भारत

पंजाब: कर्ज नहीं चुकाने पर महिला की बुरी तरह पिटाई, कांग्रेस पार्षद समेत सात गिरफ़्तार

मामला पंजाब के मुक्तसर जिले का है. कर्ज नहीं चुकाने को लेकर कांग्रेस नेता के भाई समेत कुछ लोगों ने एक महिला को घर से खींचकर उसकी कथित रूप से बेल्ट और लात-घूंसों से पिटाई की थी.

(फोटो साभार: एएनआई)

(फोटो साभार: एएनआई)

चंडीगढ़: पंजाब के मुक्तसर जिले में कर्ज नहीं चुकाने को लेकर कांग्रेस नेता के भाई समेत कुछ लोगों ने एक महिला को घर से खींचकर उसकी कथित रूप से बेल्ट और लात-घूंसों से पिटाई की. पुलिस ने शनिवार को यह जानकारी दी.

23,000 रुपये का कर्ज कथित रूप से नहीं चुका पाने पर शुक्रवार को महिला की पिटाई का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद विपक्षी पार्टियों ने राज्य में कानून व्यवस्था की बिगड़ती स्थिति की आलोचना की.

मामले के 10 आरोपियों में सात को गिरफ्तार कर लिया गया है. इनमें मुक्तसर के कांग्रेस पार्षद राकेश चौधरी और उसके भाई भी शामिल हैं.

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) मंजीत सिंह धेसी ने शनिवार को बताया, ‘हमने आज शाम सातवें आरोपी राकेश चौधरी (कांग्रेस पार्षद) को भी गिरफ्तार कर लिया.’ महिला की पिटाई करने वाले में शामिल नहीं रहे राकेश पर आपराधिक षड्यंत्र के साथ ही आईपीसी की संबंधित धाराओं के तहत आरोप लगाए गए हैं.

वीडियो में देखा जा सकता है कि 35 वर्षीय महिला की सड़क के बीचों बीच पिटाई की जा रही है और उसका बेटा असहाय स्थिति में यह देखने को मजबूर है. वह रोता-बिलखता हुआ कहता है : ‘मेरी मां को पीटा जा रहा है.’

महिला के बेटे ने ही यह वीडियो बनाया जिसमें एक व्यक्ति महिला के बाल खींचते हुए नजर आ रहा है. पिटाई के दौरान सड़क पर गिर गई महिला पर एक आरोपी बैठा हुआ भी दिख रहा है.

पुलिस ने बताया कि आरोपियों में शामिल एक व्यक्ति की पत्नी और पीड़िता के बीच पैसे को लेकर विवाद होने के बाद उसकी बुरी तरह पिटाई की गयी. पीड़िता ने पार्षद के भाई सुरेश चौधरी से 23,000 रुपये कर्ज लिया था.

धेसी ने बताया कि बचे हुए तीन आरोपियों – हासन, रेणु और ज्योति को गिरफ्तार किया जाना अब भी शेष है. धेसी ने बताया कि 10 आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है.

एसएसपी ने बताया कि शनिवार को छह आरोपियों को स्थानीय अदालत में पेश किया गया और उन्हें दो दिन के लिये पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है.

मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने इस घटना की निंदा करते हुए कहा कि हिंसा की ऐसी घटनाओं को बर्दाश्त नहीं किया जायेगा. सिंह ने ट्वीट किया, ‘मुक्तसर की घटना में शामिल आरोपियों को पंजाब पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है और आईपीसी की धारा 307 के तहत हत्या के प्रयास का मामला दर्ज किया है. कोई भी कानून से ऊपर नहीं है और हिंसा की ऐसी घटनाओं को बर्दाश्त नहीं किया जायेगा.’

प्रदेश महिला आयोग की अध्यक्ष मनीषा गुलाटी ने कहा कि आयोग यह सुनिश्चित करेगा कि आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो ताकि कोई भी इस तरह की ‘अमानवीयता’ को दोहराने की हिम्मत नहीं करे.
गुलाटी ने कहा कि पुलिस को मामले में सख्त कार्रवाई का निर्देश दिया गया है और आयोग की एक सदस्य ने मुक्तसर में महिला से मुलाकात भी की.

शिरोमणि अकाली दल (शिअद) और आम आदमी पार्टी (आप) ने कांग्रेस के नेतृत्व वाली राज्य सरकार की आलोचना की और आरोप लगाया कि राज्य में कानून व्यवस्था बिगड़ती जा रही है.

शिअद प्रवक्ता दलजीत सिंह चीमा ने कहा, ‘ऐसी घटना कभी नहीं देखी थी जिसमें एक महिला को ऐसे बर्बर तरीके से पीटा जा रहा हो. यह राज्य में कानून व्यवस्था की स्थिति की वास्तविक तस्वीर है.’
चीमा ने कहा कि महिलाएं अपने घरों में भी सुरक्षित महसूस नहीं कर रही हैं.

आप विधायक एवं विपक्ष के नेता हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि अगर मुख्यमंत्री ऐसी घटनाएं रोक नहीं सकते हैं तो उन्हें गृह विभाग छोड़ देना चाहिए. उन्होंने कहा, ‘राज्य में कानून व्यवस्था की स्थिति बदतर हो गयी है.’