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छत्तीसगढ़: चिटफंड धोखाधड़ी में रमन सिंह के बेटे अभिषेक सिंह समेत 20 लोगों के ख़िलाफ़ केस दर्ज

अदालत के आदेश के बाद पुलिस ने केस दर्ज किया है. शिकायत के अनुसार, रमन सिंह के बेटे अभिषेक सिंह, पूर्व सांसद मधुसूदन यादव और कांग्रेस नेता रमेश डाकलिया के साथ अनेकों बार जनता के सामने एक चिटफंड कंपनी का प्रचार-प्रसार किया था और लोगों को यकीन दिलाया कि यह कंपनी अभिषेक सिंह की है और सुरक्षित है.

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री रमन सिंह के बेटे अभिषेक सिंह. (फोटो साभार: फेसबुक)

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री रमन सिंह के बेटे अभिषेक सिंह. (फोटो साभार: फेसबुक)

अंबिकापुर: छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले की पुलिस ने पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह के पुत्र अभिषेक सिंह, राजनांदगांव क्षेत्र के पूर्व सांसद मधुसूदन यादव और कांग्रेस नेता नरेश डाकलिया समेत 20 लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर लिया है.

पुलिस को मिली शिकायत के अनुसार, चिटफंड कंपनी के निदेशक और कोर समिति के सदस्य अपने स्टार प्रचारकों रमन सिंह के बेटे अभिषेक सिंह, पूर्व सांसद मधुसूदन यादव और कांग्रेस नेता रमेश डाकलिया के साथ अनेकों बार जनता के सामने कंपनी का प्रचार-प्रसार किया था और समय-समय पर लोगों को यकीन दिलाया कि यह कंपनी अनमोल इंडिया अभिषेक सिंह की है और सुरक्षित है.

अब तक इस मामले में किसी को गिरफ्तार नहीं किया है.

शिकायत में कहा गया है कि अनमोल इंडिया कंपनी निवेशकों से कुछ महीनों में उनका पैसा दोगुना करने का आश्वासन देती थी, लेकिन ऐसा कोई भी लाभ निवेशकों को नहीं मिला. इसके बजाय 2016 में कंपनी ने कई लाख रुपये की धोखाधड़ी कर कामकाज बंद कर दिया.

बहरहाल, अभिषेक सिंह ने कंपनी से किसी भी तरह का ताल्लुक होने की बात से इनकार किया है. उन्होंने कहा, ‘मेरा इस कंपनी से कभी कोई वास्ता नहीं रहा. यह मामला अदालत में टिक नहीं पाएगा.’

सरगुजा क्षेत्र के इंस्पेक्टर जनरल केसी अग्रवाल ने बताया, ‘निवेशक और एजेंट प्रेम सागर गुप्ता (67) की शिकायत के आधार पर अंबिकापुर कोतवाली पुलिस थाने में अभिषेक सिंह, मधुसूदन यादव और नरेश डाकलिया के अलावा अनमोल इंडिया कंपनी के 17 निदेशकों और कोर कमेटी के सदस्यों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है.’

अधिकारियों ने बताया कि जिला मुख्यालय अंबिकापुर के निवासी प्रेम सागर गुप्ता ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी कि वह खेती-किसानी और मजदूरी का काम करते हैं. गुप्ता ने अनमोल इंडिया नामक चिटफंड कंपनी में अपनी जमा पूंजी और घर तथा जमीन बेचकर 98,876 रुपये का निवेश किया था.

आईजी ने बताया कि सभी 20 आरोपियों के खिलाफ के खिलाफ आईपीसी की धारा 420 (धोखाधड़ी और बेईमानी) और 34 (किसी अपराध को अंजाम देने के लिए समान विचार रखना) के अलावा छत्तीसगढ़ निवेशक के हितों का संरक्षण अधिनियम 2005 के तहत मामला दर्ज किया गया है.

शिकायत के अनुसार, अनमोल इंडिया कंपनी का मुख्य कार्यालय नेमिनाथ पैराडाइज, भायंदर वेस्ट, ठाणे में स्थित है तथा छत्तीसगढ़ में अधिकांश जिलों में इसके कार्यालय स्थित थे.

शिकायत के अनुसार, आरोपी कंपनी के निदेशक नागपुर निवासी जावेद मेमन, सपुरा मेमन, जुनैद मेमन, निलोफर बानो, खालिद मेमन, नादिया बानो, हाजी उमर मेमन, रायपुर निवासी फातिमा बानो और हमीद मेमन तथा राजनांदगांव सीबू खान और कंपनी की कोर कमेटी के सात सदस्यों के द्वारा कंपनी का संचालन छत्तीसगढ़ में किया जा रहा था.

शिकायत में कहा गया कि राज्य के विभिन्न थानों में कंपनी के निदेशक और अन्य के विरूद्ध कंपनी से संबंधित निवेशकों की रकम नहीं लौटाए जाने पर धोखाधड़ी कर मामला दर्ज किया गया. इसी बीच, कंपनी के कार्यालयों में ताला बंद कर दिया गया.

हालांकि, इस दौरान कंपनी के निदेशकों ने अपना नया स्कूल और शिक्षण संस्थान भी शुरू कर दिया जिसके प्रचार में भी अभिषेक सिंह, नरेश डाकलिया और मधुसुदन यादव लगातार आते रहे.

सरगुजा रेंज के आईजी केसी अग्रवाल ने बताया कि प्रार्थी प्रेम सागर गुप्ता ने पुलिस से पहले शिकायत की थी. गुप्ता के अनुसार पुलिस ने मामला दर्ज नहीं किया तब उन्होंने स्थानीय अदालत में परिवाद पेश किया था. अदालत के आदेश के बाद अभिषेक सिंह, यादव और डाकलिया समेत 20 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है.

अग्रवाल ने बताया कि पुलिस अभी मामले की जांच कर रही है. जांच के बाद ही इस संबंध में आगे कार्रवाई की जाएगी.

आईजी ने बताया कि जिले में चिटफंड से संबंधित कई मामलों की जानकारी है जिसके संबंध में जांच की जा रही है. इन मामलों में कई लोगों के लाखों रुपये फंसे होने की आशंका है.

एक अन्य पुलिस अधिकारी ने बताया कि आरोपी फातिमा बानो और हामिद मेमन रायपुर के हैं और सीबू खान राजनांदगांव के रहने वाले हैं. ये तीनों अनमोल इंडिया कंपनी के निदेशक थे.

उन्होंने बताया कि सात अन्य आरोपी छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों में रहने वाले थे और छत्तीसगढ़ में कंपनी की कोर कमेटी के सदस्य के रूप में काम कर रहे थे. ये सदस्य निवेशकों को आकर्षित करने के लिए प्रचार अभियान चलाते थे.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)