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मालेगांव धमाके में एटीएस के पास प्रज्ञा के ख़िलाफ़ सबूत थे, टिकट दिया जाना गलत: रामदास अठावले

केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने कहा कि लोगों को बचाने के लिए आतंकियों से लड़ते हुए करकरे शहीद हो गए थे. मैं करकरे को लेकर साध्वी के बयान से सहमत नहीं हूं. हम इसकी आलोचना करते हैं. यह फैसला करना अदालत का काम है कि क्या सही है और क्या गलत. अगर हमारी पार्टी की बात होती तो हम उन्हें नहीं खड़ा करते.

रामदास अठावले. (फोटो साभार: ट्विटर)

रामदास अठावले. (फोटो साभार: ट्विटर)

भोपाल: केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने रविवार को मालेगांव विस्फोट की आरोपी प्रज्ञा सिंह ठाकुर को मध्य प्रदेश के भोपाल संसदीय सीट से चुनाव लड़ाने के भाजपा के फैसले की आलोचना की है. बता दें कि अठावले भाजपा नेतृत्व वाली एनडीए गठबंधन के सहयोगी दल रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (आरपीआई) के अध्यक्ष हैं.

इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार, प्रज्ञा सिंह ठाकुर की उम्मीदवारी के बारे में पूछे जाने पर केंद्रीय मंत्री ने कहा, ‘उनका नाम मालेगांव मामले में आया था और महाराष्ट्र एटीएस के पूर्व प्रमुख हेमंत करकरे के पास उनके खिलाफ पर्याप्त सबूत थे.’

इस दौरान अठावले ने ठाकुर के उस बयान की भी निंदा की जिसमें उन्होंने कहा था कि करकरे की मौत उनके श्राप की वजह से हुई थी.

अठावले ने कहा, ‘आरपीआई ने मध्य प्रदेश में जबलपुर, सतना, रतलाम, मुरैना और सिधी से उम्मीदवार खड़े किए हैं. उन्होंने कहा कि वे इनके अलावा बाकी बची 24 सीटों पर भाजपा प्रत्याशियों का समर्थन करेंगे.’

अठावले ने कहा, ‘लोगों को बचाने के लिए आतंकियों से लड़ते हुए करकरे शहीद हो गए थे. मैं करकरे को लेकर साध्वी के बयान से सहमत नहीं हूं. हम इसकी आलोचना करते हैं. यह फैसला करना अदालत का काम है कि क्या सही है और क्या गलत. अगर हमारी पार्टी की बात होती तो हम उन्हें नहीं खड़ा करते.’

वहीं इससे पहले रविवार को मध्य प्रदेश के पन्ना में एक चुनाव प्रचार के दौरान जब केंद्रीय मंत्री और वरिष्ठ भाजपा नेता उमा भारती से ठाकुर की उम्मीदवारी के बारे में पूछा गया था तो उन्होंने कहा था कि उन्हें टिकट देने में कुछ भी गलत नहीं है और कांग्रेस अध्यक्ष राहुल भी एक मामले में जमानत पर बाहर हैं.

उन्होंने यह भी कहा था कि वह किसी भी तरह से महामंडलेश्वर ठाकुर का विकल्प नहीं हो सकती थीं. इससे पहले शनिवार को कटनी में बोलते हुए भी भारती ने कहा था कि ठाकुर ‘महान संत’ हैं.

यह पूछे जाने पर कि क्या मध्य प्रदेश में प्रज्ञा ठाकुर भाजपा के ‘साधु-नेता’ वाले पैमाने में उनका विकल्प हो सकती हैं, पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, ‘वो महान संत हैं. उनसे मेरी क्या तुलना? मैं तो एक साधारण और मूर्ख किस्म की प्राणी हूं.’

इसके जवाब में ठाकुर ने कहा था कि वे हमेशा से भारती का सम्मान करती हैं और उन्हें हमेशा उनका (भारती का) स्नेह मिला है. इससे पहले अपने चुनावी अभियान में उन्होंने यह भी कहा था कि 2003 में एक संत में दिग्विजय को 16 साल के लिए बाहर कर दिया था, अब उन्हें बर्बाद करने की बारी उनकी है.