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महाराष्ट्र: प्रज्ञा ठाकुर के ख़िलाफ़ कथित आपत्तिजनक फेसबुक पोस्ट के लिए डॉक्टर गिरफ़्तार

मुंबई पुलिस के अनुसार, गिरफ़्तार डॉ. सुनील कुमार निषाद ने अपनी एक फेसबुक पोस्ट में ईवीएम की विश्वसनीयता और भोपाल से प्रज्ञा सिंह ठाकुर की उम्मीदवारी जैसे कई मामलों पर सवाल उठाए हैं.

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प्रज्ञा सिंह ठाकुर. (फोटो पीटीआई)

मुंबई: मुंबई पुलिस ने बुधवार को फेसबुक पर कथित रूप से ‘हिंदू विरोधी’ और ‘ब्राह्मण विरोधी’ और मध्य प्रदेश के भोपाल से भाजपा की उम्मीदवार प्रज्ञा सिंह ठाकुर के खिलाफ कथित तौर पर आपत्तिजनक फेसबुक पोस्ट करने के लिए 38 साल के एक होम्योपैथिक डॉक्टर को गिरफ्तार कर लिया किया है.

एनडीटीवी की रिपोर्ट के अनुसार, मुंबई के पार्कसाइट पुलिस स्टेशन में दर्ज एफआईआर में कहा गया था कि सुनील कुमार निषाद को प्रज्ञा सिंह ठाकुर और ब्राह्मण समुदाय के खिलाफ आपत्तिजनक पोस्ट करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है.

इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक, विख्रोली की पार्कसाइट पुलिस ने डॉ. सुनील कुमार निषाद के खिलाफ शनिवार को एक विख्रोली निवासी रवींद्र तिवारी की शिकायत के आधार पर एक प्राथमिकी दर्ज की थी, जिन्होंने कहा था कि वह एक सामाजिक कार्यकर्ता हैं. पुलिस पिछले दो दिनों से निषाद की तलाश में थी और उन्हें बुधवार दोपहर दक्षिण मुंबई से गिरफ्तार कर लिया गया.

इंडियन एक्सप्रेस से बातचीत में सीनियर इंस्पेक्टर विलास जाधव ने कहा, ‘तिवारी द्वारा दिए गए बयान के आधार पर, हमने आईपीसी की धारा 295 (ए) (किसी भी वर्ग की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने की कोशिश) के तहत एक प्राथमिकी दर्ज की. हम पिछले दो दिनों से उनकी तलाश कर रहे थे और उन्हें मुंबई विश्वविद्यालय के फोर्ट कैंपस के पास से गिरफ्तार किया गया.’

हालांकि सूत्रों का कहना है कि कि होम्योपैथिक डॉक्टर निषाद को मुंबई सत्र अदालत के बाहर से गिरफ्तार किया गया था, जहां वे अग्रिम जमानत के लिए आवेदन करने गए थे. उन्हें अपने फेसबुक पर पोस्ट के कारण गिरफ्तार किया गया है.

अपने फेसबुक पेज पर, निषाद ने लिखा है कि वो बीएएमसीईएफ के सदस्य हैं. बीएएमसीईएफ अल्पसंख्यक समुदाय कर्मचारी महासंघ है जो कि बीएसपी संस्थापक कांशीराम द्वारा शुरू किया गया था.

फेसबुक पर निषाद के 4,996 दोस्त हैं. उन्होंने अपने पोस्ट में ईवीएम की विश्वसनीयता और प्रज्ञा ठाकुर की उम्मीदवारी जैसे कई मामलों पर सवाल उठाए हैं.