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राजस्थान: किसान ने की आत्महत्या, गहलोत सरकार पर वादा पूरा नहीं करने का लगाया आरोप

राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले में एक किसान ने कर्ज के चलते कथित तौर पर सल्फास की गोलियां खाकर आत्महत्या कर ली. हालांकि, राज्य के उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट का दावा है कि मृतक किसान पर कर्ज नहीं था.

Sriganganagar

जयपुर: राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले के रायसिंहनगर थाना क्षेत्र में एक किसान ने कथित तौर पर सल्फास की गोलियां खाकर आत्महत्या कर ली.

थाना अधिकारी किशन सिंह ने मंगलवार को बताया कि किसान सोहन लाल कडेला (45) ने रविवार को सल्फास की गोलियां खाकर कथित तौर पर आत्महत्या कर ली थी. सोमवार को पोस्टमार्टम के बाद शव अंतिम संस्कार के लिए परिजनों को सौंप दिया गया.

उन्होंने बताया कि इस संबंध सीआरपीसी की धारा 174 के तहत मामला दर्ज किया गया है. बाद में मृतक के पड़ोसी बलबीर ने एक कागज पेश कर दावा किया कि यह सुसाइड नोट है जो मृतक के घर से बरामद किया गया है.

उन्होंने बताया कि इस सुसाइड नोट की जांच की जा रही है. सुसाइड नोट की लिखावट का मृतक की लिखावट से मिलान किया जाएगा.

पुलिस के अनुसार मृतक किसान पर लगभग ढाई लाख का कर्ज था और कथित सुसाइड नोट के अनुसार वे कर्ज माफ नहीं होने से परेशान थे और उन्होंने इसके लिए राज्य सरकार पर निशाना साधा है.

एनडीटीवी के मुताबिक किसान ने सुसाइड नोट में अशोक गहलोत और सचिन पायलट द्वारा अपने वादे को पूरा नहीं करने का आरोप लगाया है. चैनल ने सूत्रों के हवाले से लिखा है, ‘उन्होंने वादा किया था कि उनकी सरकार के सत्ता में आने के 10 दिनों के भीतर कर्ज माफ कर दिए जाएंगे. उनकी सरकार अब सत्ता में है, लेकिन उनके वादे का क्या हुआ?’

इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक, आत्महत्या से पहले सोशल मीडिया पर अपलोड किए एक वीडियो में पीड़ित किसान को ये कहते हुए सुना जा सकता है कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की सरकार ने किसानों को मुआवजा दिया लेकिन आज तक इससे किसानों को फायदा नहीं हुआ है और उलटे बैंक किसानों को परेशान कर रहे हैं.

किसान सोहन लाल ने वीडियो में कहा कि वो आत्महत्या करने जा रहे हैं और इसके लिए किसी को जिम्मेदार न ठहराया जाए, लेकिन ये गहलोत सरकार के लिए चेतावनी है. साथी किसानों को अलविदा कहने से पहले, उन्होंने कहा कि किसानों को इसका लाभ मिलना चाहिए और गांववालों से कहा कि वो उनके परिवार का खयाल रखें.

श्रीगंगानगर के एसपी हेमंत शर्मा ने कहा कि सोहन लाल पर 2.5 लाख रुपये का कर्ज था और पुलिस आत्महत्या के सभी संभावित कारणों की जांच कर रही है.

उन्होंने कहा, ‘प्रथम दृष्टया ऐसा लगता है कि वे कमाई के लिए खेती के अलावा अन्य चीजों पर भी निर्भर थे. वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी में एसएचओ इसकी जांच कर रहे हैं.’

बीते मंगलवार को पत्रकारों से बात करते हुए उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट ने कहा, ‘मामले में जांच चल रही है. कहीं भी और कभी भी अगर कोई व्यक्ति मरता है या आत्महत्या करता है तो ये हमारे लिए पूरी तरह से अस्वीकार्य है. मुझे बताया गया है कि मृतक व्यक्ति कर्ज में नहीं था, लेकिन जो भी कारण है, एक व्यक्ति की मौत हुई है. बेहद दुखद मामला है और राजस्थान सरकार राज्य में किसानों के भविष्य को बेहतर करने के लिए पूरी तरह से समर्पित है.’

वहीं, बीते सोमवार को स्थानीय भाजपा सांसद निहाल चंद मेघवाल ने लोकसभा स्पीकर ओम बिड़ला से मुलाकात और इस घटना से अवगत कराया. मेघवाल ने कहा कि सोहन लाल के पास छह बीघा जमीन थी और दो बैंक खातों के जरिए उन्होंने लाखों रुपये का लोन ले रखा था.

राजस्थान की कांग्रेस सरकार पर हमला बोलते हुए, पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने कहा कि कांग्रेस अपने वादों को पूरा करने में नाकाम रही है और किसान आत्महत्या बेहद निंदनीय घटना है.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)