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अधीर रंजन की लोकसभा में प्रधानमंत्री के ख़िलाफ़ अशोभनीय टिप्पणी, मांगी माफी

लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर आए धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान लोकसभा में कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि उन्होंने उक्त टिप्पणी भाजपा के कुछ नेताओं द्वारा मोदी की तुलना स्वामी विवेकानंद से करने पर नाराज होकर की थी. उन्होंने माफी मांगते हुए कहा कि हिंदी अच्छी नहीं होने के कारण वह ऐसा बोल बैठे.

कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी. (फोटो साभार: एएनआई)

कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी. (फोटो साभार: एएनआई)

नई दिल्ली: लोकसभा में कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी ने सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए आपत्तिजनक शब्द का इस्तेमाल किया, हालांकि बाद उन्होंने माफी मांगते हुए कहा कि हिंदी अच्छी नहीं होने के कारण वह ऐसा बोल बैठे.

चौधरी ने स्पष्टीकरण देते हुए कहा कि उनका इरादा प्रधानमंत्री का अपमान करना नहीं था और यदि मोदी को उनकी टिप्पणी से ठेस पहुंची है तो वह माफी मांगते हैं.

वहीं भाजपा ने चौधरी और उनकी पार्टी पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि यह अहंकार उन्हें समाप्त कर देगा.

लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर आए धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान चौधरी ने कहा कि उन्होंने उक्त टिप्पणी भाजपा के कुछ नेताओं द्वारा मोदी की तुलना स्वामी विवेकानंद से करने पर नाराज होकर उसके जवाब में की.

यद्यपि चौधरी ने यह टिप्पणी संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी द्वारा यह कहे जाने के तत्काल बाद कही कि कम से कम भाजपा के सदस्य यह नहीं कहते कि ‘इंडिया इज इंदिरा, इंदिरा इज इंडिया.’

चौधरी की टिप्पणी को बाद में लोकसभाध्यक्ष ओम बिरला ने सदन की कार्यवाही से निकाल दिया. हालांकि, भाजपा के कार्यकारी अध्यक्ष जे पी नड्डा ने उक्त टिप्पणी पर कड़ी प्रतिक्रिया जताते हुए कहा कि यह बेहद निंदनीय है.

नड्डा ने कांग्रेस नेता की टिप्पणी की निंदा करते हुए ट्वीट किया, ‘कांग्रेस लगातार प्रधानमंत्री का अपमान कर रही है जिन्हें 125 करोड़ लोगों ने चुना है. देश के लोग प्रत्येक चुनाव में कांग्रेस को अपना जवाब दे रहे हैं. उनका अहंकार उन्हें समाप्त कर देगा.’

पश्चिम बंगाल से कांग्रेस नेता चौधरी ने बाद में संसद भवन परिसर में संवाददाताओं से कहा कि उनकी हिंदी अच्छी नहीं है और उन्हें गलतफहमी हुई और उन्होंने उक्त टिप्पणी भाजपा द्वारा मोदी की तुलना स्वामी विवेकानंद से करने पर गुस्से में आकर की.

उन्होंने कहा कि उनका इरादा प्रधानमंत्री को आहत करना या उनका अपमान करना नहीं था और यदि प्रधानमंत्री को उनके शब्दों से ठेस पहुंची है तो वह माफी मांगते हैं.

उन्होंने कहा, ‘ऐसा गलतफहमी के कारण हुआ. मेरी हिंदी अच्छी नहीं है. यदि प्रधानमंत्री को ठेस पहुंची है तो इसके लिए ‘सॉरी’ बोलता हूं. उन्हें ठेस पहुंचाने की मेरी कोई मंशा नहीं थी.’

उन्होंने कहा, ‘मेरा मानना है कि आप निश्चित तौर पर गलत समझ रहे हैं. मैंने ‘गंदी नाली’ नहीं कहा, मैंने ‘नाली’ कहा. यदि प्रधानमंत्री को खराब लगा है, तो मुझे दुख होगा. मैंने ऐसा उन्हें ठेस पहुंचाने के लिए नहीं कहा. मैं यह कहने पर उत्तेजित हुआ जब भाजपा सांसद ने उनकी तुलना स्वामी विवेकानंद से की जिनका बंगाल में काफी सम्मान किया जाता है. यदि प्रधानमंत्री को ठेस पहुंची है तो मैं उनसे निजी तौर पर माफी मांगूगा.’

उन्होंने संसद के बाहर संवाददाताओं से कहा, ‘मेरी हिंदी अच्छी नहीं है क्योंकि मैं हिंदी भाषी नहीं हूं. नाली से मेरा मतलब, एक ‘चैनल’ से था.’

उन्होंने कहा कि वह कहना चाह रहे थे कि ‘मां गंगा और एक नाली’ के बीच कोई तुलना नहीं है. उन्होंने कहा, ‘मैं कभी भी ‘गंदी नाली’ नहीं कहना चाहता था. मेरा ऐसा कहने का कभी इरादा भी नहीं होगा. वह मेरे भी प्रधानमंत्री हैं.’