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चुनाव आयोग ने कहा, ईवीएम में गड़बड़ी साबित करने की खुली चुनौती देंगे

मुख्य चुनाव आयुक्त नसीम जैदी ने कहा, पार्टियों को चुनौती देंगे कि वे 5 राज्यों के चुनाव में इस्तेमाल की गई ईवीएम में गड़बड़ी के अपने दावे को सच साबित करके दिखाएं.

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चुनाव आयोग द्वारा बुलाई गई सर्वदलीय मीटिंग के दौरान मुख्य चुनाव आयुक्त व अन्य. (फोटो: पीटीआई)

मुख्य चुनाव आयुक्त नसीम जैदी ने पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव के दौरान ईवीएम में गड़बड़ी की शिकायतों पर सभी राजनीतिक दलों को ईवीएम से छेड़छाड़ करके दिखाने की खुली चुनौती देने की बात कही है.

आयोग द्वारा आज आयोजित सर्वदलीय बैठक में ईवीएम को गड़बड़ी से शतप्रतिशत सुरक्षित रखने के लिए किए गए उपायों पर दिन भर चले विचार विमर्श के बाद जैदी ने कहा कि कुछ दलों की आशंकाओं को दूर करने के लिए जल्द ही आयोग मशीन में गड़बड़ी की खुली चुनौती देगा.

उन्होंने कहा कि आयोग राजनीतिक दलों को चुनौती देगा कि वे पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव में इस्तेमाल की गई ईवीएम में गड़बड़ी किए जाने के अपने दावे को सच साबित करके दिखाएं. चुनौती में यह भी साबित करने का मौका दिया जाएगा कि इन मशीनों में तकनीकी और प्रशासनिक आधार पर गड़बड़ी की गई थी. खुली चुनौती के समय के सवाल पर उन्होंने सिर्फ इतना ही कहा कि जल्द ही इसकी तारीख घोषित की जाएगी.

42 दलों ने लिया मीटिंग में हिस्सा

उन्होंने बताया कि बैठक में सभी 7 राष्ट्रीय दल और 35 राज्य स्तरीय दलों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया. आयोग ने पांच राज्यों के गत मार्च में सम्पन्न विधानसभा चुनाव के दौरान ईवीएम में गड़बड़ी किए जाने की कुछ दलों की शंकाओं के समाधान हेतु आज सभी 7 राष्ट्रीय दल और 48 राज्य स्तरीय दलों को इस बैठक में शामिल होने के लिये आमंत्रित किया था.

बैठक के समापन पर जैदी ने बताया कि सभी दलों ने आयोग द्वारा भविष्य में सभी चुनाव अब वीवीपेट युक्त ईवीएम से कराने के फैसले का स्वागत किया है. वीवीपेट मशीन से मतदाता की पसंद के उम्मीदवार को ही वोट दिए जाने का सबूत देने वाली पर्ची ईवीएम को गड़बड़ी की आशंकाओं से मुक्त करेगी.

चुनाव आयोग का कोई पसंदीदा नहीं है

नसीम जैदी ने कहा, ईवीएम के साथ वीवीपीएटी यानी वोटर वेरीफायेबल पेपर ऑडिट ट्रेल प्रणाली पूरी विश्वसनीयता और पारदर्शिता सुनिश्चित करेगी तथा सभी विवादों को खत्म करेगी लेकिन आयोग जल्दी ही एक चुनौती पेश करेगा. हालांकि, उन्होंने बैठक की शुरूआत में घोषित प्रस्तावित चुनौती के लिए कोई तारीख नहीं बताई.

जैदी ने यह भी कहा कि आपको इस बात से सहमत होना चाहिए कि चुनाव आयोग का कोई पसंदीदा नहीं है. हम सभी पार्टियों और समूहों से समान दूरी बना कर रखते हैं. यह हमारा संवैधानिक और नैतिक कर्तव्य है कि हम 7 राष्ट्रीय और 49 राज्य स्तरीय दलों द्वारा हमारे चारों ओर खींचे गए घेरे के केंद्र बिंदु में रहें.

