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उत्तर प्रदेश: मेरठ से हिंदुओं के पलायन की ख़बरों को मुख्यमंत्री आदित्यनाथ ने किया ख़ारिज

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि हम सत्ता में हैं, ऐसे में किसी के सामने पलायन की नौबत नहीं आ सकती है. मेरठ में जो कुछ लोग इधर-उधर गए हैं, वह व्यक्तिगत विवादों के चलते हुआ है.

योगी आदित्यनाथ (फोटो: पीटीआई)

योगी आदित्यनाथ (फोटो: पीटीआई)

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले में स्थित प्रह्लाद नगर से हिंदुओं के पलायन की खबरों को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने खारिज कर दिया है.

जी न्यूज के अनुसार, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि कोई पलायन नहीं हुआ है. उन्होंने कहा, ‘हम सत्ता में हैं, ऐसे में किसी के सामने पलायन की नौबत नहीं आ सकती है. मेरठ में जो कुछ लोग गए हैं, वह व्यक्तिगत विवादों के चलते हुआ है.’

उन्होंने साफ तौर से कहा कि जब से उनकी पार्टी सत्ता में आई है, तब से कोई पलायन नहीं हुआ है.

दरअसल, मीडिया में खबरें आई हैं कि एक समुदाय के लोग दूसरे समुदाय पर परेशान करने का आरोप लगा रहे हैं. इस मामले में पुलिस प्रशासन पहले ही कह चुकी है कि पलायन जैसी कोई बात नहीं है. ये मामला आपसी विवाद का है.

हालांकि प्रहलाद नगर इलाके में कई मकानों और प्लाट्स पर ‘यह मकान बिकाऊ है’ लिखा हुआ है.

मीडिया रिपोर्ट्स में आरोप लगाया गया है कि मेरठ शहर के लिसाड़ी गेट थाना क्षेत्र अंतर्गत प्रह्लाद नगर में 100 से ज्यादा हिंदू परिवारों को पलायन हो गया है. ये परिवार अपना मकान बेचकर पलायन कर चुके हैं.

आरोप है कि इनमें से अधिकांश मकानों की खरीद-बिक्री हाल के वर्षों में हुई है. यहां रहने वाले दूसरे समुदाय के लोगों को औने-पौने दाम पर मकान बेचकर चले गए हैं.

इस दौरान प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े करने पर मुख्यमंत्री ने कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा को भी जवाब दिया. दरअसल, प्रियंका गांधी ने ट्वीट के जरिए उत्तर प्रदेश की कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े किए थे.

प्रियंका ने अपने ट्वीट में कहा था, ‘पूरे उत्तर प्रदेश में अपराधी खुलेआम मनमानी करते घूम रहे हैं. एक के बाद एक अपराधिक घटनाएँ हो रही हैं. मगर प्रदेश की भाजपा सरकार के कान पर जूँ तक नहीं रेंग रही. क्या उत्तर प्रदेश सरकार ने अपराधियों के सामने आत्मसमर्पण कर दिया है.’

प्रियंका ने अपने ट्वीट में राज्य में हाल ही में कुछ आपराधिक घटनाओं की अखबारों की कटिंग भी टैग की है. उनमें बदायूं में बंदूक की नोक पर तलाशी, अमेठी में फायरिंग और उन्नाव जेल में कैदियों द्वारा बंदूक लहराने जैसी घटनायें शामिल हैं.

इसके जवाब में सीएम योगी ने कहा कि उनका यह बयान अंगूर खट्टे हैं वाली बात को चरितार्थ करता है. प्रियंका के भाई और कांग्रेस के अध्यक्ष राहुल गांधी को उत्तर प्रदेश की जनता ने सिरे से खारिज कर दिया है, इसलिए वह दिल्ली में बैठकर इटली और इंग्लैंड में सुर्खियों में बने रहने के लिए इस तरह की बातें कर रही हैं.

इस बारे में जब प्रदेश के कानून मंत्री ब्रजेश पाठक से पत्रकारों ने पूछा तो उन्होंने कहा कि जबसे प्रदेश में भाजपा सरकार सत्ता में आई है, अपराधियों का नेटवर्क पूरी तरह से ध्वस्त हो गया है.

उन्होंने कहा कि ‘प्रदेश में अपराधियों का नेटवर्क पूरी तरह से ध्वस्त हो गया है. हमारी सरकार अपराधियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई कर रही है. जो इक्का दुक्का घटनायें हो रही है वह आपसी रंजिश के कारण हो रही है और ऐसे मामलो में पुलिस तुरंत कार्रवाई कर रही है.’

वहीं, प्रियंका गांधी के ट्वीट के जवाब में उत्तर प्रदेश पुलिस ने कहा था, ‘गम्भीर अपराधों में यूपी पुलिस द्वारा अपराधियों के विरुद्ध कठोर कार्यवाही की गयी है. पिछले 2 वर्षों में 9225 अपराधी गिरफ़्तार हुए और 81 मारे गये हैं. रासुका में प्रभावी कार्यवाही कर लगभग 2 अरब की सम्पत्ति ज़ब्त की गयी है, डकैती, हत्या, लूट एवं अपहरण जैसी घटनाओं में अप्रत्याशित कमी आई है.’

बता दें कि इससे पहले समाजवादी पार्टी ने भी प्रदेश की कानून व्यवस्था को लेकर उत्तर प्रदेश सरकार पर आरोप लगाया था.