राजनीति

चुनाव आयोग भाजपा का प्रवक्ता बन गया है, मोदी-शाह से आदेश ले रहा है: ममता बनर्जी

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा चुनाव आयोग ने चुनाव प्रचार पर कुछ इस तरह रोक लगाई है ताकि गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बंगाल में होने वाली दो रैलियां कर सकें. वहीं, पूर्वी उत्तर प्रदेश के मऊ में चुनाव प्रचार के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि हमारी सरकार उसी जगह पर समाज सुधारक ईश्वर चंद्र विद्यासागर की पंचधातु की भव्य प्रतिमा स्थापित करेगी.

कोलकाता में समाज सुधारक ईश्वर चंद्र विद्यासागर की प्रतिमा तोड़े जाने के विरोध में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बुधवार को मार्च निकाला. (फोटो: पीटीआई)

कोलकाता में समाज सुधारक ईश्वर चंद्र विद्यासागर की प्रतिमा तोड़े जाने के विरोध में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बुधवार को मार्च निकाला. (फोटो: पीटीआई)

कोलकाता: पश्चिम बंगाल में मतदान के आखिरी चरण में प्रचार की अवधि पहले ही समाप्त करने पर चुनाव आयोग पर निशाना साधते हुए तृणमूल कांग्रेस अध्यक्ष ममता बनर्जी ने बुधवार को कहा कि यह आयोग ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को उपहार दिया है जो अभूतपूर्व, असंवैधानिक और अनैतिक है.

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने पहले कभी इस तरह का चुनाव आयोग नहीं देखा जो आरएसएस के लोगों से भरा पड़ा है.

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार ममता बनर्जी ने कहा कि चुनाव आयोग भाजपा का प्रवक्ता बन गया है और नरेंद्र मोदी व अमित शाह से आदेश ले रहा है.

ममता ने कहा, ‘मैंने कभी किसी संवैधानिक संस्था का अनादर नहीं किया, लेकिन शोषण और अपमान की एक सीमा होती है. अगर चुनाव आयोग ने मुझे कोई कारण बताओ नोटिस भेजा तो मैं ऐसे 50 नोटिसों का सामना करने के लिए तैयार हूं. ऐसा इसलिए क्योंकि मैं अपने राज्य और यहां के लोगों को अपमान बर्दाश्त नहीं कर सकती. चुनाव आयोग मोदी और शाह को छोड़कर सभी पर रोक लगा रहा है. हमने चुनाव आयोग से कई शिकायतें कीं, लेकिन वहां से कोई तर्कसंगत जवाब नहीं मिला.’

बनर्जी ने बुधवार देर रात एक संवाददाता सम्मेलन में दावा किया, ‘पश्चिम बंगाल में कानून व्यवस्था की ऐसी कोई समस्या नहीं है कि अनुच्छेद 324 लागू किया जाए. यह अभूतपूर्व, असंवैधानिक और अनैतिक है. यह दरअसल मोदी और अमित शाह को उपहार है.’

चुनाव आयोग ने बुधवार को पश्चिम बंगाल के नौ लोकसभा क्षेत्रों में चुनाव प्रचार बृहस्पतिवार को रात 10 बजे समाप्त करने का आदेश दिया है.

निर्धारित समयानुसार प्रचार एक दिन बाद शुक्रवार शाम को समाप्त होना था. आयोग ने मंगलवार को कोलकाता में भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के रोड शो के दौरान भाजपा तथा तृणमूल कांग्रेस के समर्थकों के बीच हुई हिंसक झड़पों के बाद यह फैसला किया है.

चुनाव आयोग ने 19 मई को चुनाव के अंतिम चरण के लिए प्रचार को समय से पहले थामने के लिए संविधान के अनुच्छेद 324 को लागू किया है.

आयोग ने पश्चिम बंगाल के प्रधान सचिव (गृह) अत्रि भट्टाचार्य और सीआईडी के अतिरिक्त महानिदेशक राजीव कुमार को उनके पदों से हटाने का भी आदेश दिया है.

इस पर बनर्जी ने कहा कि दोनों अधिकारियों को ‘चुनाव आयोग ने नहीं, बल्कि मोदी और अमित शाह ने हटाया है.’

इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार ममता बनर्जी ने सवाल उठाया, ‘मुख्य चुनाव अधिकारी को पत्र भेजकर गृह सचिव ने क्या अपराध कर दिया था. कानून और व्यवस्था राज्य का मामला है. ऐसी बदला लेने वाली प्रवृत्ति क्यों अपनाई जा रही है? राजीव कुमार तो चुनाव प्रक्रिया में शामिल भी नहीं थे.’

उन्होंने कहा, ‘भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने आज (बुधवार) भी प्रेस कॉन्फ्रेंस की, जिसमें उन्होंने चुनाव आयोग को धमकी दी कि वह हमारे खिलाफ कार्रवाई करे. चुनाव आयोग वही कर रहा है जो भाजपा उससे कह रही है.’

ममता ने कहा, ‘यहां (बंगाल) हंगामा खड़ा करने के लिए अमित शाह को कारण बताओ नोटिस क्यों नहीं जारी किया गया? हमने यहां बहुत सारी रैलियां कीं, उनमें से कोई भी हिंसा के साथ खत्म नहीं हुई. जो भी गलत कर रहे हैं, उन्हें छोड़ा जा रहा है और बंगाल को निशाना बनाया जा रहा है. विद्यासागर की प्रतिमा क्षतिग्रस्त होने पर बंगाल के लोगों की आहत भावनाओं से ध्यान हटाने के लिए ऐसा कदम (चुनाव प्रचार पर रोक) उठाया गया है.’

