राजनीति

मोदी के शपथ ग्रहण में नहीं शामिल होंगी ममता, कहा- भाजपा कार्यकर्ताओं की हत्या का दावा झूठा

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि भाजपा दावा कर रही है कि पश्चिम बंगाल में राजनीतिक हिंसा में पार्टी के 54 लोगों की हत्या हुई है, यह ग़लत है. बंगाल में कोई राजनीतिक हत्या नहीं हुई है. उधर, कथित राजनीतिक हिंसा में मारे गए भाजपा कार्यकर्ताओं के परिजनों को शपथ ग्रहण समारोह में आमंत्रित किया गया.

नरेंद्र मोदी और ममता बनर्जी. (फोटो: पीटीआई/पीआईबी)

नरेंद्र मोदी और ममता बनर्जी. (फोटो: पीटीआई/पीआईबी)

कोलकाता/नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बुधवार को यह फैसला किया कि वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल नहीं होंगी.

उन्होंने इसके लिए भाजपा के झूठे दावे का जिक्र किया कि पश्चिम बंगाल में राजनीतिक हिंसा में भगवा पार्टी के 54 कार्यकर्ताओं की हत्या हुई है.

हालांकि, बनर्जी ने मंगलवार को इस बात की पुष्टि की थी कि वह 30 मई को मोदी के शपथग्रहण समारोह में शामिल होंगी. मालूम हो कि मोदी के शपथ ग्रहण समारोह में बंगाल में कथित तौर पर राजनीतिक हिंसा में मारे गए भाजपा कार्यकर्ताओं के परिजनों को भी आमंत्रित किया गया है.

बनर्जी ने एक ट्वीट में लिखा, ‘बधाई, नए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी. मेरी योजना ‘संवैधानिक निमंत्रण’ को स्वीकार करने और शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने की थी. लेकिन पिछले एक वर्ष से मैं मीडिया में ऐसे खबरें देख रही हूं, जिनमें भाजपा दावा कर रही है कि बंगाल में राजनीतिक हिंसा में पार्टी के 54 लोगों की हत्या हुई है. जबकि यह पूरी तरह से गलत है.’

उन्होंने लिखा है, ‘बंगाल में कोई राजनीतिक हत्या नहीं हुई है. ये मौतें निजी शत्रुता, पारिवारिक झगड़ों और अन्य विवादों के चलते हुई होंगी, इनका राजनीति से कोई संबंध नहीं है. हमारे पास ऐसा कोई रिकॉर्ड नहीं है.’

उन्होंने लिखा, ‘इसलिए नरेंद्र मोदीजी मुझे माफ करिए, इस बात ने मुझे समारोह में शामिल नहीं होने के लिए बाध्य किया है. यह समारोह लोकतंत्र का जश्न बनाने का एक विशेष अवसर है. यह कोई ऐसा अवसर नहीं है जिसका किसी राजनीतिक दल को महत्व घटाना चाहिए, जो इसका इस्तेमाल अपने राजनीतिक हित साधने के अवसर के तौर पर करे. कृपया मुझे माफ करिए.’

हाल ही में सम्पन्न हुए लोकसभा चुनाव के प्रचार के दौरान मोदी और बनर्जी ने एक दूसरे पर तीखे आरोप लगाए थे. दोनों नेताओं ने पश्चिम बंगाल में अपनी-अपनी पार्टियों के लिए प्रचार का नेतृत्व किया था.

लोकसभा चुनाव में भाजपा ने पश्चिम बंगाल की 42 सीटों में 18 सीटें जीत कर एक आश्चर्यजनक प्रदर्शन किया, जबकि तृणमूल कांग्रेस को 22 सीटों पर जीत मिली. भाजपा ने 2014 के लोकसभा चुनाव में पश्चिम बंगाल में मात्र दो सीटें जीती थी.

मालूम हो कि राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद प्रधानमंत्री और केंद्रीय मंत्रिमंडल के अन्य मंत्रियों को बृहस्पतिवार शाम सात बजे राष्ट्रपति भवन में पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाएंगे.

हाल ही में संपन्न हुए लोकसभा चुनाव में भाजपा 303 सीटें जीतकर देश में सबसे बड़ी पार्टी के तौर पर उभरी है. कांग्रेस ने 52, डीएमके ने 23, तृणमूल कांग्रेस ने 22, वाईएसआर कांग्रेस ने 22, शिवसेना ने 18, जदयू ने 16, बीजू जनता दल ने 12, बसपा ने 10, समाजवादी पार्टी ने पांच और आम आदमी पार्टी ने एक सीट पर जीत दर्ज की है.

कथित राजनीतिक हिंसा में मारे गए सभी भाजपा कार्यकर्ताओं के परिजन शपथ ग्रहण समारोह में होंगे शामिल

पश्चिम बंगाल में पिछले एक साल में कथित तौर पर राजनीतिक हिंसा में मारे गए 40 से अधिक भाजपा कार्यकर्ताओं के परिजनों को बृहस्पतिवार को होने वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शपथ ग्रहण समारोह में आमंत्रित किया गया है.

पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने यह जानकारी दी.

भाजपा ने राज्य की सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं पर चुनाव में हिंसा करने का आरोप लगाया है. पार्टी ने राजनीतिक हिंसा में कम से कम 80 कार्यकर्ताओं के मारे जाने का आरोप लगाया है. तृणमूल ने इस आरोप का खंडन किया है.

पश्चिम बंगाल भाजपा के अध्यक्ष दिलीप घोष ने बताया कि हिंसा में मारे गए भाजपा के 42 कार्यकर्ताओं के परिजनों को प्रधानमंत्री के शपथग्रहण समारोह में आमंत्रित किया गया है.

भाजपा नेता मुकुल रॉय ने कहा कि पार्टी ने उनका ट्रेन टिकट बुक कराया है और व्यक्तिगत रूप से उन्हें सूचना दी है.

उन्होंने कहा, ‘यह हमारे उन शहीदों के प्रति एक सम्मान का भाव है जो पार्टी के लिए काम करने के दौरान तृणमूल कांग्रेस के गुंडों द्वारा की गई हिंसा में मारे गए.’

भाजपा सूत्रों के मुताबिक, यह ममता बनर्जी और तृणमूल कांग्रेस के लिए एक संदेश है क्योंकि पश्चिम बंगाल भाजपा की प्राथमिकता सूची में है.

तृणमूल कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता ने आरोप लगाया कि भाजपा कार्यकर्ताओं के परिजनों को राज्य प्रशासन को अपमानित करने के लिए प्रधानमंत्री के शपथग्रहण समारोह में आमंत्रित किया गया है.

उन्होंने कहा, ‘यदि वे शहीदों के परिवारों के प्रति सम्मान व्यक्त करने के लिए इतने गंभीर थे तो उन्हें हिंसा में मारे गए तृणमूल कांग्रेस कार्यकर्ताओं के परिजनों को भी आमंत्रित करना चाहिए था.’

तृणमूल कांग्रेस के नेता ने कहा, ‘ऐसा न कर जो संदेश वे देना चाहते हैं, वह काफी स्पष्ट है.’

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)