आप समेत कई पार्टियों ने उठाए थे सवाल

दिल्ली के मुख्यमंत्री एवं आप संयोजक अरविंद केजरीवाल ने दो चुनाव आयुक्तों एके ज्योति और ओपी रावत की स्वतंत्रता पर सवाल उठाए थे, जिसके मद्देनजर जैदी की टिप्पणी आई है. केजरीवाल ने एक साक्षात्कार में दावा किया था कि दोनों चुनाव आयुक्त क्रमश: गुजरात और मध्य प्रदेश में भाजपा सरकारों के करीब रहे हैं. आरोप के बाद रावत ने आप विधायकों को अयोग्य ठहराने से जुड़े मामलों की सुनवाई से खुद को अलग कर लिया था.

उल्लेखनीय है कि गुरुवार को आम आदमी पार्टी ने दिल्ली विधानसभा में ईवीएम मशीन से छेड़छाड़ का प्रदर्शन किया था. पार्टी ने इसका प्रदर्शन करने के लिए ईवीएम से मिलती जुलती मशीन का प्रयोग किया था. कुछ दिन पहले आम आदमी पार्टी के विधायक सौरभ भारद्वाज ने दिल्ली विधानसभा में एक ईवीएम से मिलती जुलती एक मशीन के सहारे यह बताया था कि इसमें कोडिंग के जरिये छेड़छाड़ की जा सकती है.

16 पार्टियों ने उठाए थे ईवीएम पर सवाल

हालांकि निर्वाचन आयोग ने आम आदमी पार्टी के दावों से यह कहते हुए इनकार किया था कि यह मशीन ईवीएम की तरह दिखती है, लेकिन यह भारतीय निर्वाचन आयोग की ईवीएम नहीं है.

कुछ राजनीतिक पार्टियों ने आयोग से उत्तर प्रदेश विधानसभा में इस्तेमाल की गई ईवीएम मशीनें उपलब्ध कराने की मांग की है.
करीब 16 राजनीतिक दलों ने हाल में ही कहा था कि आयोग को पेपर बैलेट प्रणाली से चुनाव कराने चाहिए. इन राजनीतिक दलों का दावा था कि लोगों का इन मशीनों से भरोसा उठ गया है.

आम आदमी पार्टी, बहुजन समाज पार्टी और कांग्रेस समेत कई दलों ने हाल के विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी की जीत के लिए ऐसी ईवीएम मशीन का प्रयोग करने का आरोप लगाया था जिनसे छेड़छाड़ हो सकती है.

हैकिंग की परिभाषा पर बहस

ईवीएम की प्रामाणिकता पर चर्चा करने के लिए आयोग द्वारा बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में हैकिंग की परिभाषा पर बहस हुई. ईवीएम में छेड़छाड़ की संभावना को लेकर विपक्षी दलों के आरोपों की अगुवाई कर रही आम आदमी पार्टी ने दावा किया कि हैकाथन आयोजित करने के उसके प्रस्ताव को आयोग ने खारिज कर दिया है.

बैठक में आप प्रतिनिधियों में शामिल रहेे दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने ट्वीट किया कि चुनाव आयोग ने हैकाथॉन आयोजित करने से इनकार कर दिया. उन्होंने दावा किया कि चुनाव आयोग केवल चुनौती देकर राजनीतिक दलों से कहेगा कि पिछले चुनावों में इस्तेमाल ईवीएम मशीनों में छेड़छाड़ की बात साबित करके दिखाएं. हालांकि सिसोदिया के दावों पर चुनाव आयोग से कोई अधिकृत प्रतिक्रिया नहीं आई है.

