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वाराणसी में मोदी के ख़िलाफ़ खड़े बीएसएफ जवान तेज बहादुर यादव को सपा ने बनाया उम्मीदवार

सेना में खाने की गुणवत्ता को लेकर शिकायत करने के बाद सुर्ख़ियों में आए बीएसएफ के बर्ख़ास्त जवान तेज बहादुर यादव पहले निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में अपना पर्चा भर चुके थे.

बीएसएफ के बर्ख़ास्त जवान तेज बहादुर यादव (फोटो साभार: फेसबुक/तेज बहादुर यादव)

बीएसएफ के बर्ख़ास्त जवान तेज बहादुर यादव (फोटो साभार: फेसबुक/तेज बहादुर यादव)

नई दिल्ली: समाजवादी पार्टी ने सोमवार को वाराणसी में अपना लोकसभा उम्मीदवार बदलते हुए बीएसएफ के पूर्व जवान तेज बहादुर यादव को टिकट दे दिया है. बीएसएफ में खराब खाने की शिकायत करने वाले यादव को साल 2017 में सेवा से बर्खास्त कर दिया गया था.

यादव पहले ही निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में अपना पर्चा भर चुके थे लेकिन अब वे सपा के चुनाव चिह्न पर चुनाव लड़ेंगे. इससे पहले समाजवादी पार्टी की ओर से शालिनी यादव ने वाराणसी से अपना नामांकन दाखिल किया था.

इससे पहले मार्च में पहली बार तेज बहादुर यादव ने पहली बार वाराणसी से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ चुनाव लड़ने का ऐलान किया था.

इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार, यादव ने कहा, ‘मैंने भ्रष्टाचार का मुद्दा उठाया था लेकिन मुझे बर्खास्त कर दिया गया. मेरी पहली प्राथमिकता सेनाओं को मजबूत करने और उनमें भ्रष्टाचार को खत्म करने की होगी.’

इससे पहले द वायर से बात करते हुए यादव ने कहा था कि उनकी सपा प्रमुख अखिलेश यादव से बात हुई है और उन्होंने समय मांगा है.

बता दें कि तेज बहादुर ने बीएसएफ में मिल रहे खाने की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए कुछ वीडियो बनाए थे. सोशल मीडिया पर आने के बाद वे सभी वीडियो वायरल हुए और तेज बहादुर सुर्खियों में आ गए.

इस मामले पर काफी विवाद हुआ. बाद में पीएमओ ने इस मामले का संज्ञान लिया. वहीं, बीएसएफ ने अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए तेज बहादुर को बर्खास्त कर दिया था.

अपनी बर्खास्तगी को तेज बहादुर ने कोर्ट में चुनौती दी है जो अभी ट्रायल स्टेज में है.

बता दें कि उत्तर प्रदेश के वाराणसी में 19 मई (आखिरी चरण) को चुनाव होगा. कांग्रेस की ओर से वाराणसी सीट पर अजय राय को उम्मीदवार बनाया है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वर्तमान में वाराणसी से ही सांसद हैं.  साल 2014 में नरेंद्र मोदी ने तीन लाख वोटों के अंतर से दिल्ली के मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल को हराया था.

मोदी को पांच लाख 81 हज़ार वोट मिले थे, वहीं कांग्रेस के अजय राय सिर्फ़ 75 हज़ार वोट ही पा सके थे. अजय राय इस सीट पर तीसरे स्थान पर आए थे.