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सीबीआई ने जाने माने वकील आनंद ग्रोवर, ‘लॉयर्स कलेक्टिव’ के ख़िलाफ़ दर्ज किया मामला

आरोप है कि गैर सरकारी संगठन लॉयर्स कलेक्टिव द्वारा विदेशी मदद के इस्तेमाल में अनियमितताएं की गईं. हालांकि संगठन ने इस कार्रवाई को अभिव्यक्ति की आज़ादी पर हमला बताया है.

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वकील आनंद ग्रोवर. (फोटो साभार: जीएनएलयू)

नई दिल्ली: सीबीआई ने विदेशी मदद हासिल करने में नियमों के कथित उल्लंघन को लेकर जाने माने वकील आनंद ग्रोवर और मुंबई स्थित उनके स्वयंसेवी संगठन ‘लॉयर्स कलेक्टिव’ के खिलाफ मामला दर्ज किया है.

एजेंसी ने गृह मंत्रालय की शिकायत के आधार पर प्राथमिकी दर्ज की है. मंत्रालय ने समूह को मिली विदेशी मदद के इस्तेमाल में कई विसंगतियां होने का आरोप लगाया है.

केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने ‘लॉयर्स कलेक्टिव’ के अध्यक्ष ग्रोवर और संगठन के अज्ञात पदाधिकारियों के अलावा अन्य अज्ञात अधिकारियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है.

मंत्रालय की शिकायत के अनुसार समूह को 2006-07 और 2014-15 के बीच 32.39 करोड़ रुपए की विदेशी सहायता मिली थी जिसमें अनियमितताएं की गईं जो विदेशी चंदा (विनियमन) अधिनियम (एफसीआरए) का उल्लंघन है. मंत्रालय की शिकायत अब प्राथमिकी का हिस्सा है.

हालांकि लॉयर्स कलेक्टिव ने इस कार्रवाई को अभिव्यक्ति की आजादी पर हमला बताया है. उन्होंने कहा, ‘हमारे खिलाफ एफसीआरए कार्रवाई इसलिए की गई क्योंकि एनजीओ के पदाधिकारियों ने बीजेपी और भारत सरकार के प्रमुख लोगों के खिलाफ संवेदनशील मामले उठाए थे, जिसमें वर्तमान गृह मंत्री अमित शाह समेत अन्य लोग शामिल हैं.’

वहीं, मंत्रालय ने कहा कि एनजीओ की उपलब्ध जानकारी और रिकॉर्डों की जांच के आधार पर एफसीआरए, 2010 के विभिन्न प्रावधानों का प्रथम दृष्ट्या उल्लंघन पाया गया.

मंत्रालय ने दावा किया कि जांच के दौरान पाए गए उल्लंघनों के आधार पर एनजीओ से जवाब मांगा गया था लेकिन उसे संतोषजनक नहीं पाया गया. इसके बाद उसका एफसीआरए पंजीकरण निलंबित कर दिया गया और कारण बताओ नोटिस जारी किया गया.

ग्रोवर पूर्व अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल और उच्चतम न्यायालय की वकील इंदिरा जयसिंह के पति हैं.

हाल में उच्चतम न्यायालय में ‘लॉयर्स वायस’ द्वारा दायर एक जनहित याचिका में आरोप लगाया गया था कि ‘लॉयर्स कलेक्टिव’ द्वारा एकत्र चंदे का ‘देश के खिलाफ गतिविधियों’ में दुरुपयोग किया गया.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)