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अदालत ने आसाराम के बेटे नारायण साई को बलात्कार का दोषी क़रार दिया

साल 2013 में सूरत की दो बहनों ने आरोप लगाया था कि आसाराम और नारायण साई ने उनके साथ बलात्कार किया था. जोधपुर में आसाराम बलात्कार के एक अन्य मामले में आजीवन कारावास की सज़ा भुगत रहा है.

Surat: Police escort Asaram's son Narayan Sai for treatment to a hospital in Surat on Saturday. PTI Photo (PTI4_28_2018_000076B)

आसाराम का बेटा नारायण साई. (फोटो: पीटीआई)

अहमदाबाद: गुजरात की एक अदालत ने शुक्रवार को जेल में बंद स्वयंभू संत आसाराम के बेटे नारायण साई को बलात्कार के एक मामले में दोषी क़रार दिया है. सूरत की सत्र अदालत अब उसे इस मामले में 30 अप्रैल को सजा सुनाएगी.

सूरत की दो बहनों ने 2013 में पुलिस में दर्ज अपनी शिकायत में आरोप लगाया था कि आसाराम बापू और नारायण साई ने उनके साथ बलात्कार किया. इनमें से एक पीड़िता ने आरोप लगाया है कि 2002 से 2005 के बीच आश्रम में रहने के दौरान नारायण साई ने उसके साथ कई बार बलात्कार किया.

बता दें कि पिछले साल अप्रैल महीने में उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर की एक नाबालिग लड़की से बलात्कार के एक मामले में जोधपुर की विशेष एससी-एसटी अदालत आसाराम को दोषी क़रार दे चुकी है. आसाराम जोधपुर में आजीवन कारावास की सज़ा भुगत रहा है.

उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर की रहने वाली पीड़िता मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा स्थित आसाराम के आश्रम में पढ़ाई कर रही थी.

दैनिक भास्कर के मुताबिक पुलिस ने पीड़ित बहनों के बयान और सबूतों के आधार पर केस दर्ज किया गया था. पीड़ित छोटी बहन ने नारायण साई के खिलाफ ठोस सबूत दिए थे और मौका-ए-वारदात को पहचाना था. बड़ी बहन ने आसाराम के खिलाफ मामला दर्ज करवाया था.

केस दर्ज होने के बाद साई भूमिगत हो गया था और दो महीने बाद दिसंबर, 2013 को हरियाणा-दिल्ली सीमा से उसे सिख वेश में पुलिस ने गिरफ्तार किया था.

नारायण साई की पत्नी जानकी ने भी अपने पति और ससुर आसाराम पर प्रताड़ना के आरोप लगाए थे. साथ ही पति पर अवैध संबंधों का आरोप लगाया था. उन्होंने इंदौर के खजराना पुलिस थाने में 19 सितंबर, 2015 को शिकायत दर्ज कराई थी.

अपनी शिकायत में कहा था कि नारायण हरपलानी (नारायण साई का असली नाम) से उसकी शादी 22 मई, 1997 को हुई थी. शादी के बाद भी उसके पति के कई अवैध संबंध थे. इससे उसे मानसिक प्रताड़ना झेलनी पड़ी.

एनडीटीवी की खबर के मुताबिक नारायण ने मामला दबाने के लिए थाना प्रमुख को 13 करोड़ रुपये की रिश्वत दी थी. घूसखोर पुलिस अधिकारी से 5 करोड़ रुपये नकद और प्रॉपर्टी के कागजात बरामद करने के बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया था.

नारायण साई की पत्नी ने आरोप लगाया कि उसका पति धर्म के नाम पर ढोंग किया. एक साधिका के साथ अवैध संबंध बनाए. जब वह गर्भवती हुई तो बगैर तलाक लिए और बताए राजस्थान में उससे दूसरी शादी कर ली. उस महिला से नारायण की एक संतान है.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)