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बड़गाम हेलीकॉप्टर हादसा: शहीद के परिवार ने कहा- अंधेरे में रखकर हमें धोखा दिया गया

26 फरवरी को हुए बालाकोट एयर स्ट्राइक के एक दिन बाद भारतीय वायुसेना का एमआई-17 हेलीकॉप्टर बड़गाम में क्रैश हो गया था, जिसमें सार्जेंट विक्रांत शेरावत सहित भारतीय वायुसेना के छह जवानों और एक आम नागरिक की मौत हो गई थी. जांच में पता चला है कि यह हेलीकॉप्टर वायुसेना के ही मिसाइल से मार गिराया गया था.

27 फरवरी को जम्मू कश्मीर के बड़गाम में दुर्घटनाग्रस्त भारतीय वायुसेना के एमआई-17 हेलीकॉप्टर का मलबा. (फोटो: पीटीआई)

27 फरवरी को जम्मू कश्मीर के बड़गाम में दुर्घटनाग्रस्त भारतीय वायुसेना के एमआई-17 हेलीकॉप्टर का मलबा. (फोटो: पीटीआई)

नई दिल्ली: 26 फरवरी को किए गए बालाकोट एयर स्ट्राइक के एक दिन बाद जम्मू कश्मीर के नौशेरा सेक्टर में भारतीय और पाकिस्तानी विमानों के बीच हुई लड़ाई के बीच बड़गाम में एमआई-17 हेलीकॉप्टर के दुर्घटनाग्रस्त होने की खबर आई थी.

इस दुर्घटना में सार्जेंट विक्रांत शेरावत सहित भारतीय वायुसेना के छह जवानों और एक आम नागरिक की मौत हो गई थी. वहीं, शुरुआती जांच में पता चला था कि उस हेलीकॉप्टर को पाकिस्तान का समझकर भारतीय वायुसेना की सतह से हवा में मार करने वाली एक मिसाइल ने गलती से इस पर हमला कर दिया गया था.

द हिंदू के अनुसार, इस जांच रिपोर्ट के सामने आने के बाद शेरावत के परिवार ने कहा कि इतने महीनों तक अंधेरे में रखे जाने के कारण लग रहा है कि उनके साथ धोखा हुआ है. दरअसल, शेरावत के शव को उनके घर ले जाने वाले अधिकारियों ने परिवार को उनकी मौत का कारण हेलीकॉप्टर में तकनीकी खराबी बताई थी.

हरियाणा के झज्जर जिले के भडानी गांव में स्थित अपने घर में शेरावत के 62 वर्षीय किसान पिता श्री कृष्णा लकड़ी के बिस्तर (तखत) पर लेटे थे और उनके चेहरे पर गुस्से को साफ पढ़ा जा सकता था.

उन्होंने कहा, ‘हमें उन परिस्थितियों के बारे में जानने का अधिकार है जिसमें उसकी (विक्रांत शेरावत) मौत हुई. हमें राजनीति की समझ नहीं है. लेकिन चुनाव के कारण ही हमसे तथ्यों को हमसे छुपाया गया. राजनीतिक लाभ लेने के लिए जिस तरह से पुलवामा हमले का राजनीतिकरण किया गया उससे ऐसा लगता है कि इस मामले (अपने ही हमले में हेलीकॉप्टर को मार गिराना) को चुनाव के मौसम में सरकार को शर्मिंदगी से बचाने के लिए दबाया गया.’

शेरावत की पत्नी सुमन ने कहा कि दुर्घटना के एक हफ्ते बाद उन्होंने एक हिंदी अखबार में एक लेख पढ़ा था जिसमें संकेत दिया गया था कि हेलीकॉप्टर को संभवतया अपने ही हमले में मार गिराया गया.

शहीद सार्जेंट की मां कांता देवी ने कहा कि पड़ोसी गांवों के उसके कई दोस्तों ने हमें इस बारे में बताया था लेकिन चुप रहने की सलाह दी थी.

घटना की जांच कर रही कोर्ट ऑफ इन्क्वायरी अगले कुछ हफ्तों में अपनी रिपोर्ट पेश कर सकती है. हालांकि जब तक आधिकारिक तौर पर उनके साथ कोई जानकारी नहीं साझा की जाती है तब तक उनके पास मीडिया द्वारा मिली जानकारी ही है.

उनकी मां ने कहा, ‘खबरों से जानकारी मिली है कि दोषियों के साथ कुछ सीनियर अधिकारियों को सजा के तौर पर ट्रांसफर कर दिया गया है. मेरी मांग है कि सभी जिम्मेदार अधिकारियों को सख्त सजा दी जाए.’

दरअसल, घटना की प्रारंभिक जांच से यह खुलासा हुआ था कि बालाकोट एयरस्ट्राइक के बाद 27 फरवरी की सुबह जब भारत और पाकिस्तान के बीच नौशेरा सेक्टर में हवाई संघर्ष हो रहा था उसी दौरान बड़गाम में रूस निर्मित वायुसेना को एमआई-17 हेलीकॉप्टर क्रैश हो गया था.

घटना में हेलीकॉप्टर में बैठे वायुसेना के छह जवान शहीद हो गए थे और एक नागरिक की मौत हो गई थी. प्रारंभिक जांच के हवाले से कहा गया है कि इस हेलीकॉप्टर को पाकिस्तान का समझकर भारतीय वायुसेना की सतह से हवा में मार करने वाली एक मिसाइल से गलती से इस पर हमला कर दिया गया था.

इस मामले की जांच पूरी हो रही है और वायुसेना इस बारे में विचार कर रहा है कि लापरवाही बरतने वालों के ख़िलाफ़ आपराधिक मामला दर्ज करना चाहिए या नहीं.

मालूम हो कि बीते 14 फरवरी को जम्मू कश्मीर के पुलवामा ज़िले में सीआरपीएफ के काफिले पर हुए आत्मघाती हमले में 40 जवानों की मौत हो गई थी. इसके बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ गया था.

इसके बाद 26 फरवरी को भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान के बालाकोट में एयरस्ट्राइक किया था.

इसके अगले दिन 27 फरवरी को भारत और पाकिस्तान के बीच हुए हवाई संघर्ष में पाकिस्तान ने भारत का मिग-21 विमान गिराने का दावा किया था वहीं भारत ने पाकिस्तान का एफ-16 विमान गिराने का दावा किया था. इसी दौरान बड़गाम में एमआई-17 हेलीकॉप्टर हादसे का शिकार हुआ था.

भारत और पाकिस्तान के बीच हुए इस हवाई संघर्ष में विंग कमांडर अभिनंदन को पाकिस्तान ने गिरफ़्तार कर लिया था.