राजनीति

पश्चिम बंगाल: हिंसा का हवाला देते हुए ममता बनर्जी ने लगाया भाजपा के विजय जुलूसों पर प्रतिबंध

मंगलवार को मारे गए एक टीएमसी नेता के घर पहुंची मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि भाजपा ने विजय जुलूसों के नाम पर कई जिलों में अव्यवस्था फैलाई है.

ममता बनर्जी (फोटो: पीटीआई)

ममता बनर्जी (फोटो: पीटीआई)

कोलकाता: भाजपा पर हिंसा फैलाने  का आरोप लगाते हुए पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने गुरुवार को पार्टी के विजय जुलूसों पर प्रतिबंध लगा दिया है.

हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक उन्होंने यह भी कहा कि अगर कोई भाजपा नेता कोई मुश्किल खड़ी करता है, तो पुलिस को उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है.

नॉर्थ 24 परगना जिले के निमता में मारे गए स्थानीय टीएमसी नेता निर्मल कुंडू के घर पहुंची मुख्यमंत्री ने कहा, ‘मुझे निर्मल के परिवार ने बताया कि निर्मल स्थानीय भाजपा के दुश्मन बन गए थे क्योंकि उन्होंने अपने घर के बाहर दिल्ली में नई सरकार के शपथ-ग्रहण के सीधे प्रसारण के लिए एक बड़ी एलसीडी स्क्रीन नहीं लगाने दी थी. यह कोई मामूली सुपारी देकर करवाई गई हत्या नहीं है, ये बड़ी साज़िश है. सीआईडी इस हत्या की जांच करेगी.’

समाचार एजेंसी आईएएनएस के अनुसार उन्होंने यह भी कहा, ‘मेरे पास सूचनाएं हैं कि भाजपा ने विजय जुलूसों के नाम पर हुगली, बांकुरा, पुरुलिया और मिदनापुर जिलों में अव्यवस्था फैलाई है. अब से एक भी विजय जुलूस नहीं निकलेगा.’

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि इसका उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने कहा, ‘अब एक भी विजय जुलूस नहीं निकलनी चाहिए क्योंकि लोकसभा चुनाव के नतीजों का ऐलान हुए 10 से ज्यादा दिन हो गए हैं. अगर कोई नेता राज्य में दंगों जैसी स्थिति पैदा करने की कोशिश करेगा तो मैंने पुलिस को कानून के अनुसार कार्रवाई करने और स्थिति बिगड़ने से रोकने के लिए कड़े कदम लेने को कहा है.’

उनके इस फैसले पर भाजपा के राष्ट्रीय सचिव राहुल सिन्हा ने सवाल उठाए हैं. उन्होंने कहा, ‘यह आदेश साबित करता है कि प्रदेश में कानून और व्यवस्था की स्थिति कितनी ख़राब है और किस तरह सरकार अपना फर्ज निभाने में नाकाम रही है. यह स्वीकारोक्ति ऐसे व्यक्ति (ममता बनर्जी) की ओर से आई है जो खुद राज्य का गृह मंत्री है.’

23 मई को लोकसभा चुनाव परिणाम आने के बाद से राज्य भर में हुई राजनीतिक हिंसा में कम से कम 7 लोगों की हत्या हुई है.

निर्मल कुंडू (37) टीएमसी की पार्षद स्तर की निमता इकाई के अध्यक्ष थे, जिनकी मंगलवार को 4 से 5 अज्ञात बाइकसवार हमलावरों ने गोली मारकर हत्या कर दी. यह हत्या उस क्षेत्र में लगे एक सीसीटीवी कैमरा में रिकॉर्ड हुई है.

भाजपा के स्थानीय नेताओं का कहना है कि कुंडू की हत्या टीएमसी के अंदरूनी झगड़ों का परिणाम है. भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष दिलीप घोष का कहना है कि टीएमसी के गुंडे एकदूसरे को मार रहे हैं और अपने आपसी झगड़ों में हमारा नाम घसीट रहे हैं. वहीं दमदम से टीएमसी सांसद सौगता रॉय ने कहा, ‘भाजपा समर्थित गुंडों ने निर्मल की हत्या की है.’

पुलिस ने गुरुवार को सुमन कुंडू नाम के एक व्यक्ति को हत्या के शक में गिरफ्तार किया है. बराकपोर के डीसीपी (जोन-2) आनंद रॉय ने बताया, ‘सुमन कुंडू इस इलाके में एक सक्रिय भाजपा नेता के रूप में जाना जाता है. जांच के दैरान हमने मुर्शिदाबाद के एक अपराधी सुजॉय दास को गिरफ्तार किया है और उससे देसी पिस्तौल और तीन कारतूस बरामद हुए हैं.’

निमता पहुंची मुख्यमंत्री ने भाजपा के प्रदेश में 18 लोकसभा सीटें जीतने पर भी सवाल उठाया, उन्होंने कहा कि अगर उन्हें जनता के समर्थन से जीत मिली होती तो कोई हिंसा नहीं होती.

बनर्जी ने कहा, ‘इंदिरा गांधी की हत्या के बाद कांग्रेस ने बंगाल में 16 लोकसभा सीटें जीती थीं लेकिन एक आदमी की भी हत्या नहीं हुई. 2009 में कांग्रेस और टीएमसी ने साथ में 26 सीटें जीतीं लेकिन तब भी कोई हत्या नहीं हुई थी. भाजपा ने पैसे और धोखाधड़ी से केवल 18 सीटें जीतीं हैं और रक्तपात देखिए.’