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भारतीय उच्चायोग द्वारा आयोजित इफ़्तार में मेहमानों के साथ पाक अधिकारियों ने की बदसलूकी

घटना को लेकर भारत ने विरोध जताते हुए इसकी निंदा की है. पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद के एक होटल में 1 जून की शाम को भारतीय उच्चायुक्त अजय बिसारिया ने वार्षिक इफ़्तार कार्यक्रम का आयोजन किया था.

Pakistani Rangers and Indian Border Security Force personnel (obscured) lower the flags of the two countries during a daily flag lowering ceremony at the India-Pakistan joint border at Wagah, December 14, 2006. REUTERS/Mian Khursheed/Files

(फोटो: रॉयटर्स)

इस्लामाबाद: पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में एक जून की शाम भारतीय उच्चायोग की ओर से आयोजित इफ़्तार में पहुंचे मेहमानों के साथ पाकिस्तानी अधिकारियों द्वारा की गई बदसलूकी की भारत ने निंदा की है. भारत ने शनिवार को हुए घटनाक्रम को शर्मनाक बताते हुए पाकिस्तान सरकार से इन आरोपों की जांच करने के लिए कहा है.

एनडीटीवी की खबर के मुताबिक, भारत ने इफ़्तार पार्टी न होने देने की पाकिस्तान के इस कदम की रविवार को निंदा की और कहा इसने सभ्य व्यवहार की सभी सीमाओं का उल्लंघन किया है. भारत ने पाकिस्तान से इस मामले की त्वरित जांच के लिए कहा है.

भारतीय उच्चायोग द्वारा जारी बयान में कहा गया, ‘1 जून को घटी निराशाजनक घटनाओं की श्रृंखला न केवल कूटनीतिक व्यवहार की मूलभूत बातों का बल्कि सभ्य व्यवहार की सभी सीमाओं का भी उल्लंघन है.’

 

बयान में कहा गया, ‘राजनयिकों और पाकिस्तान में भारतीय उच्चायोग के अधिकारियों को धमकी और दबाव के जरिए उन्हें उनके कूटनीतिक कामों को नहीं करने देना हमारे द्विपक्षीय संबंधों के लिए पूरी तरह से विपरीत प्रभाव डालने वाला है.’

बयान में कहा गया है कि पार्टी में आने वालों को धमकाने पर भारत ने पाकिस्तान से अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया है.

गौरतलब है कि शनिवार शाम भारतीय उच्चायुक्त अजय बिसारिया ने पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद के सेरेना होटल में वार्षिक इफ़्तार कार्यक्रम का आयोजन किया था, जिसमें पूरे पाकिस्तान से अतिथियों को आमंत्रित किया गया था.

इफ़्तार में पहुंचे मेहमानों को पाकिस्तानी अधिकारियों की बदसलूकी का सामना करना पड़ा था क्योंकि सुरक्षा जांच बढ़ाने के कारण ये अधिकारी उन्हें किसी न किसी वजह से रोक रहे थे. कार्यक्रम में शरीक होने वालों ने बताया कि इस आलीशान होटल के आसपास अतिरिक्त सुरक्षा इंतजाम किए गए थे.

इस संबंध में एक पत्रकार ने बताया कि उसने वहां आम दिनों की तुलना में कहीं अधिक सुरक्षा इंतज़ाम देखा लेकिन जिन लोगों के पास निमंत्रण पत्र और पहचान पत्र थे, उन्हें इसमें शामिल होने दिया जा रहा था.

उन्होंने कहा, ‘मेरे निमंत्रण पत्र की भी जांच की गई और मेरे पेशे तथा रहने की जगह के बारे में पूछताछ की गई और फिर मुझे अंदर जाने दिया गया.’

जानी-मानी पत्रकार मेहरीन जाहरा-मलिक ने ट्वीट किया, ‘इस्लामाबाद के सेरेना होटल में गजब की बदसलूकी की गई. भारतीय उच्चायोग की ओर से आयोजित इफ़्तार में पुलिस और आतंकवाद रोधी बल ने होटल में जाने वाले हर शख्स से बदसलूकी की गई. यह यकीनन बदसलूकी है.’

इस संबंध में एक अन्य पत्रकार ने नाम नहीं बताने की शर्त पर बताया कि वह कार्यक्रम में शामिल नहीं हुआ क्योंकि उसे पूछताछ और सुरक्षा जांच का डर था. उन्होंने यह भी बताया कि ऐसी खबरें हैं कि कुछ मेहमानों को अज्ञात लोगों ने बुलाया और उनसे कहा कि वे कार्यक्रम में शामिल न हों.

पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के वरिष्ठ नेता फरहतुल्ला बाबर ने कहा कि हर किसी की नजरें होटल की लॉबी में मेहमानों पर टिकी थीं.

उन्होंने ट्वीट किया, ‘भारतीय उच्चायोग द्वारा आयोजित इफ़्तार के लिए आया था. ऐसा लग रहा था कि होटल की किलेबंदी कर दी गई हो. मुझे बताया गया कि इफ़्तार रद्द हो गया है. जब जोर देकर पूछा तो बताया गया कि मैं दूसरे गेट का इस्तेमाल करूं. दूसरा गेट बंद था और मुझे फिर सामने के गेट से जाने को कहा गया. क्या चल रहा है? कुछ तो गड़बड़ है.’

बाबर ने कहा कि स्थानीय प्रशासन द्वारा किसी न किसी वजह से मेहमानों को रोकने की तमाम कोशिशों के बावजूद वह किसी तरह भारतीय उच्चायोग के इफ़्तार में शामिल हुए.

भारतीय उच्चायुक्त बिसारिया ने वहां मौजूद मेहमानों को अपने संबोधन में कहा कि कुछ मेहमान जश्न में नहीं आ सके. उन्होंने कहा, ‘मैं माफी चाहता हूं कि आपमें से कुछ लोगों को यहां बहुत कठिनाई हुई और हमारे कुछ दोस्त नहीं आ सके.’

एएनआई की रिपोर्ट के मुताबिक इफ़्तार पार्टी में बुलाए गए मेहमानों के घरों तक पाकिस्तानी अधिकारियों ने जाकर उसमें शामिल न होने के लिए धमकाया था.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)