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छत्तीसगढ़ में महिलाओं की शिकायत, चोरी हुआ शौचालय

बिलासपुर जिले में महिलाओं ने आरोप लगाया है कि ग्राम पंचायत ने कागज़ों में शौचालयों का निर्माण कराया और अवैध तरीके से राशि भी निकाल ली, जिस पर पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है.

ToiletPTI

प्रतीकात्मक फोटो (पीटीआई)

2009 में एक फिल्म आई थी वेल डन अब्बा, फिल्म में एक बाप-बेटी मिलकर अपनी चोरी हुई बावड़ी (कुआं) तलाशते नज़र आते हैं. यह फिल्मी वाकया अब सच साबित हो गया है, बस बावड़ी की जगह इस बार एक मां-बेटी के शौचालय गायब हुए हैं.

मामला बिलासपुर जिले के पेंड्रा विकासखंड के अमरपुर गांव का है . यहां की दो महिलाओं ने पुलिस थाने में एक अनोखी शिकायत दर्ज कराई है. इन्होने अपने घर से शौचालय चोरी हो जाने की शिकायत की है और पुलिस से शौचालयों को ढूंढ़ निकालने तथा चोरी करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है.

पेंड्रा थाना के प्रभारी इशहाक खलको ने बताया कि पेंड्रा विकासखंड के अमरपुर गांव की दो महिलाओं  बेला बाई और उनकी बेटी चंदा बाई ने वर्ष 2015-16 में अपने घर में शौचालय निर्माण के लिए आवेदन दिया था. बेला और चंदा दोनों विधवा हैं और बेहद गरीब परिवार से आती हैं. दोनों एक ही घर के दो अलग-अलग हिस्सों में रहती हैं.

खलको ने बताया कि ग्राम पंचायत ने अन्य हितग्राहियों के साथ दोनों महिलाओं का आवेदन जनपद पंचायत पेंड्रा के पास स्वीकृति के लिए भेजा दिया था. जनपद ने दोनों महिलाओं सहित सभी आवेदनकर्ताओं को शौचालय निर्माण की स्वीकृति देते हुए ग्राम पंचायत अमरपुर को मामला सौंप दिया था.

पर एक वर्ष से भी ज़्यादा समय बीत जाने और गांव की सरपंच सावित्री परदेशी तथा सचिव राय सिंह से किसी प्रकार की जानकारी नहीं मिलने पर दोनों महिलाओं ने सीधे जनपद पंचायत में गुहार लगाई.

पुलिस अधिकारी ने यह भी बताया कि इसी दौरान अमरपुर गांव के आरटीआई कार्यकर्ता और वार्ड सदस्य सुरेंद्र पटेल ने भी इस मामले में जानकारी मांगी. सूचना के अधिकार के तहत मिली जानकारी से यह खुलासा हुआ कि हितग्राही महिलाओं के नाम से स्वीकृत शौचालयों का न केवल निर्माण पूरा हो चुका है, बल्कि इससे संबंधित राशि भी निकाली जा चुकी है. यह जानने के बाद महिलाएं शिकायत लेकर थाने पहुंची हैं.

इस मामले में आरटीआई कार्यकर्ता सुरेंद्र पटेल का कहना है कि ग्राम पंचायत अमरपुर में शौचालयों के निर्माण में भारी अनियमितता बरती गई है. ग्राम पंचायत ने कागज़ों में शौचालयों का निर्माण कराया और अवैध तरीके से राशि भी निकाल ली गई है.

पटेल का यह भी कहना है कि ये सिर्फ इन दो महिलाओं का ही मामला नहीं है, बल्कि गांव के कुछ और लोग भी इससे प्रभावित हैं.

बेला और चंदा दोनों  के अनुसार आज तक उनके घर में शौचालय नहीं बना है, जबकि उनको मिली जानकारी के अनुसार सरकारी कागज़ों में यह काम पूरा हो चुका है, यही कारण है कि उन्होंने थाने में शौचालय चोरी हो जाने की शिकायत दर्ज कराई है.

पेंड्रा थाना के प्रभारी खलको का कहना है कि बेला बाई और चंदा बाई की शौचालय चोरी की शिकायत के बाद जांच जारी है. अगर शिकायत सही पाई गई तो प्राथमिकी दर्ज की जाएगी. जनपद पंचायत पेंड्रा के सीईओ केएस धु्रव ने बताया कि उन्हें इसकी जानकारी मिली है. वे मामले की जांच कर रहे हैं.

उन्होंने कहा कि मामले में निर्माण राशि को निकाले जाने के बारे में भी कहा गया हुआ, जिसकी जांच की जा रही है. जांच होने के बाद ही इस संबंध में पूरी जानकारी मिल सकेगी.