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गढ़चिरौली के शहीदों को बीमा सुरक्षा का पैसा नहीं मिलेगा, पुलिस बीमा पॉलिसी रिन्यू कराना भूली

एक मई को महाराष्ट्र के गढ़चिरौली ज़िले में आईईडी के ज़रिये किए गए विस्फोट में 15 जवान शहीद हो गए थे.

(फोटो साभार: एएनआई)

महाराष्ट्र के गढ़चिरौली में बीते एक मई को नक्सलियों ने पुलिस के एक दस्ते पर हमला किया था. (फोटो साभार: एएनआई)

गढ़चिरौलीः महाराष्ट्र के गढ़चिरौली में आईईडी धमाके में शहीद हुए पुलिस के 15 जवानों के परिवारवालों को बीमा सुरक्षा का पैसा नहीं मिल पाएगा.

द हिंदू की रिपोर्ट के मुताबिक, महाराष्ट्र पुलिस सुरक्षा संबंधी व्यय (एसआरई) कोष के तहत बीमा सुरक्षा पॉलिसी रिन्यू (नवीनीकरण) नहीं करा पाई है, जिस कारण अब शहीदों के परिवारवालों को 20 लाख रुपये की आर्थिक सहायता नहीं मिल पाएगी.

महाराष्ट्र पुलिस महानिदेशक एसके जायसवाल ने एसआरई कोष से संबंधित इस बीमा सुरक्षा पॉलिसी को रिन्यू नहीं कराए जाने को लेकर कड़ी फटकार लगाई है.

सूत्रों का कहना है कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़णवीस ने शहीदों के परिवारवालों को वैकल्पिक बीमा सुरक्षा मुहैया कराने के आदेश दिए हैं, जिसके तहत मुख्यमंत्री आपदा कोष से फौरी तौर पर शहीदों के परिवारवालों को आर्थिक सहायता दी जाएगी.

एनडीटीवी की रिपोर्ट के मुताबिक, एक मई को गढ़चिरौली के कुरखेडा गांव की ओर जा रही क्विक रिस्पांस टीम पर हुए हमले में शहीद हुए 15 जवानों में 30 साल के तौसीफ शेख़ भी शामिल थे. तौसीफ का परिवार बीड में रहता है. घर में दो बच्चे हैं. परिवार का कहना है कि हमले के 15 दिन बाद भी सरकार से कोई भी उनसे मिलने नहीं आया.

रिपोर्ट के अनुसार, महाराष्ट्र पुलिस की ओर से 20 लाख रुपये का सुरक्षा संबंधी बीमा मिलता है, लेकिन सूत्रों के अनुसार, उसे रि‍न्यू नहीं कराए जाने के कारण अब परिवार को यह पैसा नहीं मिल पा रहा है.

वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि बीमा सुरक्षा का पैसा नहीं मिलने से शहीद जवानों के परिवारवाले परेशान हैं. वे इस लापरवाही की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग कर रहे हैं.

इस मामले पर गृह राज्यमंत्री दीपक केसरकर ने कहा, ‘मुझे इसकी कोई जानकारी नहीं है, हमारी सरकार शहीद के परिवारवालों को पूरी सुविधा पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है. किसी की गलती होने पर उन पर कार्रवाई की जाएगी.’

मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़णवीस ने इस हमले के बाद शहीद हर जवान के परिवारवालों को 50 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दिए जाने का ऐलान किया था लेकिन बीमा सुरक्षा नहीं होने की वजह से अब सरकार इसका विकल्प खोज सकती है.

गौरतलब है कि एक मई को महाराष्ट्र के गढ़चिरौली में आईईडी धमाके में पुलिस के 15 जवान शहीद हो गए थे. क्षेत्र में नक्सलियों द्वारा 25 वाहनों को आग लगाने की घटना के कुछ ही घंटे बाद यह हमला हुआ था. ये पुलिसकर्मी गढ़चिरौली पुलिस की क्विक रिस्पॉन्स टीम का हिस्सा थे.