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चुनाव आयोग ने दो और मामलों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दी क्लीनचिट

इन दोनों फैसलों के साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अब तक आठ मामलों में क्लीनचिट मिल चुकी है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी. (रॉयटर्स)

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी. (रॉयटर्स)

नई दिल्ली: चुनाव आयोग ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दो और मामलों में क्लीनचिट दी है. इस घटनाक्रम से जुड़े सूत्रों ने सोमवार को यह जानकारी दी.

कांग्रेस ने आरोप लगाया था कि मोदी ने 23 अप्रैल को अहमदाबाद में रोड शो किया. सूत्रों के अनुसार आयोग इस निष्कर्ष पर पहुंचा कि मोदी ने आदर्श आचार संहिता और चुनाव कानून का कोई उल्लंघन नहीं किया.

सूत्रों ने बताया कि आयोग ने मोदी को कर्नाटक के चित्रदुर्ग में नौ अप्रैल को उनके द्वारा दिये गये भाषण के सिलसिले में भी पाक साफ करार दिया. चित्रदुर्ग में उन्होंने अपने चुनावी भाषण में नये मतदाताओं से अपना वोट बालाकोट हवाई हमले के नायकों को समर्पित करने का कथित रूप से आह्वान किया था.

उसी दिन उन्होंने महाराष्ट्र में लातूर जिले के औसा में भी ऐसी ही अपील की थी. आयोग ने इस मामले में भी उन्हें क्लीन चिट दी थी लेकिन चुनाव आयुक्तों में एक ने इस मामले में असहमति व्यक्त की थी.

वैसे आयोग ने अब तक अपने इन दोनों फैसलों को सार्वजनिक नहीं किया है लेकिन इन दोनों फैसलों के साथ ही मोदी को अब तक आठ मामलों में क्लीनचिट मिल चुकी है.

समझा जाता है कि गुजरात के निर्वाचन कार्यालय का मानना है कि प्रथम दृष्टया कोई उल्लंघन नहीं पाया गया.

कांग्रेस यह आरोप लगाते हुए चुनाव आयोग गई थी कि मोदी ने वोट डालने के बाद आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन करते हुए रोडशो निकाला और राजनीतिक टिप्पणी की.

पहले चुनाव आयोग मोदी के छह भाषणों, शाह के दो भाषणों और कांग्रेस प्रमुख राहुल गांधी के एक भाषण को सही ठहरा चुका है.

बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के खिलाफ आदर्श आचार संहिता (एमसीसी) के उल्लंघन की पांच अलग-अलग शिकायतों के मामले में चुनाव आयुक्त अशोक लवासा ने बहुमत से अलग मत रखा था. इन पांच शिकायतों में से चार शिकायतें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से जुड़ी थीं.

बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग को आदेश दिया है कि वह मोदी और शाह पर कांग्रेस द्वारा दर्ज सभी आचार संहिता उल्लंघन के मामलों का निपटारा सोमवार तक करे. सुप्रीम कोर्ट का यह आदेश कांग्रेस सांसद सुष्मिता देव की याचिका पर आया है जिसमें उन्होंने शिकायतों पर चुनाव आयोग द्वारा तत्काल कार्रवाई की मांग की थी.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)