा चल रहा है. मामले की जांच करकरे के नेतृत्व में महाराष्ट्र एटीएस ने की थी.

इस सभा के एक वीडियो में प्रज्ञा ठाकुर बोलती दिख रही हैं कि, ‘हेमंत करकरे को उन्होंने मुंबई बुलाया. मैं मुंबई जेल में थी उस समय. जांच जो बिठाई थी, तो सुरक्षा आयोग के सदस्य ने हेमंत करकरे को बुलाया और कहा कि जब सबूत नहीं है तुम्हारे पास तो साध्वी जी को छोड़ दो. सबूत नहीं है तो इनको रखना गलत है, गैर-कानूनी है. वह व्यक्ति कहता है कि मैं कुछ भी करूंगा, मैं सबूत लेकर के आऊंगा. कुछ भी करूंगा, बनाऊंगा, करूंगा, इधर से लाऊंगा, उधर से लाऊंगा लेकिन मैं साध्वी को नहीं छोड़ूंगा.’

वे आगे कहती हैं, ‘यह उसकी कुटिलता थी. यह देशद्रोह था, यह धर्मविरुद्ध था. तमाम सारे प्रश्न करता था. ऐसा क्यों हुआ, वैसा क्यों हुआ? मैंने कहा मुझे क्या पता भगवान जाने. तो क्या ये सब जानने के लिए मुझे भगवान के पास जाना पड़ेगा. मैंने कहा बिल्कुल अगर आपको आवश्यकता है तो अवश्य जाइए. आपको विश्वास करने में थोड़ी तकलीफ होगी, देर लगेगी. लेकिन मैंने कहा तेरा सर्वनाश होगा.’

उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें हिरासत में यातनाएं दी जाती थीं, गलियां दी जाती थीं. उन्होंने कहा, ‘इतनी यातनाएं दीं, इतनी गंदी गालियां दीं जो असहनीय थी मेरे लिए. और मेरे लिए नहीं किसी के लिए भी. मैंने कहा तेरा सर्वनाश होगा. ठीक सवा महीने में सूतक लगता है. जब किसी के यहां मृत्यु होती है या जन्म होता है, सूतक लगता है जिस दिन मैं गई थी उस दिन इसके सूतक लग गया था. ठीक सवा महीने में जिस दिन इसको आतंकवादियों ने मारा उस दिन सूतक का अंत हो गया.’

प्रज्ञा ठाकुर बीते बुधवार को भाजपा में शामिल हुई हैं और पार्टी ने उन्हें मध्य प्रदेश की भोपाल लोकसभा सीट से कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह के खिलाफ उतारा है.

प्रधानमंत्री मांगें माफ़ी: कांग्रेस

प्रज्ञा ठाकुर के इस विवादित बयान पर कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से माफी की मांग की और कहा कि वह प्रज्ञा के खिलाफ कार्रवाई करें.

पार्टी के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने प्रज्ञा के कथित विवादित बयान से जुड़े वीडियो शेयर करते हुए कहा, ‘मोदी जी, केवल भाजपाई ही 26/11 के शहीद हेमंत करकरे को देशद्रोही घोषित करने का जुर्म कर सकते हैं. यह देश के हर सैनिक का अपमान है जो आतंकवाद से लड़ते हुए भारत मां के लिए प्राणों की क़ुर्बानी देता है.’

उन्होंने कहा, ‘आप देश से माफ़ी मांगिए और प्रज्ञा पर कार्यवाही कीजिए.’

वहीं दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी प्रज्ञा सिंह के इस बयान की आलोचना की है.

केजरीवाल ने ट्वीट किया, ‘26-11 के शहीद हेमंत करकरे जी पर भोपाल से भाजपा की लोकसभा प्रत्याशी प्रज्ञा ठाकुर के अशिष्ट बयानों की कड़े शब्दों में निंदा की जानी चाहिए. भाजपा अपना असली रंग दिखा रही है और इसे अब इसकी जगह दिखा देनी चाहिए.’

उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि भाजपा उन हेमंत करकरे की शहादत पर सवाल उठा रही है, जिन्होंने मुंबई आतंकी हमले में ‘भारत माता’ की सुरक्षा की. उन्होंने ट्वीट किया, ‘इस पर किसी भक्त को गुस्सा नहीं आएगा…. यह भाजपा की देशभक्ति है.’

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)