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झारखंड: भीड़ द्वारा मुस्लिम युवक की हत्या मामले में 11 गिरफ़्तार, दो पुलिसकर्मी निलंबित

झारखंड के सरायकेला खरसावां ज़िले में 17 जून को चोरी के शक में तबरेज़ अंसारी की बेरहमी से घंटों पिटाई की गई, जिसके बाद उन्होंने अस्पताल में दम तोड़ दिया. उनसे जबरन ‘जय श्री राम’ और ‘जय हनुमान’ के नारे भी लगवाए गए थे.

तबरेज़ अंसारी. (फोटो साभार: फेसबुक)

तबरेज़ अंसारी. (फोटो साभार: फेसबुक)

सरायकेला खरसावां: झारखंड के सरायकेला खरसावां जिले में भीड़ हिंसा का शिकार 24 साल के मुस्लिम युवक तबरेज अंसारी की मौत के मामले में पुलिस में सोमवार को 11 लोगों को गिरफ्तार कर लिया.

पुलिस ने बताया कि कथित चोरी को लेकर युवक के साथ भीड़ ने मारपीट की थी. इस घटना का एक कथित वीडियो सामने आया था, जिसमें कुछ लोग पीड़ित को ‘जय श्री राम’ और ‘जय हनुमान’ बोलने के लिए मजबूर करते हुए दिख रहे हैं.

पुलिस ने बताया कि तबरेज अंसारी की मौत के मामले की जांच के लिए एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया है.

पुलिस ने बताया कि घटना के संबंध में दो पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है. निलंबित किए पुलिसकर्मी खरसावां और सिनी पुलिस थानों के प्रभारी अधिकारी थे.

सरायकेला खरसावां के पुलिस अधीक्षक (एसपी) कार्तिक एस. ने कहा कि 17 जून को अंसारी और दो अन्य चोरी की मंशा से रात को सरायकेला गांव के एक घर में घुसे थे.

इस दौरान घर में रहने वाले लोग जाग गए और चिल्लाने लगे जिसके बाद गांव वालों ने अंसारी को पकड़ लिया और उसके साथ मारपीट की, जबकि उसके साथी फरार हो गए.

एसपी ने संवाददाताओं से कहा कि अंसारी के पास से कुछ बेशकीमती सामान बरामद हुए, जो उन्होंने और उनके साथियों ने कथित तौर पर अन्य गांवों से चुराए थे.

पुलिस सुबह मौके पर पहुंची और गांववालों की शिकायत के आधार पर अंसारी को जेल ले गई. इससे पहले उन्हें प्राथमिक उपचार दिया गया.

एसपी ने बताया, जेल में उसी दिन उनकी हालत बिगड़ने पर उन्हें सदर अस्पताल ले जाया गया जहां मालूम हुआ कि उन्हें बहुत चोटें आईं हैं. अंसारी को बाद में जमशेदपुर के टाटा मेन अस्पताल ले जाया गया, जहां उन्होंने दम तोड़ दिया.

इससे पहले पुलिस ने बताया कि अंसारी को रात में एक खंभे से बांधकर लाठियों से पीटा गया था. एसपी ने बताया कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा यह वीडियो पुलिस को अंसारी के परिवार ने उपलब्ध कराया है और इसकी जांच की जा रही है.

उन्होंने कहा, ‘हम सभी पहलुओं को देख रहे हैं. अंसारी के परिवार के सदस्यों ने अपनी शिकायत में कुछ अज्ञात शरारती तत्वों का जिक्र किया है. उसके आधार पर हम पहले ही पापु मंडल समेत 11 लोगों को गिरफ्तार कर चुके हैं.’

उन्होंने कहा कि स्थिति सामान्य है, इसके बावजूद गांव में पुलिस की एक टुकड़ी तैनात कर दी गई है. पुलिस अधीक्षक ने कहा, अभी पोस्टमार्टम रिपोर्ट नहीं मिली है.

अंसारी की पत्नी शाइस्ता परवीन ने पुलिस पर अंसारी को पहले अस्पताल ले जाने की बजाए जेल ले जाने का आरोप लगाया है. इस बीच विपक्षी कांग्रेस ने कहा कि उसने घटना की जांच के लिए सात सदस्यीय टीम का गठन किया है.

झारखंड प्रदेश कांग्रेस के एक नेता ने कहा, ‘हम मृतक के परिवार को 25 लाख रुपये का मुआवजा और उनकी पत्नी को नौकरी दिए जाने की मांग करते हैं.’

इस घटना पर देशभर की विभिन्न राजनीतिक पार्टियां आक्रोश जाहिर कर रही हैं.

पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की प्रमुख एवं जम्मू कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने कहा कि अंसारी को भाजपा शासित झारखंड में पीट पीटकर मार डाला गया.

उन्होंने ट्वीट कर कहा, ‘हिंदू भीड़ ने उस व्यक्ति को बेरहमी से मारा-पीटा क्योंकि उन्होंने ‘जय श्रीराम’ बोलने से इनकार कर दिया था. क्या यह एनडीए-2 का नया भारत है? ये कौन सा तरीका है सबका विश्वास जीतने का?’

ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के प्रमुख एवं सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि ऐसी घटनाएं अब आम हो गई हैं.

उन्होंने ट्वीट किया, ‘लिंचिंग के लगभग सभी मामले ऐसे ही होते हैं. पहले एक मुस्लिम की गोरक्षक हत्या करते हैं, फिर सबसे बेतुका बहाना शुरू होता है- गोमांस रखने का संदेह, चोरी, तस्करी और लव जिहाद. सबका विश्वास जीतने के लिए इतना किया जा रहा है कि महज शक के आधार पर हमें मारा जा रहा है.’

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद ने राज्यसभा में इस घटना का उल्लेख करते हुए कहा कि झारखंड ‘भीड़ हिंसा का अड्डा’ बन गया है.

आजाद ने कहा, ‘दलितों और मुस्लिमों की वहां हर हफ्ते हत्या हो रही है. प्रधानमंत्री मोदी हम सबका साथ सबका विकास की लड़ाई में आपके साथ हैं लेकिन लोगों को यह दिखना चाहिए. हमें यह कहीं नहीं दिख रहा.’