चुनाव आयोग द्वारा बुलाई गई सर्वदलीय मीटिंग. (फोटो: पीटीआई)

चुनाव आयोग द्वारा बुलाई गई सर्वदलीय मीटिंग. (फोटो: पीटीआई)

आप विधायक सौरभ भारद्वाज ने बंद दरवाज़े में हुई बैठक से इतर संवाददाताओं को बताया कि चुनाव आयोग राजनीतिक दलों की आशंकाओं को दूर करने के लिए अब तक कुछ नई बात नहीं बताई है. बैठक में हैकिंग की परिभाषा पर बहस हुई. भारद्वाज ने कहा, वे हमें मशीनें उपलब्ध कराके फिर हैकिंग के हमारे आरोप को साबित करने की चुनौती नहीं देंगे. चुनाव आयोग बहुत स्मार्ट होता जा रहा है.

कॉर्पोरेट चंदे पर भी उठे सवाल

भाकपा, राजद और रालोद जैसे अन्य दलों के नेताओं ने ईवीएम के अलावा कॉर्पोरेट चंदे जैसे चुनावी प्रक्रिया के अन्य पहलुओं को भी बैठक में उठाया. भाकपा के राष्ट्रीय सचिव अतुल अंजान ने कहा, पूरा मुद्दा चुनाव प्रक्रिया के मूल्यों और ईमानदारी का है. पश्चिम के विकसित देश ईवीएम का इस्तेमाल क्यों नहीं करते?

राजद के प्रवक्ता मनोज झा ने कहा कि ईवीएम की कभी त्रुटि नहीं करने की गुणवत्ता की बात करके चुनाव आयोग केवल उपकरण के संरक्षक की तरह व्यवहार कर रहा है, ना कि पूरी प्रक्रिया की.

मई के अंत तक आयोग दे सकता है चुनौती

ईवीएम में गड़बड़ी की शिकायतों के मद्देनजर चुनाव आयोग इस महीने के अंतिम सप्ताह में मशीन को हैक करने की खुली चुनौती दे सकता है. इस मुद्दे पर आयोग द्वारा आयोजित सर्वदलीय बैठक के बाद माकपा नेता नीलोत्पल बसु ने बताया कि बैठक के दौरान कुछ दलों की ओर से ईवीएम में छेड़छाड़ करने का दावा किए जाने पर आयोग के अधिकारियों ने इस महीने के अंत में ऐसा कर दिखाने की खुली चुनौती देने की बात कही.

बसु ने कहा, आयोग ने आप नेता मनीष सिसोदिया द्वारा ईवीएम को हैक करके दिखाने को हैकाथॉन कहे जाने पर आपत्ति व्यक्त करते हुए इसके लिये खुली चुनौती शब्द इस्तेमाल करने की बात कही. मशीन को गड़बड़ी की आशंका से बिल्कुल सुरक्षित रखने के आयोग के दावे को गलत साबित करने की खुली चुनौती मई के आखिर में दी जाएगी.

बसु ने कहा, बैठक में आयोग ने अब प्रत्येक चुनाव में वीवीपेट युक्त ईवीएम से मतदान कराने को कहा है. इसका हमने स्वागत करते हुए 50 प्रतिशत वीवीपेट मशीनों के आंकड़े सार्वजनिक करने और ईवीएम को हैकिंग से बचाने के लिए किए गए सुरक्षा उपायों को भी सार्वजनिक करने का सुझाव दिया है. हमारा स्पष्ट मत है कि ईवीएम सहित कोई भी मशीन हैकिंग से पूरी तरह सुरक्षित नहीं है.

हैकाथॉन नहीं कराने पर केजरीवाल को अफसोस

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने चुनाव आयोग द्वारा ईवीएम में गड़बड़ी की शिकायतों को सही साबित करने के लिए हैकाथॉन कराने के आप के सुझाव को खारिज करने पर दुख जताया है. केजरीवाल ने ट्वीट कर कहा कि चुनाव आयोग द्वारा हैकाथॉन के सुझाव को खारिज करना बेहद दुखद है. आप की नेता अतिशी मरलीना के उस ट्वीट को रीट्वीट करके कहा कि चुनाव आयोग हैकाथॉन कराने से क्यों डर रहा है. अगर ईवीएम में कोई गड़बड़ी नहीं की जा सकती है तब तो फिर हैकाथॉन से आयोग का यह दावा सही साबित ही होगा.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)