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उत्तर प्रदेश में आंधी-तूफान और बिजली गिरने से 19 लोगों की मौत, 48 घायल

उत्तर प्रदेश के राहत आयुक्त कार्यालय ने बताया कि मैनपुरी में सबसे अधिक छह लोगों की मौत हुई. एटा और कासगंज में तीन-तीन लोगों के मरने की ख़बर है.

Allahabad: Commuters ride past a fallen tree that was uprooted after last night thunderstorm, in Allahabadi, on Monday. (PTI Photo) (PTI5_14_2018_000066B)

(फोटो: पीटीआई)

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में आंधी-तूफान और आकाशीय बिजली गिरने से कम से कम 19 लोगों की मौत हो गयी तथा 48 अन्य घायल हो गए.

प्रदेश के राहत आयुक्त कार्यालय ने शुक्रवार को बताया कि मैनपुरी में सबसे अधिक छह लोगों की मौतें हुईं. एटा और कासगंज में तीन-तीन लोगों के मरने की खबर है.

कार्यालय के अनुसार, मुरादाबाद में आकाशीय बिजली गिरने से एक व्यक्ति की मौत हो गई. बदायूं, पीलीभीत, मथुरा, कन्नौज, संभल और गाजियाबाद से भी एक-एक व्यक्ति की मौत की खबर है.

राज्य के अलग-अलग हिस्सों में गुरुवार देर शाम आंधी-तूफान आया. जगह-जगह पेड़ टूटकर गिर गए. अनेक मकानों की दीवारें ढह गईं.

कार्यालय ने बताया कि सबसे अधिक 41 लोग मैनपुरी में घायल हुए.

इस बीच, राज्य सरकार के प्रवक्ता ने बताया कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आंधी-तूफान से प्रभावित एटा, कासगंज, मैनपुरी, बदायूं, मुरादाबाद, फर्रुखाबाद जनपदों के प्रभारी मंत्रियों को निर्देश दिया है कि वे संबंधित जनपदों का दौरा कर राहत कार्य का जायजा लें.

उन्होंने संबंधित जनपदों के जिलाधिकारियों को स्वयं क्षेत्रों का दौरा कर राहत वितरित करने के निर्देश भी दिए.

प्रवक्ता ने बताया कि जनपद एटा के प्रभारी मंत्री अतुल गर्ग, जनपद कासगंज के सुरेश पासी, जनपद मैनपुरी के गिरीश यादव, जनपद बदायूं के स्वामी प्रसाद मौर्य, जनपद मुरादाबाद के महेन्द्र सिंह तथा जनपद फर्रुखाबाद के प्रभारी मंत्री चेतन चौहान हैं.

उन्होंने बताया कि आंधी-तूफान आने की वजह से जगह-जगह बिजली गुल हो गई. राजधानी लखनऊ में कल रात बार-बार बिजली गुल होती रही.

उत्तर प्रदेश सरकार के प्रवक्ता श्रीकांत शर्मा ने बताया कि मुख्यमंत्री की ओर से मृतकों के परिजनों को चार-चार लाख रुपये की आर्थिक मदद का ऐलान किया गया है.

बसपा प्रमुख मायावती ने मांग की कि राज्य सरकार पीड़ितों को पर्याप्त राहत एवं मुआवजा दे.