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बिहार: इंसेफलाइटिस से मरने वाले बच्चों की संख्या 115 हुई, सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाख़िल

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन और अश्विनी कुमार चौबे और राज्य के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए उनके ख़िलाफ़ मुज़फ़्फ़रपुर की एक अदालत में शिकायत दर्ज कराई गई है.

Muzaffarpur: Children showing symptoms of Acute Encephalitis Syndrome (AES) undergoing treatment at Sri Krishna Medical College and Hospital (SKMCH), in Muzaffarpur, Monday, June 17, 2019. (PTI Photo)(PTI6_17_2019_000049B)

(फोटो: पीटीआई)

पटना/मुज़फ़्फ़रपुर/नई दिल्ली: बिहार में एक्यूट इंसेफलाइटिस सिंड्रोम (एईएस) से मरने वाले बच्चों की संख्या बढ़कर अब 115 हो गई है.

मुज़फ़्फ़रपुर श्रीकृष्ण मेडिकल कालेज अस्पताल के अधीक्षक डॉ. सुनील कुमार शाही ने बताया कि बुधवार को पांच और बच्चों की मौत हो गई. इन पांच बच्चों को मिला कर उनके अस्पताल में मरने वाले बच्चों की संख्या अब 95 हो गई है.

उन्होंने बताया कि बुधवार को 22 और बीमार बच्चों को भर्ती कराया गया. अब तक उनके अस्पताल में एईएस के कारण भर्ती कराए गए कुल बच्चों की संख्या 372 हो गई है. स्वास्थ्य लाभ के बाद 118 बच्चों को अस्पताल से छुट्टी दी जा चुकी है.

वहीं निजी केजरीवाल अस्पताल में मंगलवार की रात से एईएस पीड़ित दो और बच्चे भर्ती कराए गए. बीते 24 घंटे में इस अस्पताल में एईएस से किसी भी बच्चे की मौत होने की खबर नहीं है.

मंगलवार तक केजरीवाल अस्पताल में 19 बच्चों की और पूर्वी चंपारण जिले में एक बच्चे की इस रोग से मौत हुई थी.

राज्य के स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी एक विज्ञप्ति में कहा गया है कि दरभंगा, सुपौल और मधुबनी के कुल 11 चिकित्सा अधिकारियों की तैनाती मुजफ्फरपुर में की गई है.

इसके अलावा अन्य जिलों में तैनात तीन बाल रोग विशेषज्ञों और 12 नर्सों को मुजफ्फरपुर के सिविल सर्जन को रिपोर्ट करने का निर्देश दिया गया है.

इंसेफलाइटिस पीड़ित बच्चों के इलाज के लिए टीम गठित करने संबंधी याचिका पर सुनवाई करेगा न्यायालय

उच्चतम न्यायालय ने बिहार के मुजफ्फरपुर में एक्यूट इंसेफलाइटिस सिंड्रोम (दिमागी बुखार) से पीड़ित बच्चों के इलाज के लिए तत्काल चिकित्सा विशेषज्ञों का दल गठित करने का निर्देश केंद्र सरकार को देने का अनुरोध करने वाला याचिका पर सुनवाई के लिए बुधवार को हामी भरी.

जस्टिस दीपक गुप्ता और जस्टिस सूर्यकांत ने याचिकाकर्ता द्वारा मामले को जल्दी सूचीबद्ध करने का अनुरोध करने पर याचिका पर सोमवार को सुनवाई करने की बात कही.

याचिका में अनुरोध किया गया है कि न्यायालय केंद्र को निर्देश दे कि वह इस महामारी से जूझ रहे बच्चों के प्रभावी इलाज के लिए सभी उपकरण और अन्य सहायता उपलब्ध कराए.

वकील मनोहर प्रताप ने अपनी यचिका में दावा किया है कि वह दिमागी बुखार के कारण बीते हफ्ते 126 से ज़्यादा बच्चों की मौत से व्यथित हैं.

मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री, स्वास्थ्य मंत्री के ख़िलाफ़ स्थानीय अदालत में याचिका

इस बीच एईएस रोग के कारण बड़ी संख्या में बच्चों की मौत को लेकर मुजफ्फरपुर निवासी मोहम्मद नसीम ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन और अश्विनी कुमार चौबे तथा राज्य के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए उनके खिलाफ एक स्थानीय अदालत में शिकायत दर्ज कराई है.

मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत ने मामले की सुनवाई की तारीख 25 जून मुकर्रर की है.