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दिल्ली: सेप्टिक टैंक की सफाई के दौरान दो मज़दूरों की मौत, तीन घायल

पुलिस ने बताया कि यह घटना मंगलवार दोपहर में रोहिणी के प्रेम नगर इलाके में हुई. पांच मज़दूर एक पुराने मकान के सेप्टिक टैंक में उतरने के बाद बेहोश हो गए. अस्पताल में इलाज के दौरान उनमें से दो को मृत घोषित कर दिया गया.

(प्रतीकात्मक फोटो: पीटीआई)

(प्रतीकात्मक फोटो: पीटीआई)

नई दिल्ली: उत्तर पश्चिम दिल्ली में मंगलवार को एक मकान के सेप्टिक टैंक में उतरने के बाद दो मजदूरों की मौत हो गई और तीन अन्य घायल हो गए. घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है.

पुलिस उपायुक्त (रोहिणी) एसडी मिश्रा ने बताया कि यह घटना दोपहर में रोहिणी के प्रेम नगर इलाके में हुई. पांच मजदूर एक पुराने मकान के सेप्टिक टैंक में उतरने के बाद बेहोश हो गए. इस मकान की मरम्मत का काम चल रहा है.

डीसीपी ने बताया कि पांचों को बाबा साहेब अंबेडकर अस्पताल ले जाया गया जहां उनमें से दो को मृत घोषित कर दिया गया और बाकी का इलाज चल रहा है. पांचों दिहाड़ी मज़दूरी करते थे और प्रेम नगर में रहते थे.

अधिकारी ने बताया कि मृतकों की पहचान प्रेम नगर निवासी दीपक (30) और गणेश (35) के रूप में हुई है. उन्होंने कहा कि मामला दर्ज कर कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी.

अधिकारी ने बताया कि यह भी पता लगाया जा रहा है कि क्या मजदूरों ने सुरक्षा उपकरण पहन रखे थे. सेप्टिक टैंक की गहराई 10 फीट थी और उसका इस्तेमाल सेप्टिक अपशिष्ट के लिए किया जाता था.

इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार, मिश्रा ने कहा कि 40 स्क्वायर यार्ड प्लॉट के मालिक गुलाम मुस्तफा ने हाल ही में मरम्मत का काम शुरू कराया था.

मंगलवार को मिस्त्री रामबीर और मकान मालिक मुस्तफा ने दोनों मज़दूरों को सफाई के लिए टैंक में उतरने के लिए कहा. पुलिस के अनुसार, मज़दूरों ने यह कहते हुए मना कर दिया कि वे इस काम के लिए प्रशिक्षित नहीं हैं.

इसके बाद मुस्तफा और रामबीर ने कथित रूप से उनकी तीन दिन की मज़दूरी काटने की धमकी दी. पुलिस ने बताया कि जब मज़दूर टैंक में अचेत हो गए तब मिस्त्री भी अंदर घुसा और वह बेहोश हो गया.

आईपीसी की धारा 304 (गैर इरादतन हत्या), अनुसूचित जाति/जनजाति अधिनियम की धारा 3 और मैनुअल स्केवेंजर्स और उनके पुनर्वास अधिनियम के रूप में रोजगार का निषेध की धाराओं के तहत प्रेम नगर पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज कर लिया. मुस्तफा को गिरफ्तार कर लिया गया है.

पुलिस अधिकारी के अनुसार, प्रथम दृष्टया ऐसा प्रतीत होता है कि मज़दूर टैंक में बिना मास्क, ग्लव्स और सुरक्षा उपकरणों के उतरे थे.

इससे पहले 2 मई को नोएडा सेक्टर 107 में स्थित सलारपुर में देर रात सीवर की खुदाई करते समय पास में बह रहे नाले का पानी भरने से दो मजदूरों की डूबने से मौत हो गई थी. दोनों के शव पानी के साथ निकली मिट्टी से दब गए थे.

मृतकों की पहचान हामिद और असलम के रूप में की गई थी. दोनों मजदूर मूल रूप से बदायूं के रहने वाले थे और वहां जहांगीरपुरी में किराए के मकान में रहते थे. दोनों नोएडा अथॉरिटी में संविदा कर्मचारी थे, जो एक ठेकेदार के अधीन सलारपुर गांव में प्राधिकरण द्वारा कराए जा रहे सीवर लाइन की खुदाई का काम कर रहे थे.

गौरतलब है कि सीवर सफाई के दौरान हादसों में मजदूरों की दर्दनाक मौतों की खबरें लगातार आती रहती हैं. बीते 15 अप्रैल को दिल्ली से सटे गुड़गांव के नरसिंहपुर में एक ऑटोमोबाइल कंपनी में सेप्टिक टैंक साफ करने के दौरान दो सफाईकर्मियों की मौत हो गई थी.

इससे पहले जनवरी महीने में उत्तरी दिल्ली के तिमारपुर में सीवर लाइन साफ करने गए एक सफाईकर्मी की दम घुटने से मौत हो गई थी.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)