राजनीति

मेरे बयान से देश के दुश्मनों को लाभ मिल रहा, इसलिए बयान वापस लेती हूं: प्रज्ञा ठाकुर

मालेगांव धमाका मामले की आरोपी और भोपाल से भाजपा की उम्मीदवार प्रज्ञा सिंह ठाकुर ने बोला था, ‘हेमंत करकरे से मैंने कहा था कि तेरा सर्वनाश होगा.’

Bhopal: BJP candidate Sadhvi Pragya Singh Thakur addresses a party workers meeting for Lok Sabha polls, in Bhopal, Thursday, April 18, 2019. (PTI Photo) (PTI4_18_2019_000241B)

मालेगांव बम धमाके की आरोपी और भोपाल से भाजपा की लोकसभा उम्मीदवार प्रज्ञा सिंह ठाकुर. (फोटो: पीटीआई)

भोपाल: मुंबई में 26/11 के आतंकी हमले में शहीद हुए पुलिस अधिकारी हेमंत करकरे के बारे में दिए गए अपने विवादित बयान पर चारों ओर से आलोचना से घिरने के बाद मालेगांव बम विस्फोट मामले में आरोपी और भोपाल लोकसभा सीट से भाजपा की उम्मीदवार प्रज्ञा सिंह ठाकुर ने शुक्रवार शाम को खुले मंच से माफी मांगते हुए अपना बयान वापस ले लिया.

भोपाल से 45 किलोमीटर दूर बैरसिया में मंच से प्रज्ञा सिंह ठाकुर ने अपना विवादित बयान वापस लेते हुए इसके लिये क्षमा मांगी है.

समाचार एजेंसी एएनआई से बातचीत में प्रज्ञा सिंह ठाकुर ने कहा, ‘मुझे लगा कि मेरे बयान से देश के दुश्मनों को लाभ मिल रहा है, इसलिए मैं अपना बयान वापस लेती हूं और इसके लिए माफी मांगती हूं. यह मेरा निजी दुख था.’

उन्होंने कहा, ‘वह (करकरे) दुश्मन देश से आए आतंकवादियों की गोली से मारे गए, वह निश्चित तौर पर शहीद हैं.’

इससे पहले प्रज्ञा सिंह ठाकुर ने कहा था, ‘हेमंत करकरे को उन्होंने मुंबई बुलाया. मैं मुंबई जेल में थी उस समय. जांच जो बिठाई थी, तो सुरक्षा आयोग के सदस्य ने हेमंत करकरे को बुलाया और कहा कि जब सबूत नहीं है तुम्हारे पास तो साध्वी जी को छोड़ दो. सबूत नहीं है तो इनको रखना गलत है, गैर-कानूनी है. वह व्यक्ति कहता है कि मैं कुछ भी करूंगा, मैं सबूत लेकर के आऊंगा. कुछ भी करूंगा, बनाऊंगा, करूंगा, इधर से लाऊंगा, उधर से लाऊंगा लेकिन मैं साध्वी को नहीं छोड़ूंगा.’

प्रज्ञा सिंह ठाकुर ने कहा था, ‘यह उसकी कुटिलता थी. यह देशद्रोह था, यह धर्मविरुद्ध था. तमाम सारे प्रश्न करता था. ऐसा क्यों हुआ, वैसा क्यों हुआ? मैंने कहा मुझे क्या पता भगवान जाने. तो क्या ये सब जानने के लिए मुझे भगवान के पास जाना पड़ेगा. मैंने कहा बिल्कुल अगर आपको आवश्यकता है तो अवश्य जाइए. आपको विश्वास करने में थोड़ी तकलीफ होगी, देर लगेगी. लेकिन मैंने कहा तेरा सर्वनाश होगा.’

प्रज्ञा सिंह ठाकुर के इस बयान की आईपीएस एसोसिएशन ने निंदा की थी. शुक्रवार को ट्वीट करते हुए एसोसिएशन की ओर से लिखा गया, ‘अशोक चक्र से सम्मानित स्वर्गीय श्री हेमंत करकरे, आईपीएस ने आतंकवादियों से लड़ते हुए सबसे बड़ा बलिदान दिया. हम उनके साथी, उनके बारे में एक प्रत्याशी द्वारा किए गए अपमानजनक बयान की निंदा करते हैं और मांग करते हैं कि सभी शहीदों के बलिदान का सम्मान किया जाए.’

बता दें कि हेमंत करकरे मुंबई एटीएस के प्रमुख थे, जो नवंबर 2008 में मुंबई में हुए आतंकी हमले में आतंकवादियों से लड़ते हुए मारे गए. साध्वी प्रज्ञा सिंह सितंबर 2008 में महाराष्ट्र के मालेगांव में हुए एक बम धमाके के सात आरोपियों में से एक हैं, जिन पर इस मामले में मुकदमा चल रहा है. मामले की जांच महाराष्ट्र एटीएस के नेतृत्व में हुई थी.

2008 में गिरफ्तार हुई साध्वी प्रज्ञा को 2015 में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने सबूतों के अभाव में क्लीन चिट दे दी थी, हालांकि ट्रायल कोर्ट में यह बात मानने से इनकार कर दिया कि जब धमाके में उनकी मोटर साइकिल का इस्तेमाल हुआ है, तब उनकी संलिप्तता न होने की बात पर विश्वास करना मुश्किल है.

इसके बाद अदालत ने उन पर से मकोका हटा लिया था. हालांकि गैर क़ानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम [यूएपीए] के आरोप अब भी उन पर हैं और इसी मामले में 2017 में मिली ज़मानत पर वे बाहर हैं.

साध्वी प्रज्ञा बीते बुधवार को भाजपा में शामिल हुई हैं और पार्टी ने उन्हें मध्य प्रदेश की भोपाल लोकसभा सीट से कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह के खिलाफ उतारा है.