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अलवर की गैंगरेप पीड़िता को राजस्थान सरकार ने पुलिस कॉन्स्टेबल की नौकरी दी

आरोप है कि राजस्थान के अलवर में बीते 26 अप्रैल को पति के साथ रही एक दलित महिला के साथ पांच लोगों ने सामूहिक बलात्कार किया था. इसके अलावा घटना का वीडियो बनाकर उसे सोशल मीडिया पर डाल दिया था.

Alwar

जयपुर: राजस्थान सरकार ने मंगलवार को अलवर की सामूहिक बलात्कार पीड़िता को पुलिस कांस्टेबल की नियुक्ति का आदेश जारी किया है.

अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह) राजीव स्वरूप ने बताया कि पीड़ित महिला को पुलिस कांस्टेबल की नियुक्ति के आदेश जारी कर दिए गए हैं और महिला को शीघ्र ही नियुक्ति पत्र मिल जाएगा.

आरोप है कि अलवर के थानागाजी-अलवर मार्ग पर 26 अप्रैल को पति के साथ बाइक पर जा रही एक दलित महिला के साथ  इंद्रराज गुर्जर, अशोक गुर्जर, छोटेलाल गुर्जर, हंसराज गुर्जर और महेश गुर्जर ने सामूहिक बलात्कार किया था. आरोपी मुकेश गुर्जर ने इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो बनाकर उसे सोशल मीडिया पर डाल दिया था.

आरोपियों ने पीड़िता के पति के साथ मारपीट की और उसके सामने ही महिला के साथ सामूहिक बलात्कार किया.

शुरुआत में दंपत्ति ने पुलिस से इसकी शिकायत नहीं की थी, लेकिन जब आरोपियों ने पीड़िता के पति को फोन कर पैसे की मांग की और सामूहिक बलात्कार के वीडियो क्लिप को सोशल मीडिया पर डालने की धमकी दी तो पति ने घटना की जानकारी परिजनों को दी. उसके बाद 30 अप्रैल को पति और पीड़िता अलवर पुलिस अधीक्षक राजीव पचार को शिकायत देने पहुंचे.

पुलिस अधीक्षक ने शिकायत को मार्क करके पति और पीड़िता को थानागाजी थानाधिकारी से मिलने को कहा, लेकिन थानाधिकारी ने इसे गंभीरता से नहीं लिया और मामला 2 मई को दर्ज किया गया.

आरोपियों ने पीड़िता के पति को फोन कर पैसे मांगना जारी रखा तो उन्होंने फिर से पुलिस अधीक्षक और स्थानीय पुलिस से मदद मांगी लेकिन पुलिस ने उन्हें बताया कि वे चुनाव में व्यस्त हैं. दूसरी ओर 4 मई को आरोपियों ने सोशल मीडिया पर डाल दिया.

जब चुनाव के अगले दिन 7 मई को मामला प्रकाश में आया तब अशोक गहलोत के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार को आलोचनाओं और राज्यभर में प्रदर्शनों का सामना करना पड़ा.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, बसपा प्रमुख मायावती, राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने घटना की निंदा की जबकि भाजपा, राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी ने अलवर, जयपुर, दौसा और राज्य के अन्य हिस्सों में चुनाव के दौरान मामले को राजनीतिक कारणों से दबाए जाने का सरकार पर आरोप लगाते हुए प्रदर्शन किया.

जैसे ही मामला तूल पकड़ने लगा राज्य सरकार ने अलवर पुलिस अधीक्षक राजीव पचार को हटाने के साथ ही थानागाजी थानाधिकारी को निलंबित कर चार पुलिसकर्मियों को पुलिस लाइन भेज दिया.

इसके साथ ही राज्य सरकार ने स्थानीय पुलिस द्वारा मामला दर्ज नहीं करने और महिलाओं और बच्चों के खिलाफ प्रताड़ना संबंधी मामलों पर निगरानी रखने के लिये पुलिस अधीक्षक कार्यालय में मामले पंजीकृत करने संबंधी निर्णय लिए.

कांग्रेस ने भाजपा पर मामले में राजनीति करने का आरोप लगाया. कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी ने अलवर में पीड़िता से मुलाकात की.

पुलिस ने पीड़िता के साथ सामूहिक बलात्कार करने वाले पांच आरोपियों और वीडियो क्लिप बनाने वाले और उसे सोशल मीडिया पर अपलोड करने वाले एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया. आरोपियों के खिलाफ अलवर की स्थानीय अदालत में चार्जशीट भी दायर कर दी गई है.