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बिहार: मुज़फ़्फ़रपुर में दिमागी बुखार सहित अज्ञात बीमारी से अब तक 84 बच्चों की मौत

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने प्रत्येक मृतक के परिजन को चार-चार लाख रुपये का मुआवज़ा देने की घोषणा की है.

Bihar AES Muzaffarpur Photo Umesh Ray (6)

एक बीमार बच्चे को देखते डॉक्टर. (फोटो: द वायर)

पटना/मुजफ्फरपुर: बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में रविवार की सुबह संदिग्ध रूप से दिमागी बुखार के कारण एक और बच्चे की मौत हो गई, जिसके साथ ही, जिले में इस महीने जान गंवाने वाले बच्चों की संख्या 84 हो गई.

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने प्रत्येक मृतक के परिजन को चार-चार लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की है. एक आधिकारिक विज्ञप्ति में कहा गया है कि कुमार ने मुजफ्फरपुर में बच्चों की मौत पर गहरा दुख व्यक्त किया और मृतक के परिजनों को अनुग्रह राशि के रूप में चार-चार लाख रुपये देने का आदेश दिया.

उन्होंने स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन के अधिकारियों के साथ-साथ डॉक्टरों को भी बीमारी से निपटने के लिए हरसंभव उपाय करने के निर्देश दिए. मुख्यमंत्री ने संदिग्ध एक्यूट इंसेफेलाइटिस सिंड्रोम (एईएस) से पीड़ित बच्चों के शीघ्र स्वस्थ होने के लिए प्रार्थना की.

मुजफ्फरपुर जिला प्रशासन द्वारा जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि रविवार को सुबह नौ बजे तक, सरकार द्वारा संचालित श्रीकृष्ण मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (एसकेएमसीएच) और एक ट्रस्ट द्वारा संचालित केजरीवाल अस्पताल में 84 बच्चों की मौत हो चुकी है.

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विज्ञप्ति के मुताबिक, संदेह है कि ये बच्चे एईएस से पीड़ित थे. एसकेएमसीएच में 69 बच्चों की जान गई जबकि 14 बच्चों की मौत केजरीवाल अस्पताल में हुई.

बहरहाल, अधिकारियों का कहना है कि ज्यादातर बच्चे हाइपोग्लाइसेमिया से पीड़ित थे. हाइपोग्लाइसेमिया में रक्त शर्करा (ब्लड शुगर) का स्तर बहुत कम हो जाता है और साथ इलेक्ट्रोलाइट असंतुलन भी होता है. जान गंवाने वाले ज्यादातर बच्चों की उम्र दस साल से कम थी.

एक जून के बाद से एसकेएमसीएच अस्पताल में 197 बच्चों को भर्ती किया गया और केजरीवाल अस्पताल में 91 बच्चों को ले जाया गया. इन बच्चों को एईएस होने का संदेह था लेकिन ज्यादातर को हाइपोग्लाइसेमिया से पीड़ित पाया गया.

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने रविवार को मुजफ्फरपुर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया. हर्षवर्धन के अलावा केंद्रीय राज्य स्वास्थ्य मंत्री अश्विनि चौबे भी अस्पताल पहुंचे और पीड़ित परिवार से मुलाकात की. केंद्र की ओर से विशेषज्ञों के एक दल ने बुधवार को मुजफ्फरपुर का दौरा किया था.