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पश्चिम बंगाल के हिंसा प्रभावित भाटपारा में फिर हिंसा, भाजपा का प्रतिनिधिमंडल पहुंचा

भाजपा का प्रतिनिधिमंडल पार्टी अध्यक्ष अमित शाह को हिंसा से संबंधित रिपोर्ट सौंपगा. पश्चिम बंगाल के भाटपारा में बीते 20 जून को दो समूहों के बीच हिंसक झड़प में दो लोगों की मौत हो गई थी. माना जा रहा है कि दोनों समूहों के लोग तृणमूल कांग्रेस और भाजपा से जुड़े हुए थे.

एसएस अहलूवालिया. (फोटो साभार: एएनआई)

एसएस अहलूवालिया. (फोटो साभार: एएनआई)

कोलकाता: पूर्व केंद्रीय मंत्री एसएस अहलूवालिया के नेतृत्व में भाजपा का एक तीन सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल शनिवार को हिंसा प्रभावित उत्तरी 24 परगना के भाटपारा पहुंचा, जहां दो समूहों के बीच संघर्ष में दो लोगों की जान चली गई थी, जबकि कई अन्य घायल हो गए थे.

इस बीच उत्तरी 24 परगना जिले के भाटपारा इलाके में एक बार फिर दो विरोधी पक्षों में झड़प होने का मामला सामने आया है जहां धारा 144 लगी है. पुलिस ने उपद्रवी भीड़ को तितर-बितर करने के लिए लाठीचार्ज किया.

भाजपा के एक केंद्रीय प्रतिनिधिमंडल के इलाके का दौरा करके जाने के कुछ देर बाद यह झड़प हुई.

जैसे ही प्रतिनिधिमंडल वहां से रवाना हुआ दो समूहों- एक भाजपा के नेतृत्व वाला दूसरा तृणमूल कांग्रेस- में झड़प हो गई और इस दौरान दोनों तरफ से देसी बम चले और पथराव किया गया. इस घटना में कुछ लोग घायल हो गए.

तृणमूल कांग्रेस और भाजपा से जुड़े बताए जा रहे दो समूहों के बीच बीते 20 जून को झड़प में दो लोगों की मौत हो गई और 11 लोग घायल हो गए.

इस बीच भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व ने बंगाल से आने वाले सांसद अहलूवालिया के नेतृत्व वाले दल से उत्तरी 24 परगना के भाटपारा पहुंचा. उनके साथ सांसद सत्यपाल सिंह और बीडी राम थे. इसके अलावा राज्य के कुछ और नेता भी उनके साथ थे.

सिंह और राम पूर्व पुलिस अधिकारी हैं और क्रमश: उत्तर प्रदेश और झारखंड से सांसद हैं. उनके साथ बैरकपुर से सांसद अर्जुन सिंह भी थे.

इस दौरान एसएस अहलूवालिया ने कहा, ‘17 साल का एक बच्चे को गोली मार दी गई जब वह कुछ खरीदने गया था. पुलिस ने बेहद नजदीक से उसे सिर में गोली मारी. एक फेरीवाले को गोली मार दी गई, उसकी तुरंत मौत हो गई. एक अन्य अस्पताल में भर्ती है. सात लोगों को गोली मारी गई. पुलिस बदमाशों के लिए लाठी और निर्दोषों के लिए गोली का इस्तेमाल कर रही है. इस मामले की जांच होनी चाहिए.’

यह प्रतिनिधिमंडल मृतकों के परिजनों से मुलाकात करेगा और स्थानीय लोगों से भी बातचीत करेगा. प्रतिनिधिमंडल पार्टी अध्यक्ष अमित शाह को अपनी रिपोर्ट सौंपेगा.

इससे पहले दिन में नेता विपक्ष अब्दुल मन्नान और माकपा नेता सुजान चक्रबर्ती के नेतृत्व में माकपा और कांग्रेस के एक संयुक्त प्रतिनिधिमंडल ने प्रभावित इलाकों बरयुईपारा, जगददल, भाटपारा का दौरा किया. उन्होंने हत्याओं की सीबीआई जांच की मांग की.

शुक्रवार को भाजपा नेतृत्व ने भी इस घटना का सच सामने लाने के लिये सीबीआई जांच की मांग की.

लंबे समय से तृणमूल कांग्रेस का गढ़ रहे भाटपारा में चुनाव के बाद विरोधी गुटों में संघर्ष के मामले कई बार सामने आ चुके हैं. 23 मई को लोकसभा चुनाव परिणाम आने के बाद पश्चिम बंगाल के भाटपारा और कांकिनारा में कई दिनों तक हिंसा हुई थी.

भाटपारा में लोगों ने निषेधाज्ञा का उल्लंघन किया, पुलिसकर्मियों पर पत्थर फेंके, 16 गिरफ्तार

स्थानीय और भाजपा नेताओं ने निषेधाज्ञा का उल्लंघन करते हुए शुक्रवार को उन दो लोगों के शवों के साथ रैली निकाली जिनकी उत्तर 24 परगना जिले के भाटपाड़ा क्षेत्र में बदमाशों के दो गुटों के बीच झड़प के दौरान गोलीबारी में मौत हो गई थी.

क्षेत्र के हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं. इलाके में निषेधाज्ञा लागू है और भारी संख्या में पुलिस बल को तैनात किया गया है.

पुलिस अधिकारी ने कहा कि झड़पों के संबंध में 16 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है.

पश्चिम बंगाल के राज्यपाल केसरीनाथ त्रिपाठी ने चिंता जताते हुए कहा, ‘न केवल भाटपारा बल्कि पूरे राज्य में शांति बनाए रखने की आवश्यकता है.’

बीते शुक्रवार को भाटपारा और जगद्दल क्षेत्रों में दुकानें और बाजार बंद रहे. इंटरनेट सेवाओं पर भी अस्थायी रूप से रोक लगा दी गई है. इलाके के भीतर और उसके आसपास धारा 144 लागू है.

हालांकि 20 जून की रात को किसी अप्रिय घटना की खबर नहीं मिली. कई लोगों ने शुक्रवार सुबह कांकीनारा बाजार के निकट धमाके की आवाज सुनाई देने की बात कही. हालांकि पुलिस ने अभी तक इस दावे की पुष्टि नहीं की है.

भाजपा ने राज्य प्रशासन पर ‘तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं’ की तरह काम करने का आरोप लगाया. पार्टी के राष्ट्रीय सचिव राहुल सिन्हा ने भाटपारा आगजनी घटना की सीबीआई जांच कराने की मांग की.

राज्य सरकार के सूत्रों ने कहा कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों को घटना में शामिल लोगों के खिलाफ उनकी राजनीतिक पहचान का ख्याल किए बिना सख्त कार्रवाई का निर्देश दिया है.

भाजपा ने भाटपारा मामले में विरोध मार्च निकाले

भाजपा ने भाटपारा में दो लोगों की हत्या के विरोध में बीते शुक्रवार को मार्च निकाला और बैरकपुर पुलिस कमिश्नर कार्यालय का घेराव किया. सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस ओर विपक्षी भाजपा ने क्षेत्र में संकट पैदा करने के लिए एक दूसरे पर आरोप मढ़े हैं.

भाजपा सांसद अर्जुन सिंह के बीते 20 जून को दो शवों के साथ जुलूस निकालने के बाद उत्तर 24 परगना जिले के भाटपाड़ा में शुक्रवार को पुलिस और भाजपा के सदस्यों के बीच झड़पें हुईं.

घटना को लेकर विरोध तेज करते हुए भाजपा ने दिन में पश्चिम बंगाल के कई भागों में मार्च निकाले.

शुक्रवार की घटना पर चिंता जताते हुए भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष दिलीप घोष ने सवाल उठाया कि तृणमूल सरकार क्षेत्र में शांति फिर से वापस लाने की इच्छुक है या नहीं.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)