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ने कहा, ‘चुनाव प्रचार पर कुछ इस तरह रोक लगाई है ताकि कल (गुरुवार) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बंगाल में दो रैलियां कर सकें. क्या चुनाव आयोग इस तरह से मोदी के चुनाव जीतने में मदद कर रहा है. बंगाल के लोग बहुत गुस्से में हैं. वे मतदान कर अपना बदला लेंगे.’

रिपोर्ट के अनुसार उन्होंने कहा, ‘प्रधानमंत्री बंगाल में हारी हुई लड़ाई लड़ रहे हैं, इसलिए वह बंगाल को निशाना बना रहे हैं. आप (मोदी) मेरे साथ नहीं लड़ सकते. आप लड़ाई हार रहे हैं. आपने राजीव गांधी, सोनिया गांधी, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, मायावती और यहां तक कि अरविंद केजरीवाल का भी अनादर किया. कल (मंगलवार) अमित शाह की रैली के लिए 15 से 20 करोड़ रुपये खर्च किए गए. चुनाव प्रचार में अत्यधिक खर्च को लेकर चुनाव आयोग ने प्रधानमंत्री और अमित शाह को कारण बताओ नोटिस क्यों नहीं जारी किया?’

ममता बनर्जी बृहस्पतिवार को चुनाव आयोग के खिलाफ धरना देंगी. उन्होंने कहा, ‘मैं आशा कर रही हूं कि राजग के सहयोगी दलों समेत सभी दल इसमें सहयोग देंगे.’

हमारी सरकार उसी जगह विद्यासागर की पंचधातु की भव्य प्रतिमा स्थापित करेगी: मोदी

घोसी/मऊ: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर तंज करते हुये बृहस्पतिवार को कहा कि वह काफी समय से ‘दीदी’ का रवैया देख रहे हैं जिसे अब पूरा देश देख रहा है और हमारी सरकार उसी जगह पर ईश्वर चंद्र विद्यासागर की पंचधातु से निर्मित प्रतिमा स्थापित कर तृणमूल कांग्रेस के गुंडों को जवाब देगी.

पूर्वी उत्तर प्रदेश के मऊ में घोसी लोकसभा क्षेत्र में चुनाव प्रचार के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के रोड शो के दौरान तृणमूल कांग्रेस के गुंडों ने ईश्वर चंद्र विद्यासागर की प्रतिमा तोड़ दी. यह कृत्य जिन्होंने किया है उन्हें कठोरतम सजा दी जानी चाहिए.

मोदी ने कहा, ‘प्रख्यात समाज सुधारक और बंगाल के नवजागरण काल की चर्चित हस्ती ईश्वर चंद्र विद्यासागर के दृष्टिकोण के प्रति समर्पित हमारी सरकार उसी जगह पर उनकी पंचधातु से निर्मित प्रतिमा स्थापित करेगी और तृणमूल कांग्रेस के गुंडों को जवाब देगी.’

उन्होंने कहा कि जिस तरह ममता बनर्जी उत्तर प्रदेश, बिहार और पूर्वांचल के लोगों पर निशाना साध रही हैं उससे लग रहा था कि मायावती कड़ी प्रतिक्रिया देंगी लेकिन उन्हें तो केवल कुर्सी का खेल खेलना है. उन्हें लोगों की चिंता नहीं है.

तीन तलाक के मुद्दे पर सपा-बसपा गठबंधन को घेरते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, ‘मुस्लिम महिलाओं को तीन तलाक से मुक्ति दिलाने का बीड़ा भी हमारी सरकार ने उठाया लेकिन इन महामिलावटी लोगों ने मिलकर मुस्लिम बहन-बेटियों को इंसाफ की राह में रोड़े अटकाए.’

उन्होंने कहा, ‘उत्तर प्रदेश में सपा-बसपा के जमीन से कटे नेताओं ने जाति के आधार पर एक अवसरवादी गठबंधन किया लेकिन अपने कार्यकर्ताओं को भूल गए. यही वजह है कि ये कार्यकर्ता आज भी एक दूसरे पर हमले कर रहे हैं.’

प्रधानमंत्री ने कहा, ‘एक महीने पहले तक ‘मोदी हटाओ’ का राग अलाप रहे महामिलावटी आज बौखलाए हुए हैं क्योंकि देश ने उनकी पराजय पर मुहर लगा दी है और राज्य ने तो उनका पूरा गणित ही बिगाड़ दिया है. देश इन महामिलावटी लोगों की सच्चाई शुरू से ही जानता है कि मोदी को हटाना तो एक बहाना था, जिसकी आड़ में इन्हें अपने भ्रष्टाचार के पाप को छिपाना था.’

उन्होंने कहा, ‘बुआ हो या बबुआ, इन्होंने अपने आसपास पैसे की, वैभव की और अपने दरबारियों की दीवार खड़ी कर ली और खुद को गरीबों से इतना दूर कर लिया कि अब इन्हें गरीबों का दुख नजर ही नहीं आता. मैं उन किसान परिवारों के बैंक खाते में सीधी मदद दे रहा हूं, जिन्हें छोटे-छोटे खर्च के लिए भी कर्ज लेना पड़ता था.’

प्रधानमंत्री ने कहा, ‘21वीं सदी में देश को एक पूर्ण बहुमत वाली सरकार चाहिए. मजबूत सरकार से ही एक विकसित भारत का सपना सच हो सकता है.’

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)