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चुनाव आयोग का मोदी को क्लीनचिट देने का सिलसिला जारी, दो अन्य भाषणों को भी क्लीनचिट

चुनाव आयोग आचार संहिता उल्लंघन मामले में अब तक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ पांच शिकायतों पर उन्हें क्लीनचिट दे चुका है.

PM Modi addressing rally at Nashik district of Maharashtra. (Photo: PTI)

एक चुनावी रैली के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (फोटो: पीटीआई)

नई दिल्ली: चुनाव आयोग ने शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को उनके दो अन्य भाषणों के चुनाव आचार संहिता उल्लंघन मामले में क्लीनचिट दे दी. इसके साथ ही चुनाव आयोग ने मोदी के खिलाफ पांच शिकायतों पर निर्णय ले लिया है और इन सभी मामलों में उन्हें क्लीनचिट दी.

चुनाव आयोग ने शुक्रवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वाराणसी में अपने भाषण में सशस्त्र बलों पर उसके परामर्श या आचार संहिता का उल्लंघन नहीं किया.

आयोग ने महाराष्ट्र के नांदेड़ में मोदी की टिप्पणियों में कुछ भी गलत नहीं पाया जहां उन्होंने कथित तौर पर कांग्रेस को ‘डूबता टाइटैनिक जहाज’ बताया था.

आयोग ने कहा, ‘महाराष्ट्र के नांदेड़ में नरेंद्र मोदी द्वारा दिये गये एक भाषण में आदर्श आचार संहिता और आयोग के परामर्शों के कथित उल्लंघन से जुड़ी एक शिकायत से संबंधित एक मामले में मुख्य निर्वाचन अधिकारी, महाराष्ट्र की एक विस्तृत रिपोर्ट प्राप्त की गई थी.’

आयोग ने कहा, ‘मामले की विस्तृत जांच की गई…आयोग का मानना है कि इस मामले में मौजूदा परामर्शों/प्रावधानों का उल्लंघन नहीं हुआ.’

नांदेड़ में अपने भाषण में मोदी ने कथित तौर पर कहा था कि कांग्रेस आज टाइटैनिक जहाज की तरह हो गई है जो डूब रहा है. जो-जो इस जहाज में बैठा था वह राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी की तरह या तो खुद ही डूब रहा है या जान बचने के लिए छलांग लगा रहा है.

मोदी के वाराणसी में 25 अप्रैल को दिये गए भाषण का जिक्र करते हुए आयोग ने कहा कि मुख्य निर्वाचन अधिकारी, उत्तर प्रदेश से एक विस्तृत रिपोर्ट प्राप्त की गई थी. मोदी वहां लोकसभा चुनावों के लिए अपना नामांकन दाखिल करने के लिए गये थे.

आयोग ने कहा, ‘मौजूदा परामर्शों, आदर्श आचार संहिता के प्रावधानों के अनुसार इस मामले की विस्तृत जांच की गई. पूर्ण प्रतिलिपि की जांच के बाद आयोग का विचार है कि इस मामले में किसी भी तरह के मौजूदा परामर्श/प्रावधानों का उल्लंघन नहीं किया गया है.’

मोदी ने वाराणसी की एक रैली को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय सुरक्षा पर बल दिया था और कहा था कि नया भारत आतंकवाद का मुंहतोड़ जवाब देता है. बालाकोट एयर स्ट्राइक का स्पष्ट संदर्भ देते हुए उन्होंने कहा था कि दुनिया ने अब आतंक के खिलाफ लड़ाई में भारत का समर्थन किया है.

गौरतलब है कि इससे पहले चुनाव आयोग ने महाराष्ट्र के वर्धा और लातूर  के साथ राजस्थान के बाड़मेर में दिए बयान पर भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को क्लीन चिट दी थी.

आयोग ने वर्धा में एक अप्रैल को दिये गये प्रधानमंत्री के भाषण में कुछ भी गलत नहीं पाया था जहां उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी पर अल्पसंख्यक बहुल वायनाड सीट से चुनाव लड़ने के लिए निशाना साधा था.

वहीं महाराष्ट्र के लातुर में पहली बार वोट देने जा रहे मतदाताओं से अपना वोट बालाकोट हवाई हमले के नायकों और पुलवामा हमले में शहीद हुए जवानों को समर्पित करने के मोदी के बयान को भी आयोग ने आचार संहिता का उल्लंघन नहीं माना था.

चुनाव आयोग ने बृहस्पतिवार को भी प्रधानमंत्री मोदी को क्लीनचिट देते हुए कहा था कि उन्होंने राजस्थान के बाड़मेर में अपने चुनावी भाषण के दौरान आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन नहीं किया.

मोदी ने बाड़मेर में अपनी चुनावी सभा में सशस्त्र बलों का आह्वान किया था और कहा था कि ‘भारत के परमाणु बम दिवाली के लिए इस्तेमाल किये जाने के लिए नहीं रखे गये हैं.’

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)