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महाराष्ट्रः मुख्यमंत्री फड़णवीस समेत 18 मंत्रियों ने नहीं चुकाया पानी का बिल, डिफॉल्टर घोषित

एक आरटीआई के जवाब में बीएमसी ने बताया कि मुख्यमंत्री के आधिकारिक बंगले ‘वर्षा’ पर लगभग साढ़े सात लाख रुपये का पानी का बिल बकाया है, जिसके लिए उन्हें डिफॉल्टर घोषित किया गया है. डिफॉल्टरों की सूची में मुख्यमंत्री के अलावा पंकजा मुंडे, एकनाथ शिंदे, विनोद तावड़े जैसे बड़े नेताओं के नाम भी शामिल हैं.

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़णनवीस. (फोटो: पीटीआई)

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़णनवीस. (फोटो: पीटीआई)

मुंबईः बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़णवीस के बंगले को डिफॉल्टर घोषित किया है.

जनसत्ता की रिपोर्ट के मुताबिक, नगरपालिका के अनुसार, मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़णवीस के आधिकारिक बंगले ‘वर्षा’ पर 7.44 लाख रुपए का पानी बिल बकाया है.

मुख्यमंत्री का यह बंगला मुंबई के मालाबार हिल इलाके में है. बीएमसी ने मुख्यमंत्री के साथ कई अन्य लोगों को भी डिफॉल्टर घोषित किया है, जिसमें महाराष्ट्र सरकार के 18 मंत्रियों के भी नाम हैं.

आरटीआई कार्यकर्ता शकील अहमद शेख ने बीएमसी से आरटीआई के जरिए यह जानकारी मांगी थी. आरटीआई से मिली जानकारी के मुताबिक, इस सूची में मुख्यमंत्री के अलावा राज्य सरकार के 18 मंत्री शामिल हैं, जिन पर पानी बिल के रूप में लाखों रुपये बकाया हैं.

इनमें पंकजा मुंडे, एकनाथ शिंदे, सुधीर मुनगंटीवार, विनोद तावड़े जैसे बड़े नेताओं के नाम शामिल हैं. आरटीआई के जवाब के मुताबिक, इन सभी ने वर्ष 2001 से पानी बिल का भुगतान नहीं किया है.

हालांकि आरटीआई में यह भी सामने आया है कि इतना बकाया होने के बावजूद बीएमसी ने अभी तक इनमें से किसी के खिलाफ कोई  कार्रवाई नहीं की है.

राज्य के मंत्रियों के अलावा यहां के सरकारी गेस्ट हाउस ‘सह्याद्री’ पर भी बीएमसी का बिल बकाया है. इस सरकारी गेस्ट हाउस पर 12,04,390 लाख रुपए का बिल बकाया है.

मंत्रियों द्वारा पानी का बिल चुकता नहीं करने का यह पहला मामला नहीं है. इससे पहले इस साल मई में आवास एवं शहरी मंत्रालय ने बताया था कि कई केंद्रीय मंत्रियों ने फरवरी तक अपने सरकारी बंगलों का बकाया नहीं चुकाया था.

मंत्रालय ने एक आरटीआई के जवाब में बताया था कि विजय गोयल, प्रकाश जावड़ेकर, निर्मला सीतारमण और सुषमा स्वराज समेत कई केंद्रीय मंत्रियों ने अपने सरकारी बंगलों के फरवरी तक के बकाया का भुगतान नहीं किया था.

वहीं, केंद्रीय अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी और पूर्वोतर क्षेत्र विकास राज्य मंत्री जितेन्द्र सिंह ने भी अपने बंगलों के बकाया का भुगतान नहीं किया था.

मंत्रालय के एक अधिकारी ने कहा था कि यह बकाया बंगले में उपलब्ध फर्नीचर तथा अन्य वस्तुओं से संबंधित थे. मंत्रालय के अनुसार, नकवी और सिंह पर इस अवधि के दौरान क्रमश: 1.46 लाख और 3.18 लाख रुपये बकाया थे.