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छत्तीसगढ़: युवक ने पुलिस हिरासत में लगाई फांसी, थाना प्रभारी सहित 10 पुलिसकर्मी निलंबित

घटना सूरजपुर जिले के चंदौरा थाने की है. पति-पत्नी के बीच विवाद को लेकर युवक को पूछताछ के लिए थाना ले जाया गया था. परिजनों का आरोप है कि युवक की मौत पुलिस मारपीट से हुई है.

Chhattisgarh Surajpur

बलरामपुर: छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले में एक युवक ने थाने में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. घटना के बाद पुलिस अधीक्षक ने थाना प्रभारी समेत 10 पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया है.

सूरजपुर जिले के पुलिस अधिकारियों ने बताया कि सूरजपुर जिले के चंदौरा थाने में कृष्णा सारथी (30) ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. घटना के बाद पुलिस अधीक्षक ने थाना प्रभारी समेत 10 पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया है.

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि बलरामपुर थाना क्षेत्र निवासी कृष्णा सारथी मंगलवार को पत्नी से मिलने अपने ससुराल सूरजपुर जिले के चंदौरा थाना के डोमहत गांव गए थे. ससुराल में सारथी और उनकी पत्नी के बीच विवाद हो गया. विवाद के बाद सारथी ने पत्नी की पिटाई कर दी. घटना के बाद सारथी अपने घर बलरामपुर आ गए थे.

उन्होंने बताया कि इधर घटना के बाद युवक के ससुर ने दामाद सारथी के खिलाफ चंदौरा थाने में शिकायत दर्ज कराई. शिकायत के बाद बुधवार को सूरजपुर जिले की पुलिस बलरामपुर से पकड़कर सारथी को चंदौरा थाना ले गई तथा पूछताछ के बाद उन्हें हवालात में बंद कर दिया.

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि बुधवार को दोपहर 12 बजे युवक ने हवालात के भीतर कंबल से फंदा बनाकर फांसी लगा ली.

उन्होंने बताया कि पुलिस हिरासत में युवक की मौत की जानकारी मिलते ही सूरजपुर जिले के पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंच गए. वहीं, पुलिस अधीक्षक जीएस जायसवाल ने इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए थाना प्रभारी आरडी सिंह समेत 10 पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया है. अधिकारियों ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है.

दैनिक भास्कर के मुताबिक, आरोप है कि थाने लाने के बाद युवक के साथ पुलिसकर्मियों ने मारपीट की थी. युवक के गर्दन और कूल्हे में चोट के निशान थे. हालांकि मौत के कारण का पता नहीं चला है.

मृतक के परिजनों ने आरोप लगाया है कि पुलिस ने कृष्णा सारथी को पीटकर मार डाला और बचने के लिए फांसी के फंदे पर लकटा दिया.

पुलिस का कहना है कि व्यक्ति ने फांसी लगाने के लिए हवालात में दिए जाने वाले कंबल को फाड़कर एक हिस्से का इस्तेमाल किया है. मामले की पड़ताल में पता चला है कि युवक के खिलाफ कोई अपराध दर्ज नहीं था.

छह घंटे बाद शव को फंदे से उतारकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया. परिजन भी पुलिस निगरानी में हैं.

जिस हवालात में युवक ने आत्महत्या की है, उसे सील कर दिया गया है. सवाल उठ रहा है कि दिनदहाड़े युवक ने थाने में खुदकुशी कर ली और ड्यूटी पर मौजूद पुलिसकर्मियों को इसकी भनक कैसे नहीं लगी, जबकि कई पुलिसकर्मी थाने में थे.

मृतक के ससुराल वाले आरोप लगा रहे हैं कि कृष्ण उनके घर आकर दरवाजा पीट रहा था. वह पहले पत्नी सुंदरमती के साथ मारपीट करता था, इस डर से थाने में शिकायत की थी.

वहीं, मृतक के चाचा का कहना है कि ससुराल वालों ने ही फोन कर कृष्णा को बुलाया था. उसकी पत्नी भी फोन पर बात की थी. मृतक के चार बच्चे हैं. तीन बच्चे कृष्णा के साथ रहते थे, जबकि छोटा बच्चा मां के साथ रहता था.

इस मामले में जिन पुलिसकर्मियों को निलंबित किया है उनमें एएसआई रामदास सिंह, शिवलोचन पैकरा, प्रधान आरक्षक देवराज सिंह, आरक्षक रवि शंकर पैकरा, संत पैकरा, प्रमोद सिंह, संजय सिंह, महिला आरक्षक जसिंता खलखो, नगर सैनिक शांति मरावी व शोमनाथ सिंह शामिल हैं.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)