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गोडसे वाले बयान के लिए भाजपा प्रज्ञा ठाकुर को निष्कासित करने पर विचार करे: नीतीश कुमार

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा, ‘यह बेहद निंदनीय है. हम ऐसी चीजों को बर्दाश्त नहीं करेंगे. बापू राष्ट्रपिता हैं और लोग पसंद नहीं करेंगे अगर कोई इस तरह से गोडसे के बारे में बात करता है.’

Nitish kumar ani

नीतीश कुमार. (फोटो साभार: एएनआई)

नई दिल्ली: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने रविवार को कहा कि महात्मा गांधी के हत्यारे नाथूराम गोडसे को ‘देशभक्त’ बताने के लिए भाजपा को भोपाल लोकसभा सीट से  उम्मीदवार प्रज्ञा सिंह ठाकुर के निष्कासन पर विचार करना चाहिए.

मालेगांव धमाकों के आरोपी की टिप्पणी की निंदा करते हुए, भाजपा के मजबूत सहयोगी जदयू के प्रमुख नीतीश कुमार ने स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी ऐसे बयानों को बर्दाश्त नहीं करेगी.

मुख्यमंत्री ने पटना में राजभवन के पास एक मतदान केंद्र पर अपना वोट डालने के बाद संवाददाताओं से कहा, ‘यह बेहद निंदनीय है. हम ऐसी चीजों को बर्दाश्त नहीं करेंगे. बापू राष्ट्रपिता हैं और लोग पसंद नहीं करेंगे अगर कोई इस तरह से गोडसे के बारे में बात करता है.’

इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक, यह पूछे जाने पर कि क्या भाजपा को प्रज्ञा ठाकुर को पार्टी से बाहर करना चाहिए, इस पर नीतीश कुमार ने कहा कि ‘इस पर जरूर विचार किया जाना चाहिए.’

हालांकि, उन्होंने कहा कि यह भाजपा का आंतरिक मामला है, लेकिन जहां तक देश या विचारधारा का संबंध है, ऐसी बातों को बर्दाश्त करने का कोई सवाल ही नहीं है. उन्होंने यह भी कहा कि कार्रवाई करने और प्रतिक्रिया देने का अधिकार क्षेत्र पार्टी का है.

कुमार ने पत्रकारों से कहा कि उन्होंने कभी भी अपराध, भ्रष्टाचार और सांप्रदायिकता से समझौता नहीं किया है.

बता दें कि मध्य प्रदेश की देवास लोकसभा सीट पर 19 मई को होने वाले चुनाव के लिए पार्टी प्रत्याशी महेंद्र सोलंकी के समर्थन में आगर मालवा में रोड शो कर रही प्रज्ञा ने एक सवाल के जवाब में कहा था, ‘नाथूराम गोडसे देशभक्त थे, देशभक्त हैं और रहेंगे. गोडसे को आतंकी बोलने वाले खुद के गिरेबां में झांककर देखें. अबकी बार चुनाव में ऐसा बोलने वालों को जवाब दे दिया जाएगा.’

बाद में उन्होंने अपने इस बयान पर माफी मांग लिया था. इस बयान को लेकर विपक्षी दल प्रज्ञा ठाकुर को पार्टी से निष्कासित करने की मांग कर रहे हैं.