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नर्मदा नदी न्यास अध्यक्ष की कुर्सी संभालते ही कम्प्यूटर बाबा ने हेलीकॉप्टर की मांग की

कम्प्यूटर बाबा का कहना है कि अगर नदियों को बचाना है तो इसके लिए उन्हें आधुनिक अस्त्र-शस्त्र की भी जरूरत होगी. मध्य प्रदेश की कमलनाथ सरकार ने आठ मार्च को कम्प्यूटर बाबा को नदी न्यास का अध्यक्ष नियुक्त किया था.

Jabalpur: Spiritual leader Namdeo das Tyagi, popularly known as 'Computer baba' talks to the media during 'Narmade Sansad' program in Jabalpur, Thursday, Nov. 22, 2018. (PTI Photo) (PTI11_22_2018_000065B)

कम्प्यूटर बाबा (फोटोः पीटीआई)

भोपालः मध्य प्रदेश के कम्प्यूटर बाबा उर्फ नामदेव दास त्यागी ने मंगलवार को नर्मदा, क्षिप्रा एवं मंदाकिनी नदी न्यास के अध्यक्ष की कुर्सी संभाल ली.

एनडीटीवी की रिपोर्ट के मुताबिक, कम्प्यूटर बाबा ने नर्मदा परिक्रमा के लिए मध्य प्रदेश सरकार से हेलीकॉप्टर की मांग की है. उनका कहना है कि अगर नदियों को बचाना है तो इसके लिए उन्हें आधुनिक अस्त्र-शस्त्र की भी जरूरत होगी.

कम्प्यूटर बाबा ने नर्मदा रिवर ट्रस्ट के चेयरमैन का पद औपचारिक रूप से संभाल लिया है. ये ट्रस्ट राज्य की कमलनाथ सरकार के तहत आता है.

राज्य की कमलनाथ सरकार ने मार्च में कम्प्यूटर बाबा को ‘मां नर्मदा, मां क्षिप्रा एवं मां मंदाकिनी नदी न्यास’ का अध्यक्ष नियुक्त किया था.

कम्प्यूटर बाबा ने पद संभालने के बाद कहा, ‘अब जब मुझे ट्रस्ट का प्रमुख पद सौंपा गया है, तो मुझे मध्य प्रदेश की जीवन रेखा मानी जाने वाली नदी की वास्तविक स्थिति का पता लगाने के लिए नर्मदा नदी का हवाई सर्वेक्षण करने के लिए जल्द से जल्द एक हेलीकॉप्टर चाहिए. हेलीकॉप्टर से मुझे पिछली शिवराज सिंह चौहान सरकार के दौरान नदी तट पर लगाए गए पेड़ों की स्थिति के साथ नदी में बड़े पैमाने पर रेत खनन के बारे में वास्तविक सच्चाई का पता लगाने में मदद मिलेगी.’

कम्प्यूटर बाबा ने यह भी कहा कि ट्रस्ट नर्मदा नदी के संरक्षण के साथ मंदाकिनी और क्षिप्रा नदियों के लिए काम करेगा, नदी को संरक्षित करने के लिए नदी किनारे के गांवों के युवा स्वयंसेवकों की नर्मदा युवा सेना का निर्माण किया जाएगा और साथ ही आम लोगों को सक्षम बनाने के लिए मां नर्मदा हेल्पलाइन शुरू की जाएगी, जहां नदी में खनन या किसी अन्य अवैध गतिविधि के बारे में शिकायत की जा सकेगी.

आपको बता दें कि कम्प्यूटर बाबा उन पांच धर्मगुरुओं में शामिल थे, जिन्हें नर्मदा नदी संरक्षण के लिए काम करने सहित विभिन्न धार्मिक और पर्यावरणीय कारणों से शिवराज सिंह चौहान सरकार द्वारा राज्य मंत्री रैंक दी गई